UPBIL/2018/70352

लखनऊ ग्रामीण क्षेत्र में राशन की इमदाद देते अधिकारी

कोरोना वायरस से हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है संकट की इस घड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाक डाउन के दौरान जरूरतमंदो की हर संभव मदद करने की अपील पर दान देने वालो का तांता लगा हुआ है
देश के उद्योग पति, खिलाड़ी, फिल्म कलाकार, मीडिया कर्मी और काफी संख्या में समाजसेवियों ने मदद का बीड़ा उठा रखा है इसी के चलते लाकडाउन के दौरान जरुरतमंदों की मदद के क्रम में आज बुधवार को एसडीएम मोहनलालगंज पल्लवी मिश्रा जी के नेतृत्व में समाजसेवी दिनेश लोधी द्वारा राजा खेड़ा एवं शीतल खेड़ा में राशन सामग्री, सब्जी मास्क का वितरण किया गया
इसके अलावा समूचे गांव में दवा का छिड़काव भी किया गया खाद्य सामग्री वितरण के दौरान एसडीएम पल्लवी मिश्रा द्वारा लोंगो से राशनकार्ड आदि बनाने में रही दिक्कतों के बारे में लोगों से जानकारी लेने के साथ ही सरकार द्वारा दी जा रही सामग्री का वितरण कोटेदार द्वारा सहीं ढंग से वितरित किये जाने की जानकारी भी जनता से ली गई
 मौके पर उपस्थित ग्रामीणों से अपने घर में रहने, साफ सफाई का विशेष ध्यान देने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने की अपील भी की गई

सोनिया गाँधी ने अपने पत्र से मोदी को क्या दिए सुझाव (hindi)

विपक्ष से कोविड -19 के कारण उत्पन्न आर्थिक संकट  से निपटने का पीएम् मोदी  ने माँगा सुझाव 

आपसे दूरभाष  पर कल हुई वार्ता के अन्तर्गत मुझसे कोबिड-ं19 की महामारी से उत्पन्न चुनौती से निबटने के लिये मुझसे प्रेषित करने के लिये आग्रह किया गया है। इसी भावना से यह पत्र मै आपको लिख रही हूॅ।

मै हमारी पार्टी की ओर से आप द्वारा संघीय मंत्रीमण्डल एवं संसद सदस्यों के वेतन से 30 प्रतिषत की सीमातक कटौती की या वेतन कम करने के लिये गये निर्णय का समर्थन करती हूं। मितव्ययता के उपाय जो कोविड-19 के लिये निबटने के लिये अतिआवष्यक फण्ड की भरपाई करेगा यह समय की मांग है। मै पांच ठोस सुझाव लिखित मे पेश करती हूं। निश्चय ही यह आपको गुणग्राहक होगा।
    1-ं मीडिया (टेलीविजन,ंिप्रंट एवं आॅनलाईन) के विज्ञापन जो सरकार एवं पीएसयू से दिये जाते है पर पूरी रोक दो वर्षो तक लगा दी जाय। पब्लिकहेल्थ एवं कोबिड-19 के अपवाद को छोड़कर। केन्द्र सरकार रू01250 करोड़ प्रतिवर्ष मीडिया के विज्ञापन पर खर्च करती है ( कोई पीएसयू और सरकारी संस्था के विज्ञापन इसमे न तो इसके बराबर या अधिक खर्च मे शामिल है) यह धनराशि आपकी कोविड-ं19 से उत्पन्न सामाजिक और आर्थिक अघात के उन्मूलन  मे सहायक होगी।

2    रू 20000 करोड़ के सेन्ट्रल विष्ठा के सौन्दर्यीकरण व निर्माण कार्य के प्रोजक्ट को रोक दें। इसकाल मे, ऐसे खर्चे कमतर कहें तो भी विलासी प्रतीत होते है।मुझे भरोसा है इस वर्तमान ऐतिहासिक भवन मे संसद आसानी से अपना कार्य निभा सकेगी। ऐसी कोई महत्वपूर्ण या दबावपूर्ण मांग नही है कि इसे, इस उत्पन्न विपदा से निबटने तक स्थगित न किया जा सके। इस धन को नये अस्पताल एवं डायगनोस्टिक सेंटर एवं हमारे मोर्चे पर डटे लोगों के लिये आवष्यक व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण एवं अच्छी सुविधा के भूमिकारूप व्यवस्था के निर्माण मे आवंटित किया जाय।  

3     इस प्रकार यह व्यय (वेतन, पेंशन और केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के अलावा) में 30 प्रतिशत की आनुपातिक कमी का आदेश देने के लिए समझ में आता है। यह 30 प्रतिशत की कटौती धनराशि रू0 2.5 लाख करोड़ प्रतिवर्ष होगी जिसे विस्थापित कामगार, मजदूर, किसान, सूक्ष्म एवं लघुउद्योग एवं असंगठित क्षे़त्र मे काम करने वाले लोगों को आर्थिक सुरक्षा जाल के रूप मे आवंटित कर दिया जाय।

4  ऐसी सभी विदेश यात्राएं जैसे प्रधानमंत्री, केन्द्रीयमंत्रीयो,मुख्यमंत्रीयों, राज्यमंत्रीयों एवं नौकरशाहों की एकसमानरूप से रोक दी जाय। अपवाद स्वरूप राष्ट्रहित मे प्रधानमंत्री की पूर्व अनुमति से विदेशयात्राएं की जाय।इस धनराशि को कोविड-ं19 की लड़ाई मे खर्च किया जाय।

5   पीएम केयर की धनराषि प्रधानमंत्री राहत कोष  मे जमा करा दी जाय। यह दक्षता, पारदर्षिता, एवं जिम्मेदारी सुनिश्चित करेगी और इसके आय व्ययक सम्प्रेक्षा को भी सुनिश्चित करेगी। यह धन के वितरण के लिए दो अलग-ंअलग संस्थाएँ बनाने और बनाने के प्रयासों और संसाधनों की बर्बादी लगती है। रू3800 करोड़ लगभग बिना उपयोग के प्रधानमंत्री राहत कोष  मे पड़ा है। यह धन और पीएम केयर दोनो की सकल धनराषि को तत्काल खद्य सुरक्षा जो समाज मे सीमान्त लोग हैं के उपयोग मे सुनिष्चित करें।

हर प्रत्येक भरतीय नागरिक इस बीमारी से लड़ने मे महान और व्यक्तिगत बलिदान दिया है। नागरिकों ने आपके कार्यालय व केन्द्र सरकार द्वारा जारी सारे सुझावों ं, निर्देषों एवं निर्णयों का पालन किया है। यह समय है कि सभी विधायिका और कार्यपालिका इस विश्वास  एवं सदभाव को प्राप्त करे।