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उत्तर प्रदेश में आज की प्रतिक्रया

भारतीय जनता पार्टी की मतदाता पर्ची न मिलने की शिकायत  

खनऊ 11 मार्च 2018, भारतीय जनता पार्टी ने भारत निर्वाचन आयोग से बेबेसाइट न चलने से मतदाता पर्ची डाउनलोड न हो पाने की शिकायत की। 
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रभारी चुनाव  प्रबंधन जेपीएस राठौर ने निर्वाचन आयोग से भारत निर्वाचन आयोग की बेबसाइट राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल  कि न चलने की शिकायत की है। 
राठौर ने शिकायत दर्ज कराई कि संसदीय क्षेत्र 64-गोरखपुर व 51-फूलपुर का चुनाव चल रहा है लेकिन बेबसाइट न चलने के कारण वोटर पर्ची डाउनलोड नही कर पा रहे मतदाता परेशान हंै, तथा वोटिंग धीमी हो रही है। 
वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी  ने चुनावी प्रक्रिया पर अपना बयान दिया कि सांप्रदायिक गठजोड़ के विरूद्ध लोकतांत्रिक और प्रगतिशील ताकतों की एकजुटता ने भाजपा खेमे में हताशा पैदा कर दी है। 

समाजवादी पार्टी की चुनावी प्रतिक्रया 

आज गोरखपुर और फूलपुर(इलाहाबाद) के लोकसभा उपचुनावों में मतदान के दौरान भी भाजपा की बौखलाहट देखने को मिली। राज्य सरकार ने एक वर्ष में जनता को निराश किया है और जनहित में एक योजना भी भाजपा सरकार ने नहीं लागू की। 
इससे भाजपा के खिलाफ जनता का आक्रोश भी खुलकर सामने आया। नतीजतन सŸाारूढ़ दल चुनावी परिणाणों को प्रभावित करने के लिए ओछे हथकंडों पर उतर आया। 
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ईवीएम मशीनों के इस्तेमाल के खतरे पर पहले कई बार ध्यानाकर्षण करा चुके हैं। आज 50 से ज्यादा ईवीएम मशीनों की खराबी से कई जगहमतदान में रूकावट आई। घंटो तक इन्हंे ठीक नही करया गया जिससे नाराज मतदाता बिना वोट डाले ही चले गए। कई जगह मतदाताओं को रोकने की भी घटनाएं हुई। भाजपा के दबंगो ने पोलिंग बूथ के अंदर घुसकर जबरनफर्जी रूप से भाजपा के पक्ष में बटन दबाकर निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता ही नष्ट कर दी।
       चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित करने वाली घटनाएं और सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग पूर्णतया अनैतिक है। इससे लोकतंत्र की स्वस्थ परम्पराओं को खतरा पैदा होता वैसे भी भाजपा की कार्यशैली ही आलोकतांत्रिक है।इतनी बड़ी संख्या मंे ईवीएम मशीनों के खराब होने की जांच कराकर दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जानी चाहिए। जिन बूथों पर मतदान घंटो बाधित रहा वहां पुनः मतदान कराना चाहिए। यह स्थिति चिंताजनक है।भाजपा के इन कुत्सित इरादों को जनता जान गई है। भाजपा के बुरे दिन आने वाले हैं। अब लाख कोशिशें हो फिर भी श्री अखिलेश यादव के नेतृत्व के प्रति जनता के विश्वास के कारण समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी दोनों लोकसभाक्षेत्रों से भारी मतों से विजयी होंगे। 
                                        

कांग्रेस ने बुंदेलखंड के पेयजल पर प्रतिक्रिया दी    

 किन्तु प्रदेश कांग्रेस ने चुनाव पर कोई प्रतिक्रिया न देते हुए बुन्देलखण्ड की ओर अपना बयान दिया और ओंकारनाथ सिंह कहा कि गर्मी की शुरूआत होते ही समूचे बुन्देलखण्ड में आम जनता पेयजल की समस्या से त्राहि-त्राहि कर रही है। टीवी चैनलों में जो रिपोर्ट आ रही है कि बुन्देलखण्ड में गड्ढा खोदकर लाल पानी को एकत्र कर जनता प्यास बुझाने के लिए परेशान है उससे साफ हो गया है कि प्रदेश और केन्द्र की सरकार को आम जनता से कोई सरोकार नहीं रह गया है।
  प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं प्रवक्ता ओंकारनाथ सिंह ने आज जारी बयान में कहा कि अभी पिछले वर्ष प्रदेश में पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार में बुन्देलखण्ड में सूखे और पेयजल की किल्लत को देखते हुए केन्द्र सरकार ने बुन्देलखण्ड में खाली ट्रेन भेजे थे जो बिना पानी की सप्लाई किये ही काफी दिनों रेलवे ट्रैक पर खड़े रहने के बाद वापस चले गये थे। उसके बाद जब वर्तमान समय में केन्द्र में और पिछले 11 माह से भाजपा की प्रदेश में सरकार है तो इन्होने पेयजल की समस्या की ओर केाई ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते अभी गर्मी की शुरूआत में ही बुन्देलखण्ड में आम जनता पेयजल के लिए दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हो गयी है। 
सिंह ने आगे कहा कि अभी हाल ही में लखनऊ में सम्पन्न हुए इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री ने बुन्देलखण्ड में उद्योग लगाने के नाम पर डिफेन्स कारीडोर स्थापित किये जाने की बात कही थी। आज बुन्देलखण्ड में पीने के लिए पानी नहीं है तो औद्योगिक इकाई को चलाने के लिए पानी की व्यवस्था कहां से करेंगे जो सबसे जरूरी चीज है, इसके लिए कोई भी प्लान नहीं बनाया। यह साबित करता है कि इन्वेस्टर्स समिट सिर्फ आम जनता का ध्यान अपनी विफलताओं से भटकाने के लिए किया गया था प्रदेश के विकास और जमीनी वास्तविकता से इसका दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है।
प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार किस कदर आम जनता के स्वास्थ्य के प्रति उदासीन है इसका जीता जागता उदाहरण झांसी के मेडिकल कालेज में देखने को मिला है जहां एक पीड़ित की टांग काटने के लिए चिकित्सकों द्वारा उसकी कटी हुई टांग को तकिये के रूप में इस्तेमाल किया गया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। यह साबित करता है कि स्वास्थ्य व्यवस्था प्रदेश में पूरी तरह चरमरा गयी है।  

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