UPBIL04881

सेना द्वारा घर में नजरबंद राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे ने इस्तीफा देने से किया इनकार


राबर्ट मुगांबे के चार दशक से चले आ रहे जिमबावे की सत्ता पर पकड़ अब ढीली पडती प्रतीत होती है। शनिवार की रात को हजारों लोगो की भीड़ देश के नगरों मे उनके त्यागपत्र की मांग करती देखी गई  है। उनकी सत्तारूढ़ पार्टी ने ही राष्ट्रपति को बर्खास्त करने की तैयारी कर ली है  
पिछले सप्ताह सेना प्रमुख ने सत्ता की बागडोर अपने हाथो में ले ली है उनसे रविवार की सुबह 93 वर्ष के राष्ट्रपति मिलने वाले है यह वहां के टीवी चैनल के माध्यम से प्रसारित किया गया है।
सेना के दखल के पांच दिनों बाद यह दूसरी बार बहस है और जानू-पी एफ नेताओ ने मुगांबे को राष्ट्रपति पद से त्यागपत्र देने एवं पार्टी के नेता व अपने प्रथम सचिव पद से त्यागपत्र देने के एक प्रस्ताव की मांग के लिये बुलाते है. अगले सप्ताह संसद महाअभियोग की प्रक्रिया अपनायेगी। 

सेना के सूत्रों के अनुसारए राष्ट्रपति ने अपने विश्वसनीय मित्र जो एक कैथोलिक पादरी है से सेना प्रमुख के बीच वार्ता की मध्यस्थता करने के लिये कहा है। मुगांबे ने इस तरह के पूर्व मध्यस्थता के प्रस्ताव को इस सुझाव के साथ कि वह सार्थक समझौता बनाने के करीब हैं ठुकरा  दिया था।
अब शायद ही कोई विकल्प इस निरंकुष शासक के लिये बचा है जिसने जिम्बावे को मिश्रित बलप्रयोग, घूस और क्रन्तिकारी भाषणो द्वारा 40 साल से राज किया है। सुरक्षा व्यवस्था की कुछ शाखाओं मे समर्थन पुलिस सहित विलुप्त हो चुका है एवं बड़े नेता पकड़ लिये गये है।
 शनिवार को हरारे की गलियों मे लोगो का जमवाड़ा लगा है लोग नारे लगा रहे है, गा रहे है, और तख्ती हाथ मे लिये है। बहुत से लोग सैनिको को गले लगा रह है। लोगों के मार्च को सेना की अनुमति है और यह अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सेनाप्रमुख की छवि ऊचां करेगी।
जिम्बाब्वे में सेना द्वारा सत्ता पर कब्जा जमाने के बाद से राजनीतिक संकट बना हुआ है. बीबीसी के मुताबिक सेना द्वारा घर में नजरबंद राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे ने इस्तीफा देने की लगातार मांग के बावजूद पद छोड़ने से इनकार कर दिया है. इससे पहले कुछ खबरों में कहा गया था कि बर्खास्त उपराष्ट्रपति इमर्सन मननगागवा राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे की जगह देश का नेतृत्व संभाल सकते हैं. लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है.
जिम्बाब्वे की सेना ने बुधवार को राजधानी हरारे के प्रमुख प्रतिष्ठानों के अलावा सरकारी टेलिविजन चैनल को अपने कब्जे में ले लिया था. सेना ने अपने कदम को तख्ता पटल की कोशिश मानने से इनकार किया था. उसने कहा था कि यह कदम राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे के आसपास मौजूद अपराधियों को काबू करने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के लिए है. इस कार्रवाई के बाद से राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे और उनका परिवार घर में नजरबंद है.
शुक्रवार को जारी बयान के मुताबिक सेना ने कहा है कि वह अपराधियों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है. इसके साथ-साथ राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे से भी बातचीत कर रही है. सेना ने आगे कहा है कि राष्ट्रपति के साथ बातचीत का जो भी परिणाम आएगाउसके बारे में जनता को बहुत जल्द बता दिया जाएगा. 93 वर्षीय रॉबर्ट मुगाबे 1980 में ब्रिटेन से आजादी मिलने के बाद से जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति हैं. इस दौरान उनकी सरकार पर मानवाधिकारों के उल्लंघन से लेकर प्रशासनिक गड़बड़ियों तक कई गंभीर आरोप लग चुके हैं.


Share this

Related Posts

Previous
Next Post »