UPBIL/2018/70352

युवक ने फांसी लगाई

लखनऊ  में शुक्रवार  दोपहर  को  एक  युवक  ने हरचंदपुर गढ़ी कनोरा  थाना आलमबाग क्षेत्र  स्थित एक मकान में  फांसी  लगा  ली।  ३० वर्षीय , मनोज कुमार राजभर रेलवे में अपने पिता की मृत्यु के बाद  नौकरी कर रहा था।  पिछले छह वर्ष से किराये के मकान में रह रहा था। 
इसी मकान में इसके चाचा भी किराये पर रहते है।  मृत्यु के कारणों का पता पुलिस लगा रही है। शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया  है. 
मृतक के परिजन चाचा शहर से बहार थे।  घटना स्थल पर मृतक की चाची थी।  सूचना के मुताबिक , मृतक जिला देवरिया का रहनेवाला था।  यहाँ अकेले  रहता था। इसका  विवाह नहीं हुआ था।  इसके फांसी लगाने की सूचना  मकान मालिक श्री श्रीवंश रावत  ने  थाना आलमबाग को दी। 


  

महिला चिकित्सक ने खुद को जहर का इंजेक्शन लगाया ;कर ली आत्महत्या



वाराणसी के अर्दली बाजार क्षेत्र की चिकित्सक, डॉ. शिल्पी राजपूत, ने खुद को जहर का इंजेक्शन लगा कर आत्महत्या कर ली। कैंट पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट बरामद किया है। सुसाइड नोट में उन्होंने अपने बेटे पर आरोप लगाए हैं कि वह उनकी हत्या करना चाहता है। अर्दली बाजार क्षेत्र स्थित न्यू उमंग नर्सिंगहोम की संचालिका डॉ. शिल्पी (48) प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ थीं। पुलिस के अनुसार गुरुवार की रात 1:30 से 2 बजे के बीच डॉ. शिल्पी ने खुद को जहर के दो इंजेक्शन लगाए।
सुबह सूचना मिलने पर उनकी बहन डॉ. स्मिता राजपूत पहुंची और उन्हें लेकर अस्पताल गईं, जहां चिकित्सकों ने महिला डॉक्टर को मृत घोषित कर दिया।

डॉ. शिल्पी को जानने वालों का कहना है कि पिछले कुछ समय से उनका व्यवहार ठीक नहीं था। उन्हें बहुत कम नींद आती थी। वह काफी बड़बड़ाती रहती थीं। ड्रग्स और एस्टेरॉइड के इंजेक्शन भी लेती थीं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अभी तक कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार सीसी फुटेज में वह इंजेक्शन लेते दिख रही हैं। 
डॉ शिल्पी का एक बेटा उमंग और एक बेटी दीप्ति है। दोनों दिल्ली में रहते हैं। बेटा नौकरी करता है और बेटी दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ रही है। डॉ.शिल्पी ने सुसाइड नोट में अपने बेटे उमंग पर आरोप लगाया कि वह उनकी हत्या करना चाहता था और संपत्ति हड़पना चाहता है। इसके साथ ही उन्होंने सुसाइड नोट में अपने पति का जिक्र करते हुए लिखा है कि उन्होंने 17 वर्ष एक हैवान के साथ बिताए और अपने बच्चों को पाला।
डॉ. शिल्पी के पति और सरकारी चिकित्सक रहे डॉ. डीपी सिंह की 11 वर्ष पहले 13 सितंबर 2007 को पांडेयपुर क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में डॉ. शिल्पी को हत्या की साजिश रचने के आरोप में छह अन्य आरोपियों के साथ जेल भेजा गया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।