UPBIL/2018/70352

राष्ट्रपिता बापू के देश की साझी विरासत को कायम रखना हमारी जिम्मेदारी :तारिक़ अनवर,कांग्रेस

लखनऊ के सहकारिता भवन में इस बृहस्पतिवार को आयोजित आल इंडिया कौमी तंजीम उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में कौमी एकता कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए तारिक़ अनवर, पूर्व केंद्रीय एग्रीकल्चरल मंत्री,  ने कहा कि देश की तरक्की के लिए राष्ट्रीय एकता सबसे बड़ा पहलू  है।  इसे  अपनाकर ही हम एक ख़ूबसूरत हिंदुस्तान  निर्माण कर सकते है जो आज की सबसे बड़ी जरुरत  है।  इस काम के लिए आज की युवा पीढ़ी को सबसे आगे आना होगा , उन्हें प्यार मुहब्बत को अपना हथियार बना कर  अच्छी बातों को आम लोगो तक पहुंचना  होगा।
राष्ट्रपिता महात्मागाँधी  की 150 वी  जयंती को पूरे देश में राष्ट्रीय एकता  के रूप में मनाने  का एलान कर चुके   तारिक़ अनवर ने कहा  की आज बापू की सत्य अहिंसा  व शांति  वाली विचारधारा  की ही जरूरत है।  आज मजहबी उन्माद पैदा करके बेगुनाहो का खून बहाया जा रहा है।  मुल्क की साझी विरासत पर हमला हो रहा है।  जिस देश से मुहब्बत का  पैगाम सारी  दुनिया को  जाता है।  आज उस देश की गंगा जमुनी तहजीब को ख़त्म करने पर उतारू लोग देशभक्त नहीं देश  के दुश्मन है।  उन्होंने कहा की  राष्ट्रपिता बापू  ने देश की साझी विरासत को कायम रखने की बात कही तो उन्हें शहीद कर दिया गया , लेकिन उनके विचार  राष्ट्रीय एकता  को हमेशा मजबूती देंगे।  उन्होंने कौमी तंजीम के लोगो को  मशाल जलाकर देश को रोशन करने का आह्वान किया। 
संयोजक कौमी तंजीम के प्रदेश अध्यक्ष  फजले मसूद पूर्व विधयक ने अपनी सदारती  तक़रीर में कहा कि  साम्प्रदायिक शक्तिया, घृणा की राजनीति  कर के, अमन चैन ख़त्म कर देना चाहती है।  यहाँ तक कि गोडसे की विचारधारा  का महिमामंडन किया जा रहा है।  ऐसे में कौमी तंजीम के लोग बापू के विचारो को जन-जन तक पहुँचाने का काम करेंगे।
मनकामेश्वर मंदिर महन्त, दिव्या गिरि , इस कार्यक्रम में उपस्थित थी।  उन्होंने अपनी एकता की बात  रखने के लिए एक कहानी को सुना कर बताया ; उन्होंने कहा : एक घर में रात्रि में चोर घुस आये ,उन्होंने उस घर की सारी  सामग्री चोरी  कर ली, उस घर का एक छोटा बच्चा सारा मंजर देख रहा था। सुबह घर के लोग बड़े परेशान  थे की घर का सारा सामान चोरी हो गया।  बच्चे ने  डर  कर घर वालो को रात्रि का  सारा किस्सा सुनाया , तो घर वालों ने पूछा तुमने उस समय क्यों नहीं चिल्लाया
 पूर्व एग्रीकल्चरल  मंत्री  से प्रेसमैन टाइम्स के संवादाता ने कार्यक्रम के अंत में पूछा , वर्तमान एनडीए सरकार    ने एग्रीकल्चरल सेक्टर में रुपये 211694 करोड़  कार्यकाल 2014-19  के दौरान खर्च कररही है; जबकि यूपीए 2009-2014 कार्यकाल के दौरान  एग्रीकल्चरल सेक्टर में रुपये 121082 करोड़  बजट खर्च हुआ , दोगुने बजट के बावजूद  इस सेक्टर में इतना स्ट्रेस क्यों है
तारिक अनवर ने जवाब में कहा: यह तो  सरकार  ही  बताएगी; सही प्लानिंग  नहीं है; सही ढंग से योजना नहीं  बनायीं गयी; कहीं न कहीं उसके कार्यान्वन में  गलती है और  यह बात तो सभी लोग महसूस कर रहे हैं यह सरकार घोषणा में पीछे नहीं रहती  हैइसका प्रचारतंत्र बहुत मजबूत है, लेकिन जब  जमीन पर उसको पहुंचाने की बात होती है, तो वहां यह विफल हो जाती है -- फेल हो जाती है!  चाहे एग्रीकल्चर  या  किसी भी विभाग  में ले आप मोदी जी की सरकार कामयाब नहीं है.  

      




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परिवहन निगम के सेवानिवृत कर्मचारियों का सेवानिवृतिक लाभ के भुगतान को लेकर एक दिवसीय धरना


क्षितिज कांत; लखनऊ  
परिवहन निगम  के सेवानिवृत कार्मिको  ने सेवानिवृतिक लाभ के भुगतान न होने कारण  परेशान  होकर आज  बुधवार  को लखनऊ के ईको गार्डन में यू पी रोडवेज सेवानिवृत कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तत्वाधान में  एक दिवसीय धरने का आयोजन किया। इनका  कहना  है  कि सेवानिवृत कर्मचारियों  को वर्ष 2002 से 2010  एवं 2012 से 2014 तक बकाया महंगाई भत्ता के भुगतान ,  उपादान नकदीकरण  के अंतर की धनराशि  का भुगतान अभीतक नहीं  गया है। यहाँ तक  जनवरी 2006 से  लागू छठे  वेतन  एवं  2016 से  सातवे वेतन   में  इस दौरान सेवानिवृत  कर्मचारियों  के वेतन का  निर्धारण  नहीं किया गया. सेवानिवृत   कर्मचारी  अपनी अल्प  पेंशन में    समुचित  इलाज करा पा रहा है न ही अपना भरण पोषण ही   कर पा  रहा है।  
संत कुमार गौर  प्रांतीय अध्यक्ष ने अपने भाषण में कहा: परिवहन निगम द्वारा  वर्ष 2002 से  सेवानिवृत कर्मचरियों  के बकाया  भुगतान नहीं किये जा रहे हैं; एसोसिएशन  बार-बार अनुरोध करता रहा है। इन सेवानिवृत कर्मचारियों का एक मात्र आय  स्रोत  पेंशन है।  इनको महीने में मात्र रूपए 1000  से 2400 के बीच पेंशन का भुगतान किया जाता है  जिससे  आज के  दौर में  बीमारी से ग्रसित इनका  इलाज करा पाना संभव नहीं है  जीवन यापन की छोडो,  सेवानिवृत कर्मचारी भुखमरी के कगार पर खड़े है।  इनके परिजन  जीवन की अत्यंत कठिनाइयों   का सामना कर रहे  है।  

दलित मुस्लिम हुंकार रैली का आयोजन किया गया

तहरीक फ़िक्रे ए  मिल्लत के महासचिव, मोहम्मद हनीफ  खान, ने ईको गार्डन लखनऊ  में रविवार को  एक रैली का आयोजन किया।  रैली  दलित मुस्लिम हुंकार रैली के नाम से आयोजित की गयी थी।  इस रैली में वर्तमान  माहौल का जायजा लेने  कोशिश  की गयी।
मोहम्मद हनीफ खान  ने रैली  में  उपस्थित  भीड़ को सम्बोधित किया।  उन्होंने  कहा   उत्तर प्रदेश  की जनता  आजादी के ७० साल बाद  बढ़ती हुई जनसँख्या  के कारण  आज भी बेरोजगारी , कानून व्यवस्था , एवं विकास जैसी  कठिनाइयो  से जूझ रही है. रैली उत्तर प्रदेश को चार भागो में बाटने की मांग करती है ताकि विकास , रोजगार  के समुचित अवसर मिल सकें  एवं  कानून व्यवस्था ठीक हो सके
उन्होंने  कहा  की यह दुर्भाग्य पूर्ण है की किसान  आत्महत्या करने पर मजबूर है; सरकार  ने  उसको उसके अनाज का समर्थित मूल्य  देने  नाकाम रही है किसान बसंतकुञ्ज योजना पर आंदोलित है
उन्होंने  आगे कहा  सम्पूर्ण लोकतंत्र की वर्तमान पार्टियों को चाहिए  की चुनाव बैलट पेपर के माध्यम से कराने  के लिये  चुनाव  आयोग  को बाध्य करें  एवं यह मांग   माने  जाने पर  विरोध करे. बहिष्कार करे। 

बिजली ,गैस ,पेट्रोल ,डीजल हाउस टैक्स की दरों  में लगातार बढ़ोत्तरी  ने जनता को मजबूर कर दिया है , आरा  दरदोज़ी व्यवसाय  बंदी की कगार पर पहुंच गए; इ-रिक्शा वालों  का अतिक्रमण के नाम पर शोषण  होरहा है ; गरीब मरीजों को चिकित्सालयों  में बेड उपलब्ध न होने के नाम पर भर्ती नहीं किया जाता है; चिकित्सालयो  में रात्रि को  डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहते है।
जुल्म, अत्याचार के खिलाफ  संघर्ष  करने के बजाये  राजनितिक दल  अखबारों  तक ही सीमित  रह  गए हैजो की जनता के साथ धोखा है।  कुछ दल हिन्दू मुस्लिम को बाँट  कर सत्ता में बने रहने की घिनौनी राजनीत कर रहे है है।  राजनीतिक  दल अपने अस्तित्व को बचने के लिए गठजोड़  में  लगे हुए है।    

युवक ने फांसी लगाई

लखनऊ  में शुक्रवार  दोपहर  को  एक  युवक  ने हरचंदपुर गढ़ी कनोरा  थाना आलमबाग क्षेत्र  स्थित एक मकान में  फांसी  लगा  ली।  ३० वर्षीय , मनोज कुमार राजभर रेलवे में अपने पिता की मृत्यु के बाद  नौकरी कर रहा था।  पिछले छह वर्ष से किराये के मकान में रह रहा था। 
इसी मकान में इसके चाचा भी किराये पर रहते है।  मृत्यु के कारणों का पता पुलिस लगा रही है। शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया  है. 
मृतक के परिजन चाचा शहर से बहार थे।  घटना स्थल पर मृतक की चाची थी।  सूचना के मुताबिक , मृतक जिला देवरिया का रहनेवाला था।  यहाँ अकेले  रहता था। इसका  विवाह नहीं हुआ था।  इसके फांसी लगाने की सूचना  मकान मालिक श्री श्रीवंश रावत  ने  थाना आलमबाग को दी। 


  

महिला चिकित्सक ने खुद को जहर का इंजेक्शन लगाया ;कर ली आत्महत्या



वाराणसी के अर्दली बाजार क्षेत्र की चिकित्सक, डॉ. शिल्पी राजपूत, ने खुद को जहर का इंजेक्शन लगा कर आत्महत्या कर ली। कैंट पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट बरामद किया है। सुसाइड नोट में उन्होंने अपने बेटे पर आरोप लगाए हैं कि वह उनकी हत्या करना चाहता है। अर्दली बाजार क्षेत्र स्थित न्यू उमंग नर्सिंगहोम की संचालिका डॉ. शिल्पी (48) प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ थीं। पुलिस के अनुसार गुरुवार की रात 1:30 से 2 बजे के बीच डॉ. शिल्पी ने खुद को जहर के दो इंजेक्शन लगाए।
सुबह सूचना मिलने पर उनकी बहन डॉ. स्मिता राजपूत पहुंची और उन्हें लेकर अस्पताल गईं, जहां चिकित्सकों ने महिला डॉक्टर को मृत घोषित कर दिया।

डॉ. शिल्पी को जानने वालों का कहना है कि पिछले कुछ समय से उनका व्यवहार ठीक नहीं था। उन्हें बहुत कम नींद आती थी। वह काफी बड़बड़ाती रहती थीं। ड्रग्स और एस्टेरॉइड के इंजेक्शन भी लेती थीं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अभी तक कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार सीसी फुटेज में वह इंजेक्शन लेते दिख रही हैं। 
डॉ शिल्पी का एक बेटा उमंग और एक बेटी दीप्ति है। दोनों दिल्ली में रहते हैं। बेटा नौकरी करता है और बेटी दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ रही है। डॉ.शिल्पी ने सुसाइड नोट में अपने बेटे उमंग पर आरोप लगाया कि वह उनकी हत्या करना चाहता था और संपत्ति हड़पना चाहता है। इसके साथ ही उन्होंने सुसाइड नोट में अपने पति का जिक्र करते हुए लिखा है कि उन्होंने 17 वर्ष एक हैवान के साथ बिताए और अपने बच्चों को पाला।
डॉ. शिल्पी के पति और सरकारी चिकित्सक रहे डॉ. डीपी सिंह की 11 वर्ष पहले 13 सितंबर 2007 को पांडेयपुर क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में डॉ. शिल्पी को हत्या की साजिश रचने के आरोप में छह अन्य आरोपियों के साथ जेल भेजा गया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।