UPBIL/2018/70352

महंगाई बढ़ती है तो बढ़े, किसानों को बेहतर न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

इस निवेशक मेला के जरिए चाहती तो भाजपा कृषि अर्थ व्यवस्था को गति देने का काम भी कर सकती थी: राजेन्द्र चौधरी समाजवादी पार्टी 

राजेन्द्र चौधरी  प्रवक्ता समाजवादी पार्टी ने अपने एक बयान मे कहा है कि रोजगार भी भाजपा सरकारें क्या पैदा करेंगी जबकि उन्होंने श्री अखिलेश यादव के समय भर्ती हुए नौजवानों को सड़क पर पहुंचा दिया है।
        अपने इस बयान मे आगे कहा है कि भाजपा सरकार इस निवेशक मेला के जरिए चाहती तो कृषि अर्थ व्यवस्था को गति देने का काम भी कर सकती थी लेकिन उसका सारा ध्यान वाहवाही पर ही लगा है। मानवीय श्रम आधारित उद्योग की जगह पूंजी प्रधान उद्योग लगाने पर जोर असंतुलित विकास को बढ़ाएगा। चार वर्ष में केंद्र सरकार ने एक भी कदम किसानों के हित में नहीं उठाया है। किसानों के प्रति किए गए भाजपा के सभी वादे झूठे साबित हुए हैं। किसान की आत्महत्या भी भाजपा नेतृत्व को झकझोरती नहीं। 
          उन्होने कहा उत्तर प्रदेश से भाजपा के 73 सांसद चुने गए हैं लेकिन उन्होंने कभी प्रदेश के विकासकार्यों में कोई रूचि नहीं दिखाई। समाजवादी सरकार के समय श्री अखिलेश यादव ने राज्य का कल्पनातीत विकास किया है। भाजपा को अपने संकल्प पत्र की चुनावी वादों की कतई चिंता नहीं रही है। अब जब लोकसभा चुनाव सिर पर हैं तो फिर जनता को भ्रमजाल में फंसाने के करतब किये जा रहे हैं पर जनता सच्चाई से परिचित है। श्री अखिलेश यादव ने बार-बार कहा है कि अब समय आ गया है कि सच्चाई पर चर्चा होनी चाहिए। कोई भी सच्चाई से भाग नहीं सकता।
 उधर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक आर्थिक समाचार पत्र के कार्यक्रम मे शामिल हुए। वित्तीय अनियमितताओं के अलावा प्रधानमंत्री जिन विषयों पर बोले उनमें से दूसरा अहम विषय महंगाई का है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि महंगाई बढ़ती है तो बढ़े, महंगाई बढ़ती देखने वाले ये भी देखें कि किसानों को बेहतर न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार हर हाल में किसानों को डेढ़ गुना एमएसपी देने के पक्ष में है. देश में इससे महंगाई बढ़ने का भी यदि आंकलन है तो किसानों को उनके हक का पैसा दिलाया जाएगा. लिहाजा, पीएम मोदी ने देश में अन्य सभी वर्गों से कहा कि वह इस काम को पूरा करने के लिए अपना योगदान दें.
नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसानों की खेती में लागत जोड़ने के लिए किसान के परिश्रम का मूल्य, मवेशी खरीदने अथवा किराए पर लेने का खर्च, बीज की खर्च, खाद, सिंचाई, लैंड रेवेन्यू, ब्याज, लीज की जमीन का किराया जैसे सभी खर्चों को शामिल किया जाएगा. इसके अलावा, उसकी लागत का मूल्यांकन करने के लिए किसान और उसके परिवार के सदस्यों का परिश्रम मूल्य भी जोड़ा जाएगा.


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