UPBIL/2018/70352

रामलला के दर्शन को लेकर 24-25 नवंबर को छह दिसंबर 1992 जैसी भीड़ की आशंका से स्थानीय मुस्लिमों का अयोध्या पलायन संभव


बाबरी मस्जिद  व राम जन्मभूमि मामले  के मुद्दई मो. इकबाल ने 24-25 नवंबर को शिवसेना और विहिप के प्रस्तावित कार्यक्रमों के मद्देनजर अयोध्या से पलायन की चेतावनी दी है। 
उल्लेखनीय है कि नवंबर की इन तारीखों पर अयोध्या में शिवसेना, विश्व हिंदू परिषद (विहिप), अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद (अहिप) और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की राम मंदिर को लेकर सक्रिय रहने की संभावना है। इनमें से शिवसेना प्रमुख का अयोध्या कूच कर रामलला के दर्शन करना भी शामिल है। 
सूत्रों के मुताबिक, संतों से लेकर अहम हिंदूवादी संगठनों तक ने भीतरखाने तैयारियां तेज कर दी है। 25 नवंबर को बड़ी संख्या में संत और आम लोगों के अयोध्या पहुंचने की तैयारी हो रही है। 
इकबाल ने कहा कि 24-25 नवंबर को दोनों कार्यक्रमों में वैसी ही भीड़ उमडऩे की आशंका हैं, जैसी छह दिसंबर 1992 को उमड़ी थी और उस समय न केवल बाबरी ध्वंस की गई, बल्कि अयोध्या के कई अन्य पूजास्थल तोड़े गए थे और लोगों के घर जलाए गए थे। 
बाबरी के मुद्दई ने कहा, यदि उनकी व अन्य स्थानीय मुस्लिमों की सुरक्षा नहीं तय की गई तो पलायन के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं है।


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