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434 यूपी पीपीएस अफसरों की स्क्रीनिंग, तीन की नौकरी खतरे में

लखनऊ (प्रेसमेन)। पुलिस महकमे में 50 की उम्र पार कर चुके कथित नकारा अधिकारियों को चिह्नित किए जाने की कार्यवाही में 434 पीपीएस अधिकारियों की स्क्रीनिंग की गई। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को स्क्रीनिंग कमेटी की अहम बैठक हुई, जिसमें 118 एएसपी व 316 डिप्टी एसपी की स्क्रीनिंग की गई। बैठक में प्रमुख सचिव नियुक्ति दीपक त्रिवेदी व डीजीपी सुलखान सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

सूत्रों के मुताबिक तीन अधिकारियों को चिह्नित कर लिये गये है, जिनकी बर्खास्तगी की तैयारी है। कुछ अन्य के नाम की भी सभीक्षा चल रही है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि स्क्रीनिंग पूरी कर ली गई है। अंतिम निर्णय शासन अधीन है। जल्द ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उ0प्र0 के आइपीएस अधिकारियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके लिए कमेटी का गठन किया जा रहा है। नवंबर माह के अंतिम सप्ताह तक आइपीएस अधिकारियों की स्क्रीनिंग भी पूरी कर ली जाएगी।

स्क्रीनिंग कमेटी ने बैठक में 50 की उम्र पार कर चुके चिह्नित पीपीएस अधिकारियों के कैरेक्टर रोल से लेकर उनकी कार्यशैली व प्रदर्शन का ब्योरा देखा। खासकर पिछले 10 सालों में अधिकारियों का सर्विस रिकार्ड देखा गया कि इस अवधि में उनकी कार्यशैली किस प्रकार की रही। किस अधिकारी पर किस प्रकार के आरोप लगे और किसे किन मामलों में दंडित किया गया। किस पर बार-बार आरोप लगते रहे। कितनों के खिलाफ किस प्रकार की विभागीय जांचें की गईं और उनमें उनकी भूमिका किस हद तक दोषी रही है।
इसी आधार पर दागी व नकारा अधिकारियों को तलाशा जा रहा है। ताकि उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा सके। बताया गया कि प्रदेश में पीपीएस कैडर के 1200 से अधिक अधिकारी हैं। ऐसे में इस कैडर के करीब एक तिहाई अधिकारियों की स्क्रीनिंग से पुलिस मुहकमे मे हड़कंप मचा है। दूसरी ओर डीजीपी मुख्यालय स्तर पर 50 की उम्र पार कर चुके नकारा व दागी इंस्पेक्टर, उपनिरीक्षक, दीवान व सिपाही को चिह्नित करने की प्रकिया चल रही है। 

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