UPBIL/2018/70352

54 प्रतिशत बजट का हिस्सा पिछड़ी जाति पर व्यय होगा: कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर

लखनऊ। दिव्यांगजनों के बैंक कर्ज को किसानां की तर्ज पर माफ कर दिया गया है। दिव्यांगजनों को अब काम-धंधा करने के लिए एक लाख रूपये का लोन दिया जायेगा। पहले मात्र दस हजार रूपये का ही लोन मिलता था। इनके विभाग का नाम बदल कर अब दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग कर दिया गया है। पिछड़ा वर्ग के 27 प्रतिशत भर्ती आरक्षण को पूरा करवाया जायेगा। यूपी की कुल आबादी में 54 प्रतिशत पिछड़ी जाति के हैं। अब इन 54 प्रतिशत लोगों के लिये यूपी के बजट में से 54 प्रतिशत बजट की धनराषि इनके विकास कार्यों में व्यय की जायेगी।
यह बात यूपी के दिव्यांगजन सशक्तीकरण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने विधानभवन स्थित अपने कार्यालय में मीडिया से बताया। मंत्री ने बताया कि विकलांग कल्याण विभाग का नाम बदलकर अब दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग कर दिया गया है। अब दिव्यांगों को अपना काम-धंधा शुरू करने के लिए 10 हजार से बढ़ाकर एक लाख रूपये का बैंक कर्ज दिया जायेगा। दिव्यांगजनों के संपूर्ण कर्जें किसानों की तर्ज पर माफ कर दिये गये हैं। 6421 दिव्यांगों में प्रत्येक को दस हजार रूपये का बैंक लोन देने से 5 करोड़ 88 लाख रूपये का कुल कर्ज था और इसमें से मात्र 1 करोड़ 60 लाख रूपये की ही वसूली अबतक हो पायी थी। और शेष धनराशि 4 करोड़ 28 लाख रूपये की वसूली नहीं हो पायी थी। जिसे हमारी सरकार ने माफ कर दिया है। इनकी पेंशन भी 300 रूपये से बढ़ाकर 500 रूपये कर दी गयी है।
मंत्री ने बताया कि यूपी की कुल आबादी में 54 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग की आबादी है। हमने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि प्रदेश के कुल बजट का 54 प्रतिशत हिस्सा पिछड़ा वर्ग के विकास पर खर्च किया जाये। इसके साथ ही श्री राजभर ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत सरकार वी0पी0 सिंह के मंडल कमीशन 1990 द्वारा यूपी में पिछड़ा वर्ग की भर्तियां में 27 प्रतिशत आरक्षण लागू है। फिर भी 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ पिछड़ा वर्ग को नहीं मिल रहा है। जिसके कारण हमनें प्रदेश के सभी विभागों में नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि आपने अभी तक पिछड़े वर्ग के कितने पद भरें हैं, कितने खाली हैं और कितने दिनों में खाली पदों को भर दिया जायेगा? प्रदेश में पिछड़ा वर्ग को सरकारी भर्तियों में 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ सुनिश्चित कराया जायेगा। पिछड़ा वर्ग के विकास के लिए इनको स्वावलंबी बनाने के लिए छोटे-छोटे उद्योगों को लगाया जाएगा। इनको तकनीकी ज्ञान दिया जायेगा। जिसके अंतर्गत मोबाइल, टीवी, एसी, फ्रिज आदि इलेक्ट्रानिक्स सामानों का पूर्ण तकनीकी ज्ञान दिया जायेगा। कौशल विकास योजना में इनकी ज्यादा से ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित करायेंगे। गरीब पिछड़े वर्ग की बिटिया की शादी के लिए पहले 20 हजार रूपये का ही अनुदान मिलता था अब इनको 25 हजार रूपये की मदद की जायेगी।

साथ ही मंत्री ने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक-एक कंप्यूटर सेंटर खोले जायेंगे। हर एक सेंटर पर तीन-तीन कंप्यूटर रखे जायेंगे और इनको चलाने के लिए संविदा पर आपरेटर रखे जायेंगे। यहां पर पिछड़ा वर्ग और दिव्यांगों के नौकरी, शादी इत्यादि लाभकारी सरकारी योजनाओं के फार्म वगैरह बगैर त्रुटि के आनलाइन आवेदन करवाने की व्यवस्था होगी।

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