UPBIL/2018/70352

तीन युवक के साथ आमने सामने मुठभेड़ बिल्कुलफर्जी का दावा; सभी घर से उठाए गये थे

उत्तर प्रदेश की लखनऊ पुलिस ने आज तीन युवक के साथ आमने सामने मुठभेड़ दिखाया जिसमें एक युवक शिवकरन उर्फ करन यादव के भागने पर पुलिस ने फायरिंग किया जिससे करन के पैर में गोली लग गई और दो आरोपी पकडे गयें।

 ह्यूमन राईट मानिटरिंग फोरम के अनुसार, उनके सदस्यों ने घटनास्थल का दौरा किया और आस पास के लोगों से बातचीत किया प्रत्यक्षदर्शीयों ने मुठभेड़  बताया कि पुलिस ने गाड़ी मे युवकों को भरकर लायी थी और उन्हें गाडी से धकेल कर गोली मारी थी। गांव वालों ने यह भी बताया कि जो गाडी बरामद हुई है उस गाड़ी को उन्ही का आदमी चलाकर लाया था जो  मुठभेड़ के बाद पुलिस वालों के साथ सादे वर्दी में खडे थे।
घटनास्थल के बाद फोरम के अमित और संजय मुठभेड़ में घायल युवक शिवकरन यादव के घर रैंथा रोड ग्राम फरुखाबाद थाना मडियांव जनपद लखनऊ गयें। वहां पर घयल युवक के पिता मुरली यादव ने बताया की उनके बेटे को कल दिन में पुलिस घर पर ढूढने आयी थी तब लड़का घर से हट गया जिसके कारण वह लोग नहीं ले जा पाये।

उन्होंने बताया कि आज तड़के भोर में लगभग 2 से 3 के बीच तीन गाडियों से लगभग 15/16 पुलिस वाले घर का चाहरदीवारी फादकर गेट खोले फिर सभी पुलिस वाले घर के अन्दर आ गये और उनके लड़के को जबरन ले जाने लगे तब घर वालो ने लड़के को छुडाने के लिए पुलिस वालो से छीनाझपटी हो गई जिसमें पुलिस वालो का बैच बिल्ला वहीं गिर गया जिस पर पुलिस वाले भड़क गये और शुभकरण के उपर रिवाल्वर तानकर घर वालो से बोले की हमें इसे ले जाने दो नहीं तो यही पर गोली मार देगें पुलिस की धमकी से परिवार वाले डरकर पीछे हट गये। 
परिवार के पीछे हटने पर पुलिस वाले शुभकरण और उसकी नई अपाचे गाडी उठाकर ले जाने लगें। पुलिस शुभकरण को लेकर  भागने के चक्कर में पुलिस की 100 न. की सफेद रंग की इनोवा शुभकरण के घर की दिवार पर जोरदार टक्कर लगने से इनोवा की बम्फर और साइड सीसा टूटकर वहीं गिर गया और  दिवाल टेडी हो गयीं लेकिन पुलिस रुकी नहीं भाग निकली।
शुभकरण के परिवार ने 3 बजे के लगभग 100 न पर फोन किया तो वहां से मडियांव थाने पर जाने को कहा गया। पीड़ित परिवार थाने पर गये वहां बैठे मुंशी ने बताया कि यहां पर शुभकरण को नही लाया गया है
आप लोग पुलिस अधीक्षक के पास जाइये तब वहां से पीड़ित परिवार 4 बजे एसएसपी लखनऊ के यहां पहुंचे और वहां बैठे अवधेश कुमार से सारी बाते बताया तो उन्होंने मडियांव थाने पर फोन कर पूछा तो वहां सै बताया गया कि थाने पर किसी को भी नहीं लाया गया है।
एसएसपी आवास पर तैनात अवधेश कुमार ने इस परिवार से कहा की सुबह होने दिजिए हम लडके का पता कर रहे है ।
एसएसपी आवास पर काफी देर बैठने के बाद पीड़ित परिवार ने अपने परिचित वकील को फोन किया और राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, लखनऊ एसएसपी, को पत्र लिखकर जीपीओ डाकघर से स्पीड पोस्ट कर दिया। सुबह आठ बजे के करीब एक नम्बर से उन्हें फोन आया कि उनके लडके को पुलिस मुठभेड़ मे गोली लग गई है, लेकिन वह लोग डर के मारे लडके को देखने ट्रामा अस्पताल में नहीं गये कही पुलिस उन्हें भी पकड़ ना ले। परिजनों ने शुभकरन के साथ पुलिस मुठभेड़ को बिल्कुलफर्जी बताया और जांच की मांग किया।

फोरम के साथी संजय और अमित उक्त फर्जी मुठभेड़ में पकड़े गये दूसरे युवक संजय शुक्ला पुत्र रामआसरे शुक्ला निवासी कुंडरी, रकाबगंज थाना वजीरगंज लखनऊ के घर गये वहां पर घर वाले पुलिस की डर के मारे कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हो रहें थे काफी देर प्रयास के बाद बस इतना बताया कि उनके लडके को पुलिस दो दिन पहले घर उठा कर ले गयीं थी पैसे देने की वजह से उसकी जान बच पायी है उन्होंने बताया की पुलिस ने किसी को कुछ भी बताने के लिए मना किया है।
फोरम के अनुसार, उक्त फर्जी मुठभेड़ मे पकडे गयें तीसरे युवक बिरेन्द्र के घर पर गयें लेकिन वहां पर कोई नहीं मिला । आस पास के लोगों ने बताया कि बिरेन्द्र का परिवार पुलिस की डर की वजह से घर से कहीं दूर चले गयें है।
बिरेन्द्र के बारे में पूछने पर बताया की दो तीन दिन पहले पुलिस घर से उठा कर ले गयीं है। जिसको आज लखनऊ मे मुठभेड़ मे पकडऩे की बात सामने आ रही है जो बिल्कुल गलत है।
ह्यूमन राईट मॉनिटरिंग फोरम ने मुठभेड़ में घायल शुभकरन से मिलने गया, लेकिन पुलिस ने नहीं मिलाने दिया.


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