UPBIL/2018/70352

मर्द को दर्द नहीं होता रीव्यू: ज़रूर देखें!

मर्द को दर्द नहीं होता रीव्यू: ज़रूर देखें!

mard ko dard nahi hota
जब मैंने पिछले साल एक फिल्म फेस्टिवल में पहली बार मर्द को दर्द नहीं होता  देखी, तो मुझे माटुंगा के एक फिल्म दीवाने के पॉप कल्चर अंदाज़ में छुपे नासमझी भरे अतीत को देखने में काफ़ी मज़ा आया।
फिर मैंने इसे दुबारा देखा, और मुझे लगा कि सचमुच इसे ही कहते हैं फिल्म मेकिंग की बिल्कुल ओरिजिनल सोच।
डायरेक्टर वासन बाला का दिमाग़ सपनों की एक दुनिया है, जहाँ बचपन की सुनहरी यादें एक अद्भुत वास्तविकता के साथ सामने आती हैं।
वो हमें ऐसी चीज़ें दिखाते हैं, जो पहले भी हमारे बीच थीं, लेकिन उन्हें दिखाने का तरीका इतना अनोखा होता है, कि उस चीज़ को देखने का हमारा नज़रिया ही बदल जाता है।
साथ ही वो कहानी के साथ जाने वाला मस्ती भरा, मज़ेदार म्यूज़िक पसंद करते हैं।
हालांकि मर्द को दर्द नहीं होता  में कई फिल्मी पहलुओं के लिये सम्मान जताया गया है लेकिन एक फैनबॉय की कलाकारी के रूप में इन्हें फिल्म में बेहद मज़ेदार और हास्यपूर्ण तरीके से दिखाया गया है। हम सभी सिनेमा प्रेमी जानते हैं कि फिल्मों का शौक ज़िंदग़ी के शुरुआती दिनों में शुरू होता है, और ज़िंदग़ी भर रहता है।
बच्चन हो या ब्रूस ली, एक फिल्म-दीवाने का अपने फिल्म मसीहा के लिये विश्वास अटूट होता है।
बाला ने इसी अटूट विश्वास को एक मर्द की कहानी में दिखाया है, जो हर बार चोट लगने पर 'आउच' की आवाज़ निकालता है, क्योंकि उसे एक पुरानी बीमारी है - उसे लगता है उसे दर्द नहीं होता।

यह एक कहानी बयाँ करने वाला शीर्षक है और मनमोहन देसाई की मर्द में बिग बी के जाने-माने डायलॉग का ख़ूबसूरत इस्तेमाल है।
जब हम सूर्या (अभिमन्यु दसानी) की पहली झलक देखते हैं, तो मुंबई के सबर्ब्स का ये लड़का स्लो मोशन में उसकी तरफ पागल सांड की तरह बढ़ते गुंडों से अकेला लड़ता हुआ दिखाई देता है।
न्यूकमर अभिमन्यु अपने भीतर भरी ज़िंदादिली के साथ-साथ नयेपन और सादग़ी की एक ख़ूबसूरत झलक देते हैं।
स्पोर्टिंग मरून ऐडिडास और ब्लू ऑनिट्सुका टाइगर शूज़ के साथ एक फैशनेबल पहली झलक के बीच चिरंजीवी 1990 के दशक के मशहूर गाने के लिये तैयार होते दिखाई देते हैं। रजनीकांत और कमल हासन भी आते हैं और अंजाने में फैन थ्योरीज़ के बारे में मज़ेदार बातें बताते हैं।
स्कूल के लड़के सूर्या के सीन्स में पुरानी फिल्मी झलकियों की कोई कमी नहीं है, जो स्टीमपंक पायलट जैसे कपड़े पहनता है और हाइड्रेशन बैकपैक लेकर चलता है, गोविंदा और चंकी पांडे की फिल्मों की लड़ाई के नारे लगाता है, अपने खतरनाक ज्योमेट्री बॉक्स में विध्वंसक हथियार रखता है और बचपन में एक लड़की से दोस्ती करता है, जिससे उसका धर्म और उनके पिता उन्हें अलग कर देते हैं।
इस अनोखी बीमारी के पीछे चलती कहानी भले ही उसे सुपरहीरो न बना पाये, लेकिन ज़्यादातर मार्शल आर्ट्स मूवीज़ की वीएचएस टेप्स देख-देख कर उसमें जाँबाज़ी भर गयी है और वो खुद को लोगों का रक्षक मानने लगा है।
फिल्मों से दूर रहना उसके लिये क्रिप्टोनाइट की तरह है, लेकिन उसके चिंतित पिता जब उसपर लगाम लगाते हैं तो उसकी पीटर पैन वाली उत्सुकता घटने की जगह और बढ़ जाती है।
सूर्या के आजोबा (महेश मांजरेकर का बहुत ही प्यारा किरदार) का उदार पालन-पोषण उसे हर चीज़ सिखाता है, उसके लड़ाकू सपनों (असभ्य कोड वर्ड्स में) से लेकर लड़कपन की चाह (सहे-ली वाले सुझावों में) तक, उनके बीच की बातचीत मर्द को दर्द नहीं होता  में मस्ती का नया रस घोल देती है।
कहानी और भी मज़ेदार हो जाती है जब सुप्री के रूप में राधिका मदन फ्रेम में आती हैं।
नयी और पुरानी नखरेवाली  की तर्ज पर दिया गया उसका परिचय उसके गुस्सैल स्वभाव को बख़ूबी बयाँ करता है, जिसकी झलक वो छेड़खानी करने आये कुछ गुंडों की पिटाई करके देती है और सूर्या के साथ-साथ दर्शक भी हक्के-बक्के रह जाते हैं।
वह सीन बड़ा ही प्यारा है जिसमें वो बेहद खुशी के साथ बताती है कि खुजली करने में कितना मज़ा आता है।
बचपन के बिछड़े दोस्तों के जवानी में दुबारा मिलने की इस कहानी में मेलोड्रामा का न होना बाला के ख़ास अंदाज़ की झलक देता है।
ऐसा नहीं है कि मर्द  साहस दिखाने से दूर भागता है। बल्कि मर्द तो अपनी बीमारियों, कमज़ोरियों, कमियों को मानता है और इन सभी को दूर करके बदलाव लाने के लिये तैयार रहता है।
जैसे मदन एक जिज्ञासु विरोधाभास है।
गलत काम करने वालों की हड्डी-पसली एक करने में माहिर एक कराटे एक्सपर्ट, जो अपनी बीमार माँ के इलाज के लिये अपने एनआरआइ आशिक के बर्ताव को झेलती है।
मैं कुछ भी नहीं हूं, एक दिल छू लेने वाले सीन में वो अपनी माँ (गंभीर पल को संजीदग़ी से अदा करती लवलीन मिश्रा) से कहती है।
लेकिन वो है, और यह बात मणि को पता है।
गुलशन दवैया की एक पैर वाली कराटे इन्स्ट्रक्टर और उसकी बदमाश जुड़वाँ बहन जिमी मर्द को दर्द नहीं होता  के सबसे बड़े ट्रम्प कार्ड हैं। दोनों पर बाला का पूरा ध्यान उनकी हरफनमौला काबिलियत के साथ-साथ अपने किरदारों के लिये ऐक्टर के भीतर से सही हाव-भाव को बाहर लाने की क्षमता को दिखाता है, जो आपको डायरेक्टर के रूप में उनकी पहली फिल्म पेडलर्स  में भी दिखाई देता, अगर वह फिल्म रिलीज़ हो पाती।
एस पी बालासुब्रमण्यम के प्लेबैक के अनोखे अंदाज़ के साथ मणि और जिम्मी के बीच की दुश्मनी की शुरुआत के पीछे की धमाकेदार कहानी मज़ेदार तरीके से दिखाई गयी है।
करन कुलकर्णी के गाने चिल्लाहट की तरह हैं, और फिल्म के पूरे 137 मिनट अलग-अलग भावनाओं के साथ गूंजते रहते हैं।
बाला ने एक इतनी अजीबोग़रीब, लेकिन बारीकी से भरी दुनिया बनाई है, जो शायद ही हमने पहले कभी देखी हो (हीरो को विलेन का पता मांगते हमने पिछली बार कब देखा था?)
दो बहनों के बीच बढ़ती दुश्मनी की दीवार हो, रीडेवलपमेंट के लिये अधूरी छोडी गयी इमारत पर मिलने वाले दोस्त हों, एक सिक्योरिटी सर्विसेज़ की इमारत के भीतर हँसाने वाला ऐक्शन सेट पीस हो, जिसके बुज़ुर्ग रखवाले मामा एमटीवी वाले दिनों की याद दिलाते हों या फिर फार्ट ज्ञान से शुरू होने वाला एक अनोखा रॉयल रम्बल हो, मर्द को दर्द नहीं होता  में हर कदम पर आपको सच और सपनों का संगम दिखाई देता है।
वासन बाला ने पूरे दिल से इसे बनाया है।
लोग सीढ़ियों से फँस कर गिर रहे हैं, गाड़ियों से टकरा रहे हैं, अपनी हथेलियाँ काट रहे हैं, होंठ छिल रहे हैं, खौलता पानी पी रहे हैं, लेकिन दर्द आपको ज़रूर दिखाई देगा।
और इस बात को फिल्म बनाने वाले से बेहतर कौन जानता है।
जैसा कि चिरंजीवी ने उस फ़्लैशबैक में कहा था, 'इट्स अ चैलेंज!

संवेदन बनाम गैर-संवेदन रिश्तों के मध्य एक राजनेता का अंत

  SD DESUZA; PANJI
गोवा के नए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत आज विधानसभा में बहुमत परीक्षण का सामना करेंगे. उससे पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने विधायकों को एक पांच सितारा होटल में भेज दिया है. यह सूत्रों के हवाले से यह खबर आयी है.
मनोहर पर्रिकर और भाजपा विधायक फ्रांसिज डिसूजा के निधन व दो कांग्रेसी विधायकों के इस्तीफे के चलते 40 सदस्यों वाली गोवा विधानसभा में अब 36 सदस्य रह गए हैं. भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने कहा है कि उसे 21 विधायकों का समर्थन है. इनमें उसके अपने 12 विधायकों के अलावा तीन-तीन विधायक गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी)महाराष्ट्र गोमंतक पार्टी (जीएमपी) से और तीन ही निर्दलीय के रूप में शामिल हैं.
यह कार्य बीजेपी मनोहर परिकर के जीवित रहते ही कर सकती थी. अब इसमें यह सफाई देना कि पर्रिकर बीजेपी के प्रिय नेतृत्व वाले व्यक्तित्व थे यह उत्तरदायी जवाब नहीं कहा जा सकता इसे प्रश्नवाचक ही माना जायेगा जिसे बीजेपी देना नहीं चाहेगी.
सच परिकर समर्पित थे;वफादार थे, किन्तु पार्टी के बाहुबली जिन्हे चिन्हित नहीं किया जा सकता है उनके पास निश्चय ही संवेदना का अभाव है यह कहना गलत नहीं है.
इस तर्क को इस बात से भी समझने की कोशिश की जाय कि बीजेपी के शीर्ष नेता में अटल बिहारी बाजपेई 2014 में जीवित थे और देश-दुनिया की बड़ी जानी पहचानी हस्तियों में थे एवं बीजेपी में उनके सम्मान का आकलन इस बात से भी लगता है कि 36 कलश में रखी हुई अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों को उनकी मृत्यु के बाद नदियों में प्रवाहित किया गयाउनमें मध्य प्रदेश की  नर्मदाक्षिप्राताप्तीचम्बलसोनबेतवापार्वतीसिंधपेंच और केन शामिल हैं.
इसे प्रवाहित करने से पहले बीजेपी ने इनके सम्मान में कलश यात्रा का आयोजन भी किया। अब देखना यह है कि बाजपेई जी को बीजेपी ने दोबारा प्रधानमंत्री क्यों नहीं बनाया; कारण जो भी रहा है  मानवीय परिस्थितियां परिकर एवं पूर्व प्रधान मंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपाई की एक जैसी थी. दोनों परिस्थितियों में चरित्र ने कैसा महसूस किया और पार्टी के सेंसर ने कितना उनपर रहम किया यह बात दुनिया के सामने है.
इस तरह की संवेदनहीन परिस्थितियों के वातावरण में आगे का कार्य जारी है तो क्या अब लोकतंत्र परिथितिकी से इतर अंको द्वारा नियंत्रित किया जायेगा।                  
खबर के मुताबिक गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी)महाराष्ट्र गोमंतक पार्टी (जीएमपी) और निर्दलीय विधायकों को भाजपा के खेमे में लाने के लिए खुद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को काफी मशक्कत करनी पड़ी. बताया जा रहा है कि जीएमपी के सुदिन धवालिकर और जीएफपी के विजय सरदेसाई पहले मुख्यमंत्री का पद मांग रहे थे. हालांकि अब ये दोनों उप-मुख्यमंत्री बनने को राजी हो गए हैं. इसे लेकर सरदेसाई ने एनडीटीवी से कहा, ‘हम सरकार में होने के नाते चाहते हैं कि यह बची रहे. मैं इतना जरूरी कहूंगा कि यह एक नई शुरुआत है. आप कह नहीं सकते कि भविष्य में क्या होगा.
मनोहर पर्रिकर  का गोवा में जनता के मध्य संवेदनशील संबंध था  इसे यूँ  भी समझा जा सकता है कि  गोवा में कांग्रेस से भी कम सीटें होने के बावजूद भाजपा की सरकार मनोहर पर्रिकर के नाम पर ही बनी थी.
जो भी निर्दलीय विधायक और छोटी पार्टियों के विधायक भाजपा के साथ आए, उनमें से ज्यादातर की शर्त यही थी कि पर्रिकर को मुख्यमंत्री बनाया जाए. 
गोवा में भाजपा सरकार बनवाने में सबसे सक्रिय भूमिका निभाने वाले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सार्वजनिक तौर पर माना था कि मनोहर पर्रिकर को मुख्यमंत्री बनाने की शर्त सबसे पहले विजय सरदेसाई ने रखी और इसके बाद कुछ दूसरे विधायकों ने भी यही शर्त रखी. इन्हीं विधायकों के दबाव में मनोहर पर्रिकर से केंद्र सरकार में रक्षा मंत्री का पद छुड़वाकर उन्हें वापस गोवा भेजा गया था.
2014 में मनोहर पर्रिकर से गोवा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया था. उस वक्त यह बात आई थी कि प्रधानमंत्री अपनी शुरुआती टीम में ही उनको शामिल कर उन्हें दिल्ली लाना चाह रहे थे. यानी मई 2014 में. लेकिन उस वक्त मनोहर पर्रिकर तैयार नहीं हुए. लेकिन जब नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडल में पहली बार फेरबदल किया तो पर्रिकर केंद्र सरकार में आ गए और उनकी जगह गोवा का मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर को बनाया गया.
असल में जैसे हालात थे उनमें गोवा में मनोहर पर्रिकर का कोई ऐसा विकल्प नहीं था जो हर पक्ष को स्वीकार्य हो. केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक को मुख्यमंत्री बनाने को लेकर कुछ सहयोगियों को दिक्कत थी. वहीं नाइक के आने के बाद किसी विधायक से इस्तीफा दिलाकर उन्हें छह महीने के अंदर विधानसभा के लिए निर्वाचित कराने का भी झंझट था. सूत्रों के मुताबिक 13 विधायकों वाली भाजपा लोकसभा चुनाव से पहले ऐसा कोई जोखिम लेने को तैयार नहीं थी.


पाकिस्तान ने घायल भारतीय वायुसेना के जवान की सैन्य नैतिकता से परे वीडियो प्रसारित किया


 भारत सरकार ने इस हरकत का कड़ा विरोध किया 
और सुरक्षित वापसी की मांग की  
भारत सरकार ने पाकिस्तान से भारतीय वायु सेना के पाईलट की तत्काल व सुरक्षित वापसी की मांग की है। यह पाईलट दोनो देशों के हवाई युद्ध के दौरान 1971 के बाद पहली बार पाकिस्तान द्वारा पकड़ा गया है।दोनो पड़ोसियों के मध्य संबंधो की स्थिति खराब होती जा रही हैं।
आज शाम इस विषय पर पाकिस्तानी राजदूत को डिमार्श हस्तगत कराया गया है। भारत ने अपना कड़ा विरोध जताते हुए इसे पाकिस्तान की आक्रमकता का अनुचित कार्य बताया है। भारतीय वायु हमले मे पाकिस्तानी जमीन,बालाकोट, पर चल रहे आतंकवादी कैंप को नष्ट करने के अगले दिन भारतीय सेना के सैन्य ठिकाने को पाकिस्तानी जेट द्वारा लक्षित किया गया।
भारत ने भारतीय वायुसेना के एक घायल जवान का पाकिस्तान द्वारा अभद्र प्रदर्शन का कड़ा विरोध किया एवं इसे जेनेवा समझौते एवं अन्तर्राष्ट्रीय मानव अधिकार कानून के सभी मानकों का उल्लंघन करार दिया। भारत ने साफ-साफ कहा है कि पाकिस्तान सुनिश्चित करे कि भारतीय प्रतिरक्षा जवान जो पाकिस्तानी अभिरक्षा मे है को कोई नुकसान नही होना चाहिये।
पाकिस्तान पहले तो दावा किया की इसके पास दो भारतीय पाईलट थे लेकिन इसमे संशोधन करते हुए बाद मे बताया कि एक ही पाईलट अभिरक्षा मे है। यह भी कहा है कि उनसे सैन्य नैतिकता के मानको के अन्तर्गत व्यवहार किया जा रहा है।
प्रसारित विडियो मे पाकिस्तान की ओर से दिखाया गया है कि उसके आंख मे पटट्ी बांध रखी हैवह घायल है,उसके हांथो को पीछे से बांध रखा है और उससे पूछताछ की जा रही है।
जब पाकिस्तान के ऊपर जेनेवा समझौते के उल्लंघन का आरोप लगा तो उसने इस विडियो को तुरन्त हटा दिया। बाद मे प्रसारित किया कि पाईलट यह कहते हुए कि पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी अच्छी देखभाल कर रहे हैं चाय पी रहा है. 
पाकिस्तान ने अपने बयान मे कहा है कि उसने अपनी हवाई सीमा मे नियंत्रण रेखा के पार हमले किये है, यह बदला नही है; इसमे स्थिति खराब करने का कोई इरादा नही है; किन्तु यह एक प्रदर्शन है कि यदि इसे मजबूर किया गया तो पाकिस्तान हर तरह से तैयार है
अपने उत्तर मे भारत सरकार ने कहा है कि पाकिस्तान एयरक्राफ्ट जो भरतीय ठिकाने को लक्षित कर रहा था को मारगिराने की कार्रवाई के दौरान पाईलट लापता है।

परिवार कल्याण मंत्री प्रोफेसर रीता बहुगुणा जोशी ने डॉ०रेनू पंत को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया


लखनऊ: परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2017-18 में पी०पी०आई०यू०सी०डी० विधा में किए गए सराहनीय योगदान के लिए मा० परिवार कल्याण मंत्री प्रोफेसर रीता बहुगुणा जोशी द्वारा प्रथम पुरस्कार डॉ०रेनू पंत को सम्मानित किया गया। डॉ०रेनूपंत वर्तमान वीरागंना अवंतिबाई चिकित्सालय लखनऊ में वरिष्ठ परामर्शदाता के पद पर कायर्रत है।  
गणेश शंकर विधार्थी मेडिकल कॉलेज कानपुर से एम०एस० की डिग्री प्राप्त करने के पश्चात वर्ष 1993 में पिथौरागढ़ से प्रांतीय चिकित्सा सेवा में डॉ०रेनू पंत ने सेवा कार्य प्रारम्भ किया। दुर्गम पर्वतीय स्थलों तथा ग्रामीण स्थानों पिथौरागढ़,अल्मोड़ा,लहरपुर में सेवारत रहते हुए डॉ०रेनू पंत ने 2015-16,2016-17 में पी०पी०आई०यू०सी०डी० विधा में प्रदेश में प्रथम स्थान किया.
 डॉ०रेनू पंत अपनी सफलता का श्रेय पति स्व०डॉ हर्षवर्धन पंत को देती है, जिन्होने सदैव निस्वार्थ कर्मयोग की प्रेरण दी। स्व०डॉ हर्षवर्धन पंत का निधन दिसम्बर 2018 को बाराबंकी के ए०सी०एम०ओ० के पद पर कार्य करते हुए कायार्लय में ह्रदयाघात से निधन हो गया था।

लखनऊ सीएमएस में 'मदर्स डे' का आयोजन किया गया


लखनऊ, 24 फरवरी। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर ऑडिटोरियम में आयोजित विश्व एकता सत्संग में बोलते हुए डा. भारती गाँधी ने कहा कि पारिवारिक एकता से ही विश्व एकता की राहें खुलेंगी, इसलिए बच्चों को प्रारम्भ से ही शान्ति, एकता, प्रेम व सदाचारों की शिक्षा देना आवश्यक है।
सी.एम.एस. के छात्रों को जय जगत तथा वसुधैव कुटम्बकम के माध्यम से विश्व नागरिक बनने की शिक्षा दी जाती है। परिवार में माता-पिता, भाई-बहन इत्यादि में एकता व अपने का भाव होना आवश्यक है। डा. गाँधी ने आगे कहा कि आज विश्व का सर्वाधिक धन लड़ाइयों पर खर्च हो रहा है। ऐसे में यदि विश्व में एकता व शान्ति का वातावरण बनेगा तो लड़ाइयों पर खर्च होने वाला धन रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा व चिकित्सा पर खर्च होगा, जिससे दुनिया में खुशहाली आयेगी। शिक्षा का उद्देश्य ही देश-दुनिया में लड़ाइयों का अन्त कर सुख, शान्ति, एकता तथा प्रेम का वातावरण तैयार करना है।
उन्हांने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकमकी भावना से ही विश्व में शान्ति व एकता स्थापित होगी। आज दुनिया भर में अराजकता
एवं मारामारी का माहौल है। ऐसे में भावी पीढ़ी को वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से अवगत कराना हमारा नैतिक कर्तव्य है।
बच्चों को प्रारम्भ से ही विश्व एकता, विश्व शान्ति, प्रेम, भाईचारा की शिक्षा दी जानी चाहिए तभी ये बच्चे बड़े होकर विश्व एकता का सपना एक दिन पूरा करके दिखलायेंगे।
सी.एम.एस. के संगीत शिक्षकों ने सुमधुर भजनों की श्रृंखला प्रस्तुत कर सम्पूर्ण आडिटोरियम को आध्यात्मिक आलोक से प्रकाशित कर दिया।
विश्व एकता सत्संगमें आज सी.एम.एस. राजाजीपुरम (द्वितीय कैम्पस) के छात्रों ने साँस्कृतिक-आध्यात्मिक प्रस्तुतियों से सबका मन मोह लिया। कार्यक्रम की शुरूआत स्कूल प्रार्थना से करके छात्रों ने नाटक एलिस इन वण्डरस्कूलप्रस्तुत किया।
प्रार्थना नृत्य ‘‘जब सबकी एक है धरती’’ की प्रस्तुति ने खूब तालियाँ बटोरी। माताओं द्वारा प्रस्तुत नृत्य ‘‘साँचा नाम तेरा, तू श्याम मेरा’’ ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में छात्रों ने एक्शन साँग ‘‘चाइल्ड इज पोटेन्शियली द लाईट ऑफ द वर्ल्ड’’ प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि, श्री अनिल कुमार मिश्रा, डिप्टी रजिस्ट्रार, फर्म, सोसायटीज़ एण्ड चिट, उ.प्र., ने दीप प्रज्जवलित कर समारोह का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर अपने उद्घाटन भाषण में बोलते हुए मुख्य अतिथि, अनिल कुमार मिश्रा, डिप्टी रजिस्ट्रार, फर्म, सोसायटीज़ एण्ड चिट ने कहा कि आज के युग में बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा प्रदान करने की बहुत आवश्यकता है। आज के कार्यक्रम से बच्चों के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में विभिन्न दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सदस्यता ग्रहण की




लखनऊ: उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता डाॅ. उमाशंकर पाण्डेय ने बताया कि 0प्रकांग्रेस कमेटी मुख्यालय में आयोजित सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में आगरा जनपद से विभिन्न दलों के सैकड़ों नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने वाले अन्य प्रमुख लोगों में सर्वश्री दिलशाद खाँ, सतीश बब्बर, रामबाबू कुशवाहा, सत्य प्रकाश निमेश, विनोद जरारी, जनकराज सिसौदिया, शाने इलाही, बच्चू सिंह, महेश सोनी, राजू आजाद, घूरा यादव, डाॅ0 के.एस. वर्मा, शरीफ कुरैशी, बलवीर शर्मा, भूपाल सिंह राठौर, कृपाशंकर शर्मा, इब्राहिम जैदी, हाजी यूनुस, सरफराज खाँ, राजेन्द्र सिंह कर्दम, हारून मुल्ला  आदि लोगों के नाम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त हरदोई जनपद के श्री अमिताभ स्वरूप ने भी अपने दर्जनों साथियों सहित कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
उपरोक्त सभी लोगों को प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर की उपस्थिति में ज्वाइनिंग प्रभारी उपाध्यक्ष श्री मदन मोहन शुक्ला ने सदस्यता ग्रहण कराई। इस अवसर पर जिला कंाग्रेस कमेटी आगरा के अध्यक्ष श्री दुष्यन्त शर्मा, 0प्र0 कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष-प्रशासन डाॅ0 आर0पी0 त्रिपाठी, महासचिव श्री सतीश अजमानी- पूर्व विधायक, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री रामलाल राही, प्रदेश महासचिव ओंकारनाथ सिंह, प्रदेश संगठनमंत्री श्री शिव पाण्डेय, प्रोफेशनल कांग्रेस के संयोजक श्री अनीस अंसारी-पूर्व आई.ए.एस. श्री तपेन्द्र रावत- एडवोकेट-आगरा तथा प्रदेश प्रवक्ता श्री अंशू अवस्थी आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
राज बब्बर सांसद, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष, ने सभी का कांग्रेस परिवार में शामिल होने पर स्वागत किया एवं उन्होंने स्वागत में कहा कि कांग्रेस परिवार का कारवां प्रदेश में लगातार बढ़ रहा है, विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग निरन्तर कांग्रेस नेतृत्व के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए कांग्रेस से जुड़ रहे हैं।
और उन्होंने आगे कांग्रेस अध्यक्ष, राहुल गांधी; प्रदेश प्रभारी एवं अ0भा0 कांग्रेस महासचिव, श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा एवं प्रदेश प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव, ज्योतिरादित्य सिंधिया, को सहयोग करने का आह्वान किया। 



पूर्वी उत्तर प्रदेश के सभी लोकसभा क्षेत्रों की बैठक का कार्यक्रम तय: उ प्र कांग्रेस समिति


लखनऊ: नवनियुक्त अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव, प्रभारी उत्तर प्रदेश बाजीराव खाड़े एवं सचिन नाइक ने लखनऊ पहुंचकर संगठन को तय मापदण्डों पर कसना एवं तैयार करना आरम्भ कर दिया है। 
लोकसभा क्षेत्रवार प्रभारी तय हो जाने के बाद कल से प्रभारी सचिवगण संबंधित लोकसभा क्षेत्रों के कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ बैठक आरम्भ कर रहे हैं
24 फरवरी 2019 से प्रारम्भ कर 07 मार्च, 2019 तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के सभी लोकसभा क्षेत्रों की बैठक सम्पन्न होने का कार्यक्रम तय किया गया है।
24 फरवरी 2019 को लखनऊ, मोहनलालगंज लोकसभा की बैठक बाजीराव खाडे द्वारा ली जायेगी तथा बाराबंकी एवं फैजाबाद संसदीय क्षेत्रों की बैठक सचिन नाईक द्वारा की जायेगी। तय कार्यक्रम मे अनुसार सचिन नाईक 25 फरवरी, 2019 को गोण्डा एवं कैसरगंज, 26 फरवरी को डुमरियागंज एवं बस्ती, 27 फरवरी को अम्बेडकर नगर एवं संतकबीर नगर, 28 फरवरी को गोरखपुर एवं महराजगंज, 1 मार्च को कुशीनगर एवं देवरिया, 2 मार्च को सलेमपुर एवं बलिया, 3 मार्च को गाजीपुर एवं चन्दौली, 5 मार्च को मछलीशहर एवं लालगंज, 6 मार्च को आजमगढ़ तथा घोसी तथा 7 मार्च को बांस गांव का कार्यक्रम सुनिश्चित हुआ है।
बाजीराव खाडे के तय कार्यक्रम के अनुसार 25 फरवरी को उन्नाव, 26 फरवरी को सुल्तानपुर एवं प्रतापगढ, 27 फरवरी को जौनपुर एवं भदोही, 28 फरवरी को वाराणसी एवं राबर्टसगंज, 1 मार्च को मिर्जापुर एवं इलाहाबाद, 2 मार्च को फूलपुर एवं कौशाम्बी, 3 मार्च को फतेहपुर एवं बांदा, 4 मार्च को हमीरपुर एवं जालौन तथा 5 मार्च को झांसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्रों की बैठक सुनिश्चित की गयी है।