UPBIL/2018/70352

39 मारे गये भारतीय गरीब मजदूर गैर भाजपा शासित प्रदेश(पंजाब, हिमांचल प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल) के रहने वाले थे: प्रमोद तिवारी


सुचित बाजपाई:लखनऊ  
इराक में मारे गए युवकों के परिवारों को मंगलवार को जब पता चला की उनके परिवारिक सदस्य इस दुनिया में नहीं रहे तो उनके ऊपर दुखों का पहाड़ गिर गया. वहीं प्रशासन की लापरवाही की वजह से इन दुखी परिवारों की परेशानी और बढ़ रही है. इराक में मरने वाले युवकों में शामिल बलाचौर के परमिंदर कुमार के परिजन कश्मीर सिंह ने बताया कि मंगलवार रात को डीसी और एसएसपी के द्वारा उनको सूचित किया गया था कि परमिंदर का शव बुधवार सुबह अमृतसर के गुरु राम दास एयरपोर्ट पर पहुंच जाएगा. सुबह परिवार वाले एम्बुलेंस लेकर यहां पहुंचे तो यहां न तो परमिंदर का शव भेजा गया और न ही कोई प्रशाशनिक अधिकारी यहां पर पहुंचा था.
उधर प्रमोद तिवारी सांसद राज्यसभा व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने अपने एक बयान मे अरोप लगाया है कि भारत सरकार ने अपने 39 भारतवसियो की जान बचाने मे नकाम रही है। जिन्हे इराक के मोशूल शहर मे चार साल पहले अपहरण कर आइ्रएस आईएस द्वारा मार डाला गया।
मोशुल शहर के उत्तर पश्चिमम  बटूश गांव मे एक सामूहिक कब्र से इनके शब बरामद किये गये हैं। भरत की विदेश मंत्री ने 3 बार सदन को गुमराह किया।
राज्य सभा मे जब कांग्रेस की अंबिका सोनी, मैने व श्री प्रताप सिंह बाजवा ने वह सब सूत्र बताया जो सामूहिक हत्याकाण्ड की पुष्टि कर रहे थे तो श्रीमती स्वराज ने अपने जवाब मे कहा कि उनके पास भी 3 से अधिक पुष्ट सूत्र हैं जो यह साबित करते है कि वह सब जीवित है।
 प्रमोद तिवारी आगे कहा कि सरकार ने सदन को गलत सूचना दी है और सदन को गुमराह किया है इसलिये कांग्रेस पार्टी विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वाराज जी के खिलाफ सदन मे "विशेषाधिकार हनन" की सूचना लाने जा रही है।
 श्री तिवारी ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार ने उन मजदूरों की जान बचाने मे इसलिये रूचि नही दिखायी थी क्यो कि वह गरीब मजदूर गैर भाजपा शासित प्रदेश(पंजाब, हिमांचल प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल) के रहने वाले थे।
इराक में मारे गए 39 भारतीयों में से ज्यादातर पंजाब के रहने वाले थे. मारे गए युवकों के परिवारों को मुआवजा देने के लिए पंजाब सरकार ने गेंद केंद्र सरकार के पाले में डाल दी है.
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि इराक में मारे गए पंजाबी युवकों के परिवारों को मुआवजा देने के लिए उन्होंने केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को चिट्ठी लिखी है कि केंद्र सरकार इन गरीब लड़कों के परिवारों की मदद करें और पंजाब सरकार तो पहले ही इन परिवारों को 20000 महीना बतौर पेंशन दे रही है.
वहीं पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि इस बात पर राजनीति ना हो कि लड़के पंजाब के हैं या किसी और राज्य के, बल्कि मरने वाले सारे लड़के हिंदुस्तानी थे और पंजाब सरकार से जो बन सकेगा वो मदद की जाएगी. केंद्र सरकार को भी गरीब युवकों के परिवारों की मदद करनी चाहिए. अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने भी कहा कि केंद्र सरकार को मोसुल में मारे गए पंजाबी युवकों की मदद करनी चाहिए.


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