UPBIL/2018/70352

लम्बे समय से पेट्रोल घटतौली कर लूट;लोगो के लगे चूने का अन्दाजा लगाना मुश्किल

सुचित बाजपेई, लखनऊ 
क्या लखनऊ का प्रशासन सील किये गये पेट्रोल पंप मालिको से भविष्य मे इसका लाईसेन्स व अधिकार छीन पायेगी? या जुर्माना का दण्ड लेकर पुनः इसे बहाल कर देगी। हो कुछ भी जिन लोगो ने इस लूट को लम्बे समय से कर रहे थे की रोकथाम के लिये इससे पूर्व प्रशासन द्वारा क्यों नही लगाम कसी गई? जबकि यह एक दैनिक प्रक्रिया है यह सही है कि प्रशासनिक अमले को सरकार उनके काम के लिये प्रतिमाह एक मोटी रकम के रूप मे वेतन देती है फिर भी पब्लिक का चूना लगता रहा और प्रशासन देर से जागा।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ मे पेट्रोल चोरी मामले पर बड़ी कार्रवाई करते हुए यूपी एसटीएफ ने शुक्रवार शाम को 23 लोगों  को गिरफ्तार किया है जबकि सात के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं।
 गौरतलब है कि बृहस्पतिवार रात को एसटीएफ जिला प्रशासन व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सात पेट्रोल पंपों पर रेड मारी गई थी जिसमें चिप लगाकर पेट्रोल चोरी की बातें सामने आई थी।
 मामले पर तत्काल कार्रवाई करते हुए सात पेट्रोल पंपों को सील कर दिया गया था। इसी मामले में शुक्रवार को गिरफ्तारी हुई हैं।
कार्रवाई के दौरान वितरण में इस्तेमाल होने वाली डिस्पेंसर यूनिट और फ्यूल टैंक में डिवाइस लगाकर प्रति लीटर 25 से 50 मिलीलीटर पेट्रोल-डीजल की चोरी होते मिली थी।

इस प्रकार लोगो का कितना चूना लगा अन्दाजा लगाना मुश्किल है क्योंकि इस चोरी से लूट मे तब्दीली कों पेट्रोल घोटाले की श्रेणी मे डाला जाना चाहिए। क्या प्रशासन द्वारा की गई इस कार्यवाई की पैरवी भी इतनी मुश्तैदी से की जायेगी यह समय के गर्त मे है
   

Share this

Related Posts

Previous
Next Post »