UPBIL/2018/70352

सरकारी हैण्ड पंप ऊँची जाति का है; पानी की किल्लत

लखनऊ  के बाहरी क्षेत्र  में  नीचे जाति महिलाए सरकारी हैण्ड पंप  से पानी नहीं ले  सकती है   

जिन वस्तुओ पर प्रकृति नियंत्रण है और मनुष्य कब्जा करने मे सक्षम नही है उसपर किसी भी प्रकार का नियम लगाने मे शक्तिशाली लोग चुप रहते हैं और ईश्वर के सिद्धान्त को उसी के उदाहरण से समझाते हैं किन्तु जिन प्राकृतिक वस्तुओं को मनुष्य के बनाये हुए उपकरण के माध्यम से उपभोग करता है पर दूसरे का नियंत्रण बर्दाश्त नही कर पाता है।
पेयजल एक प्राकृतिक संसाधन है किन्तु इसकी शुद्ध उपलब्धता मनुष्य के उपकरणो द्वारा ही संभव है तो लोग अपने ही समान लोगो को उपभोग से ही मना कर देते है।
ह्यूमन राईट मानिटरिंग कमेटी ने लखनऊ के थाना बंन्थरा क्षेत्र के ग्राम कुरौनी दोंदईयाखेड़ा में छुआछूत और जातिगत नफरत के कारण 50 परिवारों को सरकारी हैण्डपम्प से पानी नहीं भरने दिया जाने की जानकारी होने पर ह्यूमन राईट मानिटरिंग कमेटी की टीम ने गांव में जाकर  मामले की सत्यता जानने के लिए फैक्ट फाइन्डिग किया।

फैक्ट फाइन्डिग टीम को गांव की कालिन्द्री ने बताया कि गांव के पुत्तीलाल यादव के घर पर सरकारी हैण्डपंप लगा है लेकिन उन्हें हैण्डपंप से पानी नही लेने दिया जाता उन्हें जातिसूचक गालियां देते हुए उनकी बाल्टी को ये कहते हुए उठाकर फेक देते है की वह निचली जाति की है इसलिए वह किसी और हैण्डपंप से पानी जाकर भरा करें।
फैक्ट फाइन्डिग टीम को उसी गांव की रुबी ने बताया की उन्हें उनके घर के बच्चो को हैण्डपंप पर पानी नहीं पीने दिया जाता उन्हें मारपीट कर भगा देते है।

 गांव की किरण ने बताया उनके यहाँ हैण्डपंप नही है जिसके कारण वह पडोस में लगे सरकारी हैण्डपम्प से पानी लेने जाती है तो उन्हें जातिसूचक गालियो के साथ गन्दी गन्दी गालियां देतें है और उनके बाल्टी में मिट्टी और कचरा डाल देते है और बाल्टी उठाकर फेककर हैडपंप पर दुबारा न दिखाई देने की धमकी देते है।

फैक्ट फाइन्डिग टीम को गांव की रुपरानी ने बताया की जब वह पास मे लगे हैण्डपंप से पानी लेने जाती है तो पुत्तीलाल यादव और उनका परिवार छुआछूत के कारण उन्हें पानी नहीं लेने देते और कहते है की तुम सब हैण्डपम्प छू देती हो तो तो पानी पीने के लायक नही रहता।

गांव के लोगों ने कहा की उन्होंने प्रधान को सारी बातें बताई लेकिन उन्होंने उनकी मदद के बजाय उन्हें ही डाट कर भगा दिया।उपरोक्त मामले में थाने पर जाकर शिकायत किया तो पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करनें के बजाय दूसरे हैण्डपंप से पानी भरने की सलाह देकर भगा दिया।
फैक्ट फाइन्डिग टीम ने सीओ कृष्णानगर श्री लाल प्रताप सिंह  से मुलाकात कर उनसे आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करनें का अनुरोध किया जिस पर उन्होंने उक्त मामले की स्वयं जांच कर दोषियों के ऊपर कार्यवाही करेंगे।

ह्यूमन राईट मानिटरिंग कमेटी ने लखनऊ में व्याप्त छुआछूत की जानकारी ईमेल और ट्विटर के जरिये उत्तर प्रदेश पुलिस सहित राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री एससीएसटी आयोग को देकर कार्यवाही की मांग किया है। 



नरेश अग्रवाल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात की


लखनऊ 22 मार्च 2018,  भारतीय जनता पार्टी प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय से सांसद नरेश अग्रवाल अपने सैंकडों समर्थकों के साथ भेंट करने पहुॅचे। प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने भाजपा परिवार में आगमन पर स्वागत करते हुए समर्थकों को भाजपा की सदस्यता प्रदान की। डाॅ0 पाण्डेय ने कहा कि अन्त्योदय के पथ पर चलने को तत्पर प्रत्येक व्यक्ति का भाजपा में अभिनन्दन है। 
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पहली बार पहुॅचे राज्यसभा सदस्य नरेश अग्रवाल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय से उनके कक्ष में मुलाकात की। भाजपा में शामिल होने के बाद अपने समर्थको को भाजपा की सदस्यता दिलाने हेतु भाजपा मुख्यालय पहुॅचे संासद नरेश अग्रवाल ने कहा कि हम सभी भाजपा कार्यकर्ता के रूप में काम करेंगे। 
प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने पूर्व राज्यमंत्री एवं प्रदेश सचिव सपा ब्रजेश शुक्ला, पूर्व राज्यमंत्री एवं जिला पंचायत अध्यक्ष हरदोई मुकेेश अग्रवाल, पूर्व प्रदेश सचिव सपा सत्यनाम सिंह सेठी, प्रदेश अध्यक्ष व्यापार सभा आनन्द अग्रवाल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष उद्योग व्यापार संगठन अचल अग्रवाल एवं अध्यक्ष नगर पालिका परिषद हरदोई सुख सागर मिश्रा सहित सांसद नरेश अग्रवाल के सैंकडो़ समर्थकों का पार्टी में स्वागत किया और उन सब को पार्टी की सदस्यता दिलाकर विश्व की सबसे बडे राजनीतिक परिवार में शामिल किया। 
इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री विद्यासागर सोनकर, सलिल विश्नोई, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश त्रिवेदी, प्रदेश मुख्यालय प्रभारी भारत दीक्षित आदि उपस्थित रहे।  


39 मारे गये भारतीय गरीब मजदूर गैर भाजपा शासित प्रदेश(पंजाब, हिमांचल प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल) के रहने वाले थे: प्रमोद तिवारी


सुचित बाजपाई:लखनऊ  
इराक में मारे गए युवकों के परिवारों को मंगलवार को जब पता चला की उनके परिवारिक सदस्य इस दुनिया में नहीं रहे तो उनके ऊपर दुखों का पहाड़ गिर गया. वहीं प्रशासन की लापरवाही की वजह से इन दुखी परिवारों की परेशानी और बढ़ रही है. इराक में मरने वाले युवकों में शामिल बलाचौर के परमिंदर कुमार के परिजन कश्मीर सिंह ने बताया कि मंगलवार रात को डीसी और एसएसपी के द्वारा उनको सूचित किया गया था कि परमिंदर का शव बुधवार सुबह अमृतसर के गुरु राम दास एयरपोर्ट पर पहुंच जाएगा. सुबह परिवार वाले एम्बुलेंस लेकर यहां पहुंचे तो यहां न तो परमिंदर का शव भेजा गया और न ही कोई प्रशाशनिक अधिकारी यहां पर पहुंचा था.
उधर प्रमोद तिवारी सांसद राज्यसभा व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने अपने एक बयान मे अरोप लगाया है कि भारत सरकार ने अपने 39 भारतवसियो की जान बचाने मे नकाम रही है। जिन्हे इराक के मोशूल शहर मे चार साल पहले अपहरण कर आइ्रएस आईएस द्वारा मार डाला गया।
मोशुल शहर के उत्तर पश्चिमम  बटूश गांव मे एक सामूहिक कब्र से इनके शब बरामद किये गये हैं। भरत की विदेश मंत्री ने 3 बार सदन को गुमराह किया।
राज्य सभा मे जब कांग्रेस की अंबिका सोनी, मैने व श्री प्रताप सिंह बाजवा ने वह सब सूत्र बताया जो सामूहिक हत्याकाण्ड की पुष्टि कर रहे थे तो श्रीमती स्वराज ने अपने जवाब मे कहा कि उनके पास भी 3 से अधिक पुष्ट सूत्र हैं जो यह साबित करते है कि वह सब जीवित है।
 प्रमोद तिवारी आगे कहा कि सरकार ने सदन को गलत सूचना दी है और सदन को गुमराह किया है इसलिये कांग्रेस पार्टी विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वाराज जी के खिलाफ सदन मे "विशेषाधिकार हनन" की सूचना लाने जा रही है।
 श्री तिवारी ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार ने उन मजदूरों की जान बचाने मे इसलिये रूचि नही दिखायी थी क्यो कि वह गरीब मजदूर गैर भाजपा शासित प्रदेश(पंजाब, हिमांचल प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल) के रहने वाले थे।
इराक में मारे गए 39 भारतीयों में से ज्यादातर पंजाब के रहने वाले थे. मारे गए युवकों के परिवारों को मुआवजा देने के लिए पंजाब सरकार ने गेंद केंद्र सरकार के पाले में डाल दी है.
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि इराक में मारे गए पंजाबी युवकों के परिवारों को मुआवजा देने के लिए उन्होंने केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को चिट्ठी लिखी है कि केंद्र सरकार इन गरीब लड़कों के परिवारों की मदद करें और पंजाब सरकार तो पहले ही इन परिवारों को 20000 महीना बतौर पेंशन दे रही है.
वहीं पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि इस बात पर राजनीति ना हो कि लड़के पंजाब के हैं या किसी और राज्य के, बल्कि मरने वाले सारे लड़के हिंदुस्तानी थे और पंजाब सरकार से जो बन सकेगा वो मदद की जाएगी. केंद्र सरकार को भी गरीब युवकों के परिवारों की मदद करनी चाहिए. अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने भी कहा कि केंद्र सरकार को मोसुल में मारे गए पंजाबी युवकों की मदद करनी चाहिए.


कांग्रेस: बजट व्यय में कमी से प्रदेश की विकास दर और रोजगार दोनो प्रभावित होंगे।

कांग्रेस विधान परिषद सदस्य दीपक सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में अच्छी सरकार का मतलब परफार्मेन्स होता है जनता की योजना का उसे पूरा लाभ मिले। एक ऐसी सरकार जो जनता के लिए बजट तो पास कराए लेकिन खर्च न करे तो यह लोकतंत्र में गुनाह है, शपथ का संविधान की भावना का उल्लंघन है।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने में विभागों को वित्तीय स्वीकृति और व्यय करने में पिछड़ गई है। कई विभागों के लिए बजट में की गई व्यवस्था की वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं हुई है जिसके चलते 31 मार्च तक हजारों करोड़ खर्च कर पाना संभव नहीं होगा।

प्रदेश सरकार ने बजट में किसानों के ऋण माफ करने के लिए 36687 करेाड़ का इंतजाम किया था जिसमें से 28 हजार करोड़ से अधिक का आवंटन के बाद भी खर्च नहीं हो पाया है यानी किसानों के ऋण खातों में काफी के पैसे जाने की रफ्तार धीमी है। फरवरी तक ऋणमाफी के बजट का महज 57 प्रतिशत ही खर्च हो सका है।

योगी सरकार 19 मार्च को एक साल का कार्यकाल पूरा कर रही है। सरकार ने वित्तीय वर्ष का 3 लाख 62 हजार करोड़ का बजट मई में पेश किया था। इसके बाद दिसंबर में 11388 करेाड़ का अनुपूरक बजट भी पास कराया था। अब साल के अंतिम महीने में प्रदेश सरकार की वित्तीय स्थिति में व्यय में भारी कमी दिख रही है। ध्यान रहे कि बजट व्यय में कमी से प्रदेश की विकास दर और रोजगार दोनो प्रभावित होंगे।

वित्तीय वर्ष के अंत में प्रदेश के दो विभागों हथकरघा और गृह विभाग के अंतर्गत होम गार्ड विभाग ने बजट का 91 प्रतिशत से अधिक खर्च किया है जबकि कई विभाग ऐसे हैं जिनकी वित्तीय स्वीकृति जारी ही नहीं हुई या बहुत कम की गई है। लोक निर्माण विभाग के भवन और सेतु के मद में प्रदेश सरकार ने स्वीकृतियां जारी नहीं की है। लोकनिर्माण विभाग से बनने वाली सड़कों के मद में बजट में 14251 करोड़ की व्यवस्था की गई थी जबकि स्वकृतियां 100 करोड़ से भी कम है।

आंकड़े क्या  कहते है 

बजट व्यवस्था और व्यय को प्रतिशतवार विभागों की उपलब्धि देखें तो फरवरी तक आकड़े आवास विभाग 40.80प्रतिशत, उद्योग विभाग(लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन) 47.79 प्रतिशत, ऊर्जा विभाग 58.25 प्रतिशत, कृषि तथा अन्य सम्बद्ध विभाग (कृषि) 56.82प्रतिशत, पंचायतीराज 60 प्रतिशत, खाद्य रसत विभाग 72.62प्रतिशत, खेल विभाग 51.84प्रतिशत, गन्ना विकास विभाग चीनी उद्योग 8.79प्रतिशत, गृह विभाग कारागार 70.35प्रतिशत, गृह विभाग पुलिस 74.03प्रतिशत, गृह विभाग नागरिक सुरक्षा 55.79प्रतिशत, नगर विकस विभाग 39.31प्रतिशत, नियोजन विभाग 24.93प्रतिशत, न्याय विभाग 54.76प्रतिशत, परिवहन विभाग 56.53प्रतिशत, पर्यटन विभाग 12.63प्रतिशत, महिला एवं बाल कल्याण विभाग 47.10प्रतिशत, लोकनिर्माण विभाग भवन 0.00 प्रतिशत, लोकनिर्माण विभाग विशेष क्षेत्र कार्यक्रम 9.25प्रतिशत, लोकनिर्माण विभाग संचार साधन-सेतु 0.00, लोकनिर्माण विभगा संचार-साधन-सड़कें के लिए 15964.12 रखे गये थे लेकिन 1.54 करोड़ की ही स्वीकृति दी गयी। यह कुल का 0.01प्रतिशत है। शिक्षा विभाग(प्राथमिक शिक्षा में 63.21प्रतिशत, माध्यमिक शिक्षा 80.83प्रतिशत, उच्च शिक्षा 65.85प्रतिशत, गृह विभाग होमगार्ड 91.40प्रतिशत, समाज कल्याण विभाग विकलांग एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण में 36.28प्रतिशत, समाज कल्याण एवं अनुसूचित जातियों के कल्याण के 4410.65 बजट के मुकाबजे 38.92 प्रतिशत व्यय हुआ है। जनजाति कल्याण के 577.77 करोड़ के बजट में 245.64करोड़ आवंटित हुआ है जिसमें से 167.99खर्च हुआ है जो बजट का महज 29.08प्रतिशत है। समाज कल्याण विभाग की अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजना के लिए 24756.79 बजट में से 14552.79 आवंटित किया गाय जिसमें से 12288.06 करोड़ खर्च हो सके हैं जो बजट का 49.64 प्रतिशत है।

मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में सारी सरकारी जमीन पर दबंग लोगो का कब्जा है:भानिमयू


वाराणसी:  भारतीय निर्माण मजदूर यूनियन ने आज सुबह इंकलाब जिदाबाद...रोजी रोटी दे न सके जो वह सरकार निकम्मी है...सभी भूमिहीनो को जमीन का पट्टा दो...गरीबो पर अत्याचार बंद करो के नारो के साथ सोमवार को सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय पर यूनियन ने मार्च निकाला जो बाद मे सभा के में तब्दील हो गया।
सभा को संम्बोधित करते हुए भानिमयू की महिला नेता मरजादी ने कहा की भूमिहीन,बेघर,मजदूर परिवारो के पास कही भी खडे़ होने का जगह तक नही है और नाही उनके पास रहने को घर हैं।
उन्होने कहा वह लोग घर से काम के लिए निकलते तो है, लेकिन उनको काम नही मिलता और शाम को खाली हाथ घर आते है। सरकार हर साल कारपोरेट का हजारो करोड़ कर्जा माफ करती है, लेकिन वह गाव व शहरो में झोपडी़ लगाकर रहने वाले लोगो के लिए अभीतक कुछ नही कर सकी है। सरकार समाजिक सुरक्षा के नाम पर सिर्फ छलावा कर रही है ।
 उन्होने यह भी कहा की जिले में एक तरफ हजारों बीघा सरकारी भूमि पर दबंगों का कब्जा है तो दूसरी तरफ भूमिहीन,बेघर व मजदूर परिवार खुलें आसमान में रहने को मजबूर है। 
सरकार हक वंचित समुदायो को जमीन का पट्टा नही दे रही है और जिसको मिला भी उसे आज तक कब्जा नही मिला और वह पट्टे का कागज लेकर सरकारी दफ्फतर का चक्कर लगा रहा है। वही दूसरी तरफ सरकार धनाढ्य वर्ग को कौडियों के भाव भूमि दे रही है।
भानिमयू के सचिव विनोद कुमार ने कहा की मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस समेत पूरे प्रदेश की सारी सरकारी जमीन पर दबंग लोगो का कब्जा है। वाराणसी में दलितों,वंचितो को दिये गये पट्टे की जमीन पर गाँव के उचे लोगो का कब्जा है। प्रशाषन दबंग लोगो के साथ मिलकर हक वंचितो का दमन कर रही है
उन्होने कहा कि जब तक गरीबों को घर जमीन की सुविधा नहीं मिलती तब तक गरीब चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होने कहा की भूमि के बिना मजदूर के घर का सपना पूरा नहीं होगा।सरकार भूमिहीनो,बेघरो व मजदूरो की मुसीबतों को दूर कर हक वंचित समुदाय के विकास के लिए योजना लाये।
भानिमयू की महिला नेता मालती ने कहा की पीएम मोदी जी मन की बात तो करते है, लेकीन गरीबो के काम की बात नही करते। 
उन्होने कहा की पीएम मोदी जी के क्षेत्र में हक वंचित समाज के उपर हमले बढ़ गये है और गरीबो,दलितों,मजदूरों की कोई सुनवाई नही हो रही है जिला प्रशासन दबंगों के साथ मिलकर गरीबों की आवाज को दबा रहा है।
भानिमयू के महिला प्रभारी कमरुनिशा ने कहा की ये कैसा विकास है जहा पर एक हक वंचित समाज अपने हक के लिए संघर्ष कर रहा है....और उसका हक न देकर उसका दमन किया जा रहा है। सभा में शामिल सुनीता,लालजी, मालती,सहती, जरबन,राधे,लालमनी,राजेश, मुन्ना,कल्लू व अन्य साथियों ने भी अपनी सभा को संम्बोधित कर मांगो को रखा।
जिलाधिकारी द्रारा कुछ मांगो को एक हफ्ते में पूरा कराने और शेष मांगो को प्रधानमंत्री के पास भेजकर उसे जल्द से जल्द पूरा कराने के आश्वाशन पर सभा समाप्त किया गया!
1-सभी ग्रामीण व शहरी भूमिहीनों को जमीन/आवास का पट्टा व कब्जा देने के लिए एक कमेटी का गठन कर भूमिहीनो को पट्टा व कब्जा दिया जाय।
 2- सभी भूमिहीनो,बेघरो,झुग्गी झोपडी़ मे रहने वाले लोगो व मजदूरो को निशुल्क आवास व मकान बनाने के लिए 5 लाख रुपये दिया जाय। 
3- सरकारी योजनाओं में गरीबो की ज्यादा से ज्यादा पहुच बनाने के लिए प्रशाषन, आम नागरिक और सिविल सोसायटी के साथ एक निगरानी कमिटी का गठन किया जाय!
4-सरकारी योजनाओं का लाभ देने के नाम पर प्रशाशन की मिली भगत से किये जा रहें धन वसूली पर रोक लगाते हुए दोषियों के ऊपर कार्यवाही किया जाय!
5- सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों को 3000 रुपया प्रतिमाह की दर से दिया जाय।
6- मनरेगा के तहत सभी मजदूरो 300 दिन का काम व न्यूनतम मजदूरी रु.500 प्रतिदिन की निर्धारित की जाय।
7- मजदूरो के उत्पीड़न को रोकने,उनके समस्याओ का तत्काल निस्तारण करने और उनके अधिकारो की रक्षा के लिए मजदूर आयोग का गठन किया जाय।
8- गांव-गांव में मौजूद सार्वजनिक संपत्ति जैसे चारागाह, तालाब, नदी, नाले आदि को कब्जे से मुक्त कराकर उस पर बोर्ड लगाया जाय।
9- सभी खेत मजदूरों के लिए राष्ट्रीय कानून व खेत मजदूर श्रम कल्याण बोर्ड का गठन किया जाय।
10- दलितों, गरीबों,मजदूरों और महिलाओं पर हो रहें हमले को रोकने के लिए ठोस उपाय और अपराधियों पर सख्त कार्यवाही किया जाय।
11- भाजपा नेताओ और ग्रामप्रधान पति के द्रारा दलित महिला मरजादी सहित दर्जनो दलितों पर किये जा रहें अत्याचार पर रोक लगाते हुए दोषी के उपर कार्यवाही किया जाय।



उत्तर प्रदेश में आज की प्रतिक्रया

भारतीय जनता पार्टी की मतदाता पर्ची न मिलने की शिकायत  

खनऊ 11 मार्च 2018, भारतीय जनता पार्टी ने भारत निर्वाचन आयोग से बेबेसाइट न चलने से मतदाता पर्ची डाउनलोड न हो पाने की शिकायत की। 
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रभारी चुनाव  प्रबंधन जेपीएस राठौर ने निर्वाचन आयोग से भारत निर्वाचन आयोग की बेबसाइट राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल  कि न चलने की शिकायत की है। 
राठौर ने शिकायत दर्ज कराई कि संसदीय क्षेत्र 64-गोरखपुर व 51-फूलपुर का चुनाव चल रहा है लेकिन बेबसाइट न चलने के कारण वोटर पर्ची डाउनलोड नही कर पा रहे मतदाता परेशान हंै, तथा वोटिंग धीमी हो रही है। 
वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी  ने चुनावी प्रक्रिया पर अपना बयान दिया कि सांप्रदायिक गठजोड़ के विरूद्ध लोकतांत्रिक और प्रगतिशील ताकतों की एकजुटता ने भाजपा खेमे में हताशा पैदा कर दी है। 

समाजवादी पार्टी की चुनावी प्रतिक्रया 

आज गोरखपुर और फूलपुर(इलाहाबाद) के लोकसभा उपचुनावों में मतदान के दौरान भी भाजपा की बौखलाहट देखने को मिली। राज्य सरकार ने एक वर्ष में जनता को निराश किया है और जनहित में एक योजना भी भाजपा सरकार ने नहीं लागू की। 
इससे भाजपा के खिलाफ जनता का आक्रोश भी खुलकर सामने आया। नतीजतन सŸाारूढ़ दल चुनावी परिणाणों को प्रभावित करने के लिए ओछे हथकंडों पर उतर आया। 
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ईवीएम मशीनों के इस्तेमाल के खतरे पर पहले कई बार ध्यानाकर्षण करा चुके हैं। आज 50 से ज्यादा ईवीएम मशीनों की खराबी से कई जगहमतदान में रूकावट आई। घंटो तक इन्हंे ठीक नही करया गया जिससे नाराज मतदाता बिना वोट डाले ही चले गए। कई जगह मतदाताओं को रोकने की भी घटनाएं हुई। भाजपा के दबंगो ने पोलिंग बूथ के अंदर घुसकर जबरनफर्जी रूप से भाजपा के पक्ष में बटन दबाकर निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता ही नष्ट कर दी।
       चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित करने वाली घटनाएं और सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग पूर्णतया अनैतिक है। इससे लोकतंत्र की स्वस्थ परम्पराओं को खतरा पैदा होता वैसे भी भाजपा की कार्यशैली ही आलोकतांत्रिक है।इतनी बड़ी संख्या मंे ईवीएम मशीनों के खराब होने की जांच कराकर दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जानी चाहिए। जिन बूथों पर मतदान घंटो बाधित रहा वहां पुनः मतदान कराना चाहिए। यह स्थिति चिंताजनक है।भाजपा के इन कुत्सित इरादों को जनता जान गई है। भाजपा के बुरे दिन आने वाले हैं। अब लाख कोशिशें हो फिर भी श्री अखिलेश यादव के नेतृत्व के प्रति जनता के विश्वास के कारण समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी दोनों लोकसभाक्षेत्रों से भारी मतों से विजयी होंगे। 
                                        

कांग्रेस ने बुंदेलखंड के पेयजल पर प्रतिक्रिया दी    

 किन्तु प्रदेश कांग्रेस ने चुनाव पर कोई प्रतिक्रिया न देते हुए बुन्देलखण्ड की ओर अपना बयान दिया और ओंकारनाथ सिंह कहा कि गर्मी की शुरूआत होते ही समूचे बुन्देलखण्ड में आम जनता पेयजल की समस्या से त्राहि-त्राहि कर रही है। टीवी चैनलों में जो रिपोर्ट आ रही है कि बुन्देलखण्ड में गड्ढा खोदकर लाल पानी को एकत्र कर जनता प्यास बुझाने के लिए परेशान है उससे साफ हो गया है कि प्रदेश और केन्द्र की सरकार को आम जनता से कोई सरोकार नहीं रह गया है।
  प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं प्रवक्ता ओंकारनाथ सिंह ने आज जारी बयान में कहा कि अभी पिछले वर्ष प्रदेश में पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार में बुन्देलखण्ड में सूखे और पेयजल की किल्लत को देखते हुए केन्द्र सरकार ने बुन्देलखण्ड में खाली ट्रेन भेजे थे जो बिना पानी की सप्लाई किये ही काफी दिनों रेलवे ट्रैक पर खड़े रहने के बाद वापस चले गये थे। उसके बाद जब वर्तमान समय में केन्द्र में और पिछले 11 माह से भाजपा की प्रदेश में सरकार है तो इन्होने पेयजल की समस्या की ओर केाई ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते अभी गर्मी की शुरूआत में ही बुन्देलखण्ड में आम जनता पेयजल के लिए दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हो गयी है। 
सिंह ने आगे कहा कि अभी हाल ही में लखनऊ में सम्पन्न हुए इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री ने बुन्देलखण्ड में उद्योग लगाने के नाम पर डिफेन्स कारीडोर स्थापित किये जाने की बात कही थी। आज बुन्देलखण्ड में पीने के लिए पानी नहीं है तो औद्योगिक इकाई को चलाने के लिए पानी की व्यवस्था कहां से करेंगे जो सबसे जरूरी चीज है, इसके लिए कोई भी प्लान नहीं बनाया। यह साबित करता है कि इन्वेस्टर्स समिट सिर्फ आम जनता का ध्यान अपनी विफलताओं से भटकाने के लिए किया गया था प्रदेश के विकास और जमीनी वास्तविकता से इसका दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है।
प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार किस कदर आम जनता के स्वास्थ्य के प्रति उदासीन है इसका जीता जागता उदाहरण झांसी के मेडिकल कालेज में देखने को मिला है जहां एक पीड़ित की टांग काटने के लिए चिकित्सकों द्वारा उसकी कटी हुई टांग को तकिये के रूप में इस्तेमाल किया गया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। यह साबित करता है कि स्वास्थ्य व्यवस्था प्रदेश में पूरी तरह चरमरा गयी है।  

क्या उपचुनाव में सपा उभर कर सामने आ रही है

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी  ने कहा है कि गोरखपुर और फूलपुर (इलाहाबाद) में हो रहे संसदीय उपचुनाव से सत्तारूढ़ भाजपा के लिए खतरे की घंटी बज गई है। जनता में गहरा आक्रोश है जो अब गलीचैराहों तक फूट रहा है। दूसरी तरफ श्री अखिलेश यादव के प्रति लोगों का आकर्षण 1975 में जेपी आंदोलन की याद दिलाता है। ठीक वैसे ही स्वतः स्फूर्त जन सैलाब अखिलेश जी को देखने, सुनने को उमड़ पड़ता है। 
       मतदाताओं के रूझान को देखते हुए गोरखपुर और फूलपुर में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों क्रमशः इं0 प्रवीण कुमार निषाद और नागेन्द्र प्रताप सिंह पटेल के पक्ष में अब अन्य दल भी सक्रिय हैं। बसपा के झंडे समाजवादीपार्टी के झंडो के साथ लहरा रहे हैं। एनसीपी, रालोद, पीस पार्टी, निषाद पार्टी भाकपा, माकपा, प्रगतिशील मानव समाज पार्टी आदि तमाम दलों का समर्थन समाजवादी पार्टी को मिल रहा है जिससे भाजपा में बौखलाहट है। यहबौखलाहट भाजपा नेताओं के आचरण और भाषणों में दिखाई देने लगी है।
       7 मार्च 2018 को गोरखपुर और 9 मार्च 2018 को इलाहाबाद में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने चुनावी जनसभाओं को सम्बोधित किया। उन्होंने भाजपा के अनर्गल प्रलापों कासटीक जवाब दिया। इसके बाद तो पूरे गोरखपुर क्षेत्र की फिजां ही बदल गई। यदि यह कहा जाए कि अब मतदाताओं का झुकाव समाजवादी पार्टी के पक्ष में इकतरफा हो गया है तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। 
इलाहाबाद में आज तक सड़कों पर इतना बड़ा हुजूम किसी नेता के समर्थन में नहीं उतरा जितना 9 मार्च को जन सैलाब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव के जनसमर्थन में दिखाई दिया। बीस किलोमीटर केरास्ते में लाखो लोगों की भागीदारी थी जिसमें हजारों नौजवान बाइक पर काफिले में शामिल थे। महिलाएं बच्चे छतों से अखिलेश जी का अभिवादन कर रहे थे। 
        इलाहाबाद के प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि अगर श्री अखिलेश यादव दोबारा मुख्यमंत्री बनकर भी आते तो इतना जन सैलाब उमड़ नही सकता था जितना आज लाखों की संख्या में अखिलेश जी के इंतजार में थे।समाजवादी सरकार द्वारा किए गये विकास कार्यों और भाजपा सरकार के विकास विरोधी चरित्र से पूरी तरह परिचित हो गयी है। प्रयाग में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र, प्रोफेसर, अधिवक्ता सहित व्यापारियों से लेकर गांवोंसे पैदल चलकर आये किसानों ने समाजवादी पार्टी में अपना विश्वास प्रकट किया। छात्रों-नौजवानों, किसानों-व्यापारियों, महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों में जैसा उत्साह दिखा वह यह प्रमाणित करता है कि समाजवादीपार्टी पर ही जनता को भरोसा है।
        इलाहाबाद में पूर्व मुख्यमंत्री श्री यादव की लोकप्रियता का आलम यह था कि समाज के कमजोर तबके के लोग सड़कों पर दोनों तरफ अपने परम्परागत तरीके से उनका स्वागत -अभिनंदन कर रहे थे। दलित समाज के कईसंगठन, सागर पेशा, सोनकर समाज, हेला समाज, पासी समाज ढ़ोल नगाड़े के साथ समाजवादी पार्टी के पक्ष में वोट मांग रहे थे। महिलायें अपने बच्चें के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव की एक झलक पाने को उत्सुकथी।

लखनऊ में छायाकारों की फोटो प्रदर्शनी मेट्रो स्टेशन पर लगायी गयी

 लखनऊ। मीडिया फोटोग्राफर्स क्लब द्वारा चारबाग मेट्रो स्टेशन पर आज सामूहिक फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन लखनऊ मेट्रो के एमडी कुमार केशव व मीडिया फोटोग्राफर्स क्लब के अध्यक्ष एस एम पारी ने किया। श्री कुमार केशव ने इस अवसर पर छायाकारों के काम को काफी सराहा। उन्होंने कहा कि मेट्रो स्टेशन पर प्रदर्शनी के आयोजन का मुख्य मकसद फोटोग्राफर्स के द्वारा शूट फोटोस को लोगों को दिखाना है। इससे फोटोग्राफी की कला को बढ़ावा मिलेगा।

    इस अवसर पर मीडिया फोटोग्राफर्स क्लब के अध्यक्ष एस एम पारी ने बताया कि लखनऊ मेट्रो जो ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक जनता को अपनी सेवाएं देना प्रारम्भ कर चुकी है साथ ही समय-समय पर अपने यात्रियों को अपने से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियां चारबाग मेट्रो स्टेशन पर करता रहता है। इसी श्रृंखला में मीडिया फोटोग्राफर्स क्लब और लखनऊ मेट्रो के संयुक्त रूप से राजधानी लखनऊ सहित अन्य राज्यों के नामचीन छायाकारों के छायाचित्रों की एक सामूहिक फोटो प्रदर्शनी लगाई गयी है। इस फोटो प्रदर्शनी में राजधानी लखनऊ के अन्य शहरों के अलावा दिल्ली, सहित कई राज्यों से सैकड़ों प्रविष्टियां आई जिसमें से 25 छायाकारों की प्रविष्टियां प्रदर्शित की गयी है। मेट्रो से यात्रा करने वाले यात्री जब चारबाग मेट्रो स्टेशन पर उतरेंगे तो उन्हें नायाब फोटोग्राफ्स देखने को मिलेंगे।

  प्रदर्शनी की संयोजक मंजू श्रीवास्तव ने बताया कि यह प्रदर्शनी खास तौर पर मेट्रो में सफर करने वाले लोगों के लिए लगाई गयी है। इसके अलावा प्रदर्शनी देखने के लिए पत्रकारिता की शिक्षा प्राप्त कर रहें छात्र छात्राओं को भी उनके कॉलेजों के माध्यम से आमंत्रित गया है ताकि वह फोटोग्राफी की कला को करीब से देखें व फोटोग्राफी को समझें। प्रमुख छायाकारों में अनिल रिसाल सिंह, मनोज छाबड़ा, संदीप रस्तोगी, भूपेश लिटिल, रवि कपूर, एस एम पारी, अजेष जायसवाल, वंदना सहगल, रितेश यादव आदित्य हवेलिया, आशीष पाण्डेय जे. रंगनाथ तिवारी, मनमोहन शर्मा, नंद कुमार सिंह, फूलचंद, अमित सेहता, निपुणिका सहगल, अभिशेक लकी, नितेश तिवारी, अर्पित गुप्ता, नैनिका गुप्ता व अन्य छायाकारों के छायाचित्र प्रदर्शन हेतु लगाये गये हैं। प्रदर्शनी में मेट्रो रेल कारपोरेषन के अलावा प्रकृति के विभिन्न रंगों के अलावा इक्के से मेट्रो तक के सफर को फोटो में देखने को मिलेंगे। 

उत्तर प्रदेश जेलों की दुर्दशा पर कांग्रेस का योगी पर निशाना


जीशान हैदर  उत्तर प्रदेश कांग्रेस  प्रवक्ता 
उत्तर प्रदेश की जेलों में निरूद्ध सैंकड़ों कैदियों में एच.आई.वी. संक्रमण के पाये जाने एवं एचआईवी पीड़ितों की संख्या में हो रही वृद्धि जेलांे की दुर्दशा और उसकी दयनीय स्थिति का जीता-जागता सबूत है। जेल में बन्द कैदियों में एचआईवी जैसी गंभीर बीमारी का पाया जाना प्रदेश की योगी सरकार के लिए बहुत ही चिन्ताजनक एवं शर्मनाक है। 
उ0प्र0 कंाग्रेस कमेटी के प्रवक्ता जीशान हैदर ने आज जारी बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश में जेलों की हालत इस कदर खराब है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी करना पड़ा है। 
एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश की जेलों में गधों को बन्द करने का प्रकरण सामने आया वहीं दूसरी तरफ उन्नाव में एक झोला छाप डाक्टर ने चालीस से अधिक लोगों को एच.आई.वी. के संक्रमित इंजेक्शन लगाकर जीवन पर संकट खड़ा कर दिया है और अब प्रदेश के विभिन्न जनपदों के 70 जेलों में अब तक लगभग 250 से अधिक कैदियों के एचआईवी संक्रमित होने का मामला सामने आने पर एक बार फिर प्रदेश की जेलों की सुरक्षा एवं व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया है। 
प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार जहां प्रदेश की जेलों के आधुनिकीकरण, सुरक्षात्मक व्यवस्था, स्वास्थ्य व्यवस्था के बेहतरी के दावे करती है वहीं जेलों में कैदियों की इस दुर्दशा के लिए सीधे तौर पर प्रदेश सरकार, जेल विभाग एवं स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह जिम्मेदार है। प्रदेश की योगी सरकार द्वारा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के बड़े-बड़े दावे की पोल प्रदेश की सुरक्षित मानी जाने वाली जेलों में बन्द कैदियों में एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियों के पाये जाने से खुल गयी है।
श्री हैदर ने कहा कि इससे अधिक शर्मनाक क्या हो सकता है कि प्रदेश सरकार की नींद मानवाधिकार आयोग की नोटिस जारी होने के बाद ही खुलती है चाहे वह पुलिस द्वारा फर्जी इन्काउन्टर हो अथवा अब जेलों में एचआईवी संक्रमित कैदियों के पाये जाने का मामला हो। 
प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार बताये कि अब तक जेलों में बन्द कैदियों के साथ हुए इस गंभीर प्रकरण में क्या कार्यवाही की गयी? उन्होने मांग की है कि प्रदेश सरकार एचआईवी के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए जल्द से जल्द कारगर कदम उठाये।


राजेन्द्र चौधरी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी का समाजवाद को पाखंड बताने वाला बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है


      
 समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चैधरी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी का समाजवाद को पाखंड बताने वाला बयान बेहद अशोभनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। समाजवाद के विषय में बोलने से पहले उन्हेंसंविधान की प्रस्तावना को फिर से दोहराना चाहिए जिसकी शपथ लेकर वह बड़े संवैधानिक पद पर पहुंचे हैं। ‘‘समाजवाद‘‘  अपने आप में बेहद व्यापक और विशिष्ट अर्थ लिये हुए है जिसमें समाज के सभी वर्गो के कल्याण कीबात है। यह एक आंदोलन और विचारधारा है जिसने विश्व के बड़े भूभाग को आंदोलित किया है। 
        भारत में समाजवादी आंदोलन के शिखर पुरूष डा0 राम मनोहर लोहिया ने जिस समाजवाद की अवधारणा दी उसका उद्ेश्य शोषण मुक्त समाज बनाना है जिससे समाज के वंचित तबके को उनका अधिकार आसानी सेमिल सके। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव जी के नेतृत्व में समाजवादी सरकार में जनहितैषी नीतियों के माध्यम से समाज में गरीबी और असमानता मिटाने का हर संभव प्रयास हुआथा। 
        पूर्व मुख्यमंत्री श्री यादव ने जहां एक ओर समाज के कमजोर तबके के परिवारों को सामाजिक सुरक्षा के तहत समाजवादी पेंशन योजना का सफलता पूर्वक क्रियान्वयन किया वहीं आवागमन की बेहतरी के लिये आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और मेट्रो जैसी विश्वस्तरीय हकीकत को धरातल पर उतारा। ग्रामीण जीवन को खुशहाल बनाने के लिये अन्नदाता की समृद्धि के लिये बजट का प्रावधान समाजवादी सरकार की ही देन है।
        श्री चैधरी ने बताया कि भाजपा के चाल,चरित्र और चेहरे में घोर विरोधाभाष है। भाजपा सिर्फ जनता को गुमराह करना जानती है। भाजपा सरकार के मंत्रियों के बयान संसदीय परम्परा का उल्लंघन करते हैं। प्रदेश सरकारके शीर्ष नेतृत्व का व्यवहार भी राजनैतिक शिष्टाचार के विपरीत है। लोकतंत्र में असहिष्णुता और असंवेदनशीलता का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।  मंत्रियों और भाजपा नेताओं के बिगड़े बोलों का जनता जरूर जवाब देगी।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी को समाजवाद समझने के लिये श्री अखिलेश यादव द्वारा किये गये विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने का काम करना होगा। मुख्यमंत्री जी को समाजवाद पर अपने दिये गये बयानका खण्डन और प्रायश्चित करना चाहिए। 

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की संध्या पर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति एडवा द्वारा सभा का आयोजन किया गया

08 मार्च 2018ः अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की संध्या पर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति एडवा के तत्वावधान में एडवा राज्य कार्यालय परिसर में एक सभा का आयोजन किया गया तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति की गई। 
एडवा जिला सचिव, सीमा राना, जिलाध्यक्ष सुमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष मधु गर्ग ने इस कार्यक्रम को सम्बोधित किया। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के संघर्षों एवं कुरबानियों का इतिहास बताते हुए उन्होने कहा कि यह दिन महिला मजदूरों के संघर्षो एवं कुरबानियों का प्रतीक दिवस है; किन्तु आज बाजार इस ऐतिहासिक दिन को भी हथियानें का साजिश कर रहा है। 
इन्होंने आने वाले दिनों में गरीब महिलाओं को रोजी रोटी के अधिकारों पर लड़ने का आह्वाहन करते हुए नफरत की राजनीति से सावधान रहने को कहा जो गैर जरूरी मुद्दे उठाकर असली मुद्दो से ध्यान हटाने की साजिश रच रही है। 
सीमा राना ने कहा कि क्रान्ति महानायक लेनिन जिनकी पार्टी ने रूस में सबसे पहले महिलाओं को मत देने का अधिकार दिया था जो दुनिया में पहली बार महिलाओं को मिला। इस महान नायक लेनिन की मूर्ति को बी0जे0पी0 कार्यकताओं द्वारा त्रिपुरा में गिरा दिया गया जिसकी एडवा सख्त निन्दा करती है।
 इस अवसर पर औरत के तीन रूपों के शोषण को पीड़ित महिलाओं ने अपने वक्तव्यों द्वारा स्पष्ट किया जिसमें एक ‘मजदूर’ एक ‘औरत’ और एक ‘नागरिक’ के रूप में शोषण के पहलुओं पर प्रकाश डाला गया। 
नहीं चलेगा कोई बहाना हक है हमारा राशन पाना नाम से पोस्टर का विमोचन किया गया। इस संबंध में दिनांक 28 मार्च 2018 को राशन के सवाल पर राज्य स्तरीय प्रदर्शन होगा। 
कार्यक्रम में घरेलू कामगार महिलाएं और कामकाजी महिलाओं ने बड़ी संख्या में हिस्सेदारी की। मुख्य रूप से शिवानी कुकरेटी, स्मिता पाण्डे, मेहरून्निसा, मोहसिना, सुशीला, रूपरानी आदि महिलाओं ने भागीदारी की।


योगी सरकार का एक वर्ष पूरा होने को है, चयन आयोगों और बोर्डों का गठन तक नहीं हो पाया: अशोक सिंह कांग्रेस

अशोक सिंह उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता 
सुचित बाजपेई; लखनऊ   
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अशोक सिंह ने जारी बयान में कहा कि  विगत 2017 के विधानसभा चुनाव के समय भारतीय जनता पार्टी के संकल्प पत्र में जो वादे किये गये थे चाहे वह शिक्षा मित्रों को स्थायी समायोजन की बात रही हो या 12460 बीटीसी अभ्यर्थियों की बात हो या आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय की बात हो, आज वह सभी वादे खोखले साबित हो गये हैं।  
प्रवक्ता ने आगे कहा कि भाजपा ने वादा किया था कि हम उत्तर प्रदेश के नौजवानों को पांच साल में सत्तर लाख नौकरियां देंगे, यानी प्रतिवर्ष 14 लाख। हालात यह है कि सरकार बने एक वर्ष पूरा होने को है। चयन आयोगों और बोर्डों का गठन तक नहीं हो पाया है और पूर्व से लम्बित भर्तियों को जांच के नाम पर रोक कर धोखा किया जा रहा है। 
उत्तर प्रदेश में जिस तरीके से महिलाओं के साथ छेड़खानी और बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं, हत्या, लूट, डकैती, राहजनी की घटनाएं समाचारपत्रों की सुर्खियां बन रही हैं। इससे साबित होता है कि सरकार कानून व्यवस्था को लेकर कतई गंभीर नहीं है। 
किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। आलू किसान अपनी फसल सड़क पर फेंकने को मजबूर हो रहा है और सरकार सिर्फ झूठे आंकड़े पेश करके जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है।


भाजपा को अखिलेश जी से शिष्ट व्यवहार सीखना चाहिए: राजेन्द्र चौधरी समाजवादी पार्टी


सुचित  बाजपेई;लखनऊ  
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि गोरखपुर और फूलपुर (इलाहाबाद) में लोकसभा के हो रहे उपचुनावों में समाजवादी पार्टी के समर्थन में आधा दर्जन विपक्षी दलों के भी आ जाने से भाजपा में बौखलाहट साफ दिखाई देने लगी है। 
उन्होने कहा कि एक ओर जहां सत्ता  का दुरूपयोग शुरू हो गया है वहीं अपनी हार से खीझे भाजपा नेता वाणी का संयम खोकर अनर्गल प्रलाप करने लगे हैं। दोनों चुनाव क्षेत्रों में मतदाता भाजपा के झूठे वादों और सत्ता दल की साजिशों से बुरी तरह क्षुब्ध और आक्रोशित है। 
भाजपा नेतृत्व की संकीर्ण मानसिकता का दर्शन इससे भी होता है कि भाजपा नेता अब श्री अखिलेश यादव के प्रति अमर्यादित टिप्पणियां करने लगे हैं। भाजपा नेताओं ने जिस स्तरहीन आचरण का परिचय दिया है वह भाजपा के संस्कार का वास्तविक चेहरा है। 
चौधरी ने कहा कि अखिलेश जी न केवल पूर्व मुख्यमंत्री हैं अपितु समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। उनके प्रति शालीनता रहित बयानबाजी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अवांछनीय है अपमान जनक भाषा का प्रयोग लोकतंत्र का भी अपमान है।
उन्होने अपने बयान मे कहा कि श्री यादव ने अपने मुख्यमंत्रित्वकाल में विपक्ष को जो सम्मान दिया था और उन्होंने जिस विनम्रता और शिष्टाचार का बर्ताव किया था उससे स्वस्थ लोकतांत्रिक परम्परा को ताकत मिलती है। 
भाजपा को अखिलेश जी से शिष्ट व्यवहार सीखना चाहिए। ऐसा लगता है कि भाजपा नेतृत्व सत्ता मद में चूर है जिससे उनका उचित-अनुचित का विवेक भी नष्ट हो गया है। सत्ता  के घमण्ड में भाजपा नेता अनापशनाप बयान देने लगे हैं। 
उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों का समाजवादी पार्टी के पक्ष में समर्थन के लिए एकजुट होकर खड़े होना जहां भाजपा की साम्प्रदायिक राजनीति के लिए खतरे की घंटी है वहीं इससे लोकतांत्रिक और प्रगतिशील विचारों को पुनः ताकत मिलने वाली है। भाजपा की समाज को बांटने वाली राजनीति अब ज्यादा दिनों तक चलने वाली नहीं है।
समाजवादी पार्टी सामाजिक सौहार्द और धर्मनिरपेक्षता के लिए कटिबद्ध है। श्री अखिलेश यादव ने हमेशा विचारों की राजनीति और विकास के रास्ते को तरजीह दी है और वह प्रदेश की जनता के लिये साक्ष्य है। जनता का उन पर पूरा भरोसा हैं। गोरखपुर और फूलपुर के उपचुनावों में जनता के इसी भरोसे का प्रदर्शन समाजवादी पार्टी प्रत्याशियों की जीत में सामने आने वाला है। भाजपा को सच्चाई का सामना करना चाहिए।  



बसपा ने सपा के आगे आत्मसमर्पण किया है: डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय

राजेंद्र त्रिपाठी; इलाहबाद  
लखनऊ 06 मार्च 2018, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय इलाहाबाद में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर में भाजपा की जीत से घबराकर बसपा ने सपा के आगे आत्मसमर्पण किया है। पिछड़े, दलित, सवर्ण हर वर्ग मोदी जी के साथ चल रहा है। सपा-बसपा ने जाति के नाम पर मासूम जनता को ठग कर अपनी तिजोरियां भरी। मुलायम, मायावती, अखिलेश यादव का रिकार्ड जनसेवा के लिये कभी नहीं रहा।
 डा0  पाण्डेय अपने संबोधन मे उपचुनाव को फूलपुर के सौभाग्य का चुनाव बताया। उन्होंने कहा कि फूलपुर से केशव जी को आपने 03 लाख से अधिक मतों से जिताया था। केशव जी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बने और अब प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश का विकास कर रहे है। केशव जी के प्रयासों से इस क्षेत्र में कई हजार करोड़ के विकास कार्य हुए है। भाजपा ने अब एक आपका कार्यकर्ता कौशलेन्द्र सिंह पटेल को चुनाव मैदान में उतारा है।
डा0 पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर के राज्यों में भाजपा की सफलता से घबराकर बसपा ने सपा के आगे आत्मसमर्पण कर दिया है। लेकिन उन्हें पता नहीं है कि दलित, पिछड़े, सवर्ण सहित सभी समाज मोदी जी के साथ देश के विकास के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे है। 
1993 में भी गठबंधन हुआ था और नारा लगाया था मुलायम और काशीराम, हवा हो गये श्रीराम। लेकिन भईयों बहनो! गेस्ट हाउस में जब गठबंधन की हवा निकली तो राम जी के दूत बनकर स्व0 ब्रह्मदत्त द्विवेदी जी ही आये थे। 
मायावती ने कभी नारा दिया था ‘चढ़ गुण्डों की छाती पर, मुहर लगेगी हाथी’ पर लेकिन किसी गुण्डें की छाती पर कानून नहीं चढ़ सका। क्योंकि मायावती और मुलायम सिंह दोनों ही आकण्ठ भ्रष्टाचार में डुबे थे।
इसके बाद जनता ने अखिलेश यादव को जनादेश दिया, जोर-शोर ईमानदारी का ढिढोरा पीटा गयाय लेकिन उनकी अच्छी सरकार के कारनामों के पीछे गायत्री प्रजापति निकले।
डा0 पाण्डेय ने कहा कि मात्र भाजपा हर वर्ग को बराबर महत्व देने वाली पार्टी है। भाजपा में हर वर्ग का पूरा सम्मान है। मायावती एवं मुलायम सिंह यादव ने पिछड़े और दलित समाज के वोट से अपनी तिजोरी भरने का काम किया है। मुलायम सिंह यादव और मायावती का रिकार्ड जनता की सेवा का कभी नहीं रहा।
इलाहाबाद को कभी पूरब का आक्सफोर्ड कहा जाता था। आक्सफोर्ड की हालत सपाईयों ने बदतर कर दी थी। उ0 प्र0 लोकसेवा आयोग जिससे अधिकारी निकलते है उनकी नियुक्ति का अधिकार ऐसे व्यक्ति को दे दिया था जिसमें क्लर्क बनने की योग्यता भी नहीं थी। इस क्षेत्र में एक गुण्डा टेलीविजन लेकर चुनाव लड़ रहा है, लेकिन टेलीविजन के माध्यम से उसके कारनामें पूरे देश में पहले ही पहुंच चुके है।
डा0 पाण्डेय ने कहा कि आज मोदी सरकार एवं योगी सरकार की हर योजना दलित, पिछड़े एवं गरीब के जीवन स्तर को सुधारने के लिए है। भाजपा आज 21 प्रदेशों में जनता की सेवा कर रही है। 
उन्होंने कहा कि  भारतीय जनता पार्टी की सरकार सभी वर्ग की हितैषी सरकार है। एक समय महंगा इलाज केवल धनी व्यक्ति ही करवा सकते थे ; लेकिन आज हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और आप के क्षेत्र के कर्मठ विधायक व प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के प्रयास से गरीबों के स्वास्थ्य बीमा योजना लागू हो सकी है जिसमें गरीबों को पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा उपलब्ध है। 
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने चिकित्सा के क्षेत्र उल्लेखनीय कार्य किया है जिसके चलते एशिया के अधिकतर देशों के नागरिक भारत में इलाज के लिए आते हैं। 
मोदी जी और योगी जी का व्यक्तिगत कुछ भी नहीं है। उनका पूरा जीवन जनकल्याण और जनसेवा के लिए है। फूलपुर और गोरखपुर को संदेश देना है कि जैसे 21 राज्य भाजपा के साथ है वैसे ही फूलपुर और गोरखपुर की जनता भी भाजपा के साथ है।

एसएससी पेपर लीक घोटाला मामले में कांग्रेस पार्टी का नौजवानों के आन्दोलन को समर्थन: कृष्णकान्त पाण्डेय

सुचित बाजपेई; लखनऊ  
कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) में पेपर लीक घोटाला मामले में आज लखनऊ के जीपीओ पार्क हजरतगंज में गांधी प्रतिमा पर छात्रों द्वारा किये जा रहे आन्दोलन को कांग्रेस पार्टी ने अपना समर्थन दिया है। 
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता कृष्णकान्त पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की ओर से उक्त आन्दोनल को समर्थन देने के लिए धरने में प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता कृष्णकान्त पाण्डेय ने सम्मिलित होकर छात्रों के इस आन्दोलन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया तथा कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री राजबब्बर जी सांसद के निर्देश पर छात्रों, नौजवानों के इस आन्दोलन को कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक ले जायेगी और छात्रों के हितों के लिए संघर्ष करेगी।
श्री पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ किसी भी कीमत पर हो रहे अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी। कर्मचारी चयन आयोग में जिस प्रकार परीक्षार्थियों के साथ धोखा किया गया है उससे पूरे देश के युवाओं में आक्रोश व्याप्त है तथा इस परीक्षा में व्यापक पैमाने पर घोटाला किया गया है। जिसकी सीबीआई जांच कराये जाने की मांग को लेकर छात्रों द्वारा किये जा रहे आन्देालन का कांग्रेस पार्टी पूर्ण समर्थन करती है ताकि इस घोटाले में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही हो सके। 
प्रवक्ता ने कहा कि केन्द्र की सरकार घोटालों की पर्याय हो चुकी है। एक तरफ सदी का सबसे बड़ा घोटाला राफेल के साथ ही बैंकों का इतना बड़ा घोटाला देश झेल ही रहा था कि देश की सबसे बड़ी आबादी नौजवानेां, छात्रों के भविष्य के साथ यह सरकार बड़ा खिलवाड़ करने का कार्य किया है। सत्ता में आने के पहले जहां दो करोड़ प्रतिवर्ष नौकरी देने का वादा था वहीं पर जहां छात्र बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं, अपने बल पर प्रयासरत हैं वहीं इतना बड़ा घोटाला कर्मचारी चयन आयोग द्वारा किया जाना इस सरकार के निष्ठा पर पूरी तरह प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।