UPBIL/2018/70352

अधिकार और पुलिस के बीच झड़प; महिला भीड़ पर यू पी पुलिस का कहर

लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ की सड़कों से बेहद हैरान कर देने वाली तस्वीरें सामने आईं हैं। लखनऊ के हजरतगंज इलाके में बीते 32 घंटे से राज्य कर्मचारी का दर्जा और मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहीं आंगनबाड़ी की महिला कार्यकर्ताओं को सड़कों से हटाने के लिए मंगलवार दोपहर पुलिस ने उग्र रुप धारण कर लिया।
पुलिस ने महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर जमकर लाठियां बरसा दीं। इतना ही नहीं अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही महिलाओं को पुलिस ने सड़कों पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।पुलिस का ऐसा क्रूर रूप देख कर कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने उनसे लोहा लेने की कोशिश तो की लेकिन उन्हें निराशा और दर्द ही मिला। यूपी पुलिस के इस क्रूर कार्रवाई की वजह से कई कार्यकर्त्रियों को काफी चोटें भी आईं हैं।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ कर पार्क के एक कोने में समेट कर रख दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से पूरे इलाके में भगदड़ मच गई। पुलिस की लाठियों से बचने के लिए लोगों में भगदड़ मच गई। प्राप्त ताज़ा जानकारी के मुताबिक माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है।
हालांकि इससे पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को मनाने के भरसक प्रयास किए गए थे। लेकिन वे हजरतगंज से नहीं हटीं। उनकी वजह से आज भी सुबह से जाम बड़ी समस्या बना रहा। बीती देर रात प्रदेश अध्यक्ष गीतांजलि मौर्या सहित 12 लोगों को गिरफ्तार किये जाने के बाद से आंदोलनकारी कार्यकर्त्रियां नारेबाजी करती रहीं।

फिलहाल एक तरफ से रास्ता खाली कराकर आवागमन शुरू करा दिया गया। गिरफ्तार सभी आंगनबाड़ी नेताओं पर 106 और 116 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अपने नेताओं की गिरफ़्तारी और मांगों को न माने जाने से नाराज इन लोगों ने नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया। मुख्यत: ये लोग अपना मानदेय बढ़ाए जाने के लिए विगत 36 दिनों से प्रदेश भर में धरने पर बैठे हैं। इन लोगों का कहना है कि अब बग़ैर लिखित आदेश के कुछ भी नहीं मानेंगे।

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