UPBIL/2018/70352

कांग्रेस: बजट व्यय में कमी से प्रदेश की विकास दर और रोजगार दोनो प्रभावित होंगे।

कांग्रेस विधान परिषद सदस्य दीपक सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में अच्छी सरकार का मतलब परफार्मेन्स होता है जनता की योजना का उसे पूरा लाभ मिले। एक ऐसी सरकार जो जनता के लिए बजट तो पास कराए लेकिन खर्च न करे तो यह लोकतंत्र में गुनाह है, शपथ का संविधान की भावना का उल्लंघन है।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने में विभागों को वित्तीय स्वीकृति और व्यय करने में पिछड़ गई है। कई विभागों के लिए बजट में की गई व्यवस्था की वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं हुई है जिसके चलते 31 मार्च तक हजारों करोड़ खर्च कर पाना संभव नहीं होगा।

प्रदेश सरकार ने बजट में किसानों के ऋण माफ करने के लिए 36687 करेाड़ का इंतजाम किया था जिसमें से 28 हजार करोड़ से अधिक का आवंटन के बाद भी खर्च नहीं हो पाया है यानी किसानों के ऋण खातों में काफी के पैसे जाने की रफ्तार धीमी है। फरवरी तक ऋणमाफी के बजट का महज 57 प्रतिशत ही खर्च हो सका है।

योगी सरकार 19 मार्च को एक साल का कार्यकाल पूरा कर रही है। सरकार ने वित्तीय वर्ष का 3 लाख 62 हजार करोड़ का बजट मई में पेश किया था। इसके बाद दिसंबर में 11388 करेाड़ का अनुपूरक बजट भी पास कराया था। अब साल के अंतिम महीने में प्रदेश सरकार की वित्तीय स्थिति में व्यय में भारी कमी दिख रही है। ध्यान रहे कि बजट व्यय में कमी से प्रदेश की विकास दर और रोजगार दोनो प्रभावित होंगे।

वित्तीय वर्ष के अंत में प्रदेश के दो विभागों हथकरघा और गृह विभाग के अंतर्गत होम गार्ड विभाग ने बजट का 91 प्रतिशत से अधिक खर्च किया है जबकि कई विभाग ऐसे हैं जिनकी वित्तीय स्वीकृति जारी ही नहीं हुई या बहुत कम की गई है। लोक निर्माण विभाग के भवन और सेतु के मद में प्रदेश सरकार ने स्वीकृतियां जारी नहीं की है। लोकनिर्माण विभाग से बनने वाली सड़कों के मद में बजट में 14251 करोड़ की व्यवस्था की गई थी जबकि स्वकृतियां 100 करोड़ से भी कम है।

आंकड़े क्या  कहते है 

बजट व्यवस्था और व्यय को प्रतिशतवार विभागों की उपलब्धि देखें तो फरवरी तक आकड़े आवास विभाग 40.80प्रतिशत, उद्योग विभाग(लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन) 47.79 प्रतिशत, ऊर्जा विभाग 58.25 प्रतिशत, कृषि तथा अन्य सम्बद्ध विभाग (कृषि) 56.82प्रतिशत, पंचायतीराज 60 प्रतिशत, खाद्य रसत विभाग 72.62प्रतिशत, खेल विभाग 51.84प्रतिशत, गन्ना विकास विभाग चीनी उद्योग 8.79प्रतिशत, गृह विभाग कारागार 70.35प्रतिशत, गृह विभाग पुलिस 74.03प्रतिशत, गृह विभाग नागरिक सुरक्षा 55.79प्रतिशत, नगर विकस विभाग 39.31प्रतिशत, नियोजन विभाग 24.93प्रतिशत, न्याय विभाग 54.76प्रतिशत, परिवहन विभाग 56.53प्रतिशत, पर्यटन विभाग 12.63प्रतिशत, महिला एवं बाल कल्याण विभाग 47.10प्रतिशत, लोकनिर्माण विभाग भवन 0.00 प्रतिशत, लोकनिर्माण विभाग विशेष क्षेत्र कार्यक्रम 9.25प्रतिशत, लोकनिर्माण विभाग संचार साधन-सेतु 0.00, लोकनिर्माण विभगा संचार-साधन-सड़कें के लिए 15964.12 रखे गये थे लेकिन 1.54 करोड़ की ही स्वीकृति दी गयी। यह कुल का 0.01प्रतिशत है। शिक्षा विभाग(प्राथमिक शिक्षा में 63.21प्रतिशत, माध्यमिक शिक्षा 80.83प्रतिशत, उच्च शिक्षा 65.85प्रतिशत, गृह विभाग होमगार्ड 91.40प्रतिशत, समाज कल्याण विभाग विकलांग एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण में 36.28प्रतिशत, समाज कल्याण एवं अनुसूचित जातियों के कल्याण के 4410.65 बजट के मुकाबजे 38.92 प्रतिशत व्यय हुआ है। जनजाति कल्याण के 577.77 करोड़ के बजट में 245.64करोड़ आवंटित हुआ है जिसमें से 167.99खर्च हुआ है जो बजट का महज 29.08प्रतिशत है। समाज कल्याण विभाग की अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजना के लिए 24756.79 बजट में से 14552.79 आवंटित किया गाय जिसमें से 12288.06 करोड़ खर्च हो सके हैं जो बजट का 49.64 प्रतिशत है।

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