UPBIL/2018/70352

हिमाचल प्रदेश में आचार संहिता तो लागू -- गुजरात में नहीं: आश्चर्यजनक! सीपीएम ने कहा

गुजरात चुनाव को लेकर चुनाव आयोग फिलहाल राजनीतिक दलों के निशाने पर घिरा हुआ है. साल के आखिर तक देश के दो राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. गुजरात और हिमाचल प्रदेश में. निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को चुनाव की तारीखें घोषित कीं, किन्तु यह सिर्फ हिमाचल प्रदेश के लिए है।
 गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखें घोषित नहीं की गईं. चुनाव आयोग के इस कदम से सभी राजनीतिक पार्टियां अब चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगी हैं और इन पार्टीयों का आरोप हैं कि चुनाव आयोग भेदभाव कर रहा है।
 वामपंथी दल कम्यूनिष्ट पार्टी(मार्क्स) ने बयान जारी कर चुनाव आयोग पर सवाल उठाएं हैं।  सीपीएम पोलित ब्यूरो ने कहा कि, "यह तो और भी आश्चर्यजनक है, क्योंकि गुजरात में चुनाव अगर 18 दिसंबर तक पूरे होने हैं तो गुजरात में भी आचार संहिता लग जानी चाहिए।"
 यह आश्चर्य करने वाली बात है कि चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान तो कर दिया, लेकिन गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीख टाल दी।
उन्होंने कहा, "सामान्यता अगर किन्हीं दो राज्यों में विधानसभा चुनाव छह महीनों के भीतर तय हों तो उन राज्यों में चुनाव की तारीख की घोषणा एक साथ होती है और दोनों राज्यों में एकसाथ आचार संहिता एक ही दिन से लागू होती है। अब तक ऐसा ही होता आया है. हिमाचल प्रदेश में आचार संहिता तो लागू हो गई है, लेकिन गुजरात में स्थिति ऐसी नहीं है और गुजरात में आचार संहिता लागू नहीं की गई।"


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