UPBIL/2018/70352

डी ए वी पी जी कॉलेज लखनऊ का तीन दिवसीय वार्षिक उत्सव अभिव्यक्ति -2019 का आयोजन

डी ए वी पी जी कॉलेज लखनऊ का तीन दिवसीय वार्षिक उत्सव अभिव्यक्ति -2019  दिनॅाक 12 फरवरी 2019 से  आयोजित हो रहा है जो 14 फरवरी 2019 को समाप्त होगा। इस कार्यक्रम को यह महाविद्यालय पिछले कई वर्षों से अभिव्यक्ति शीर्षक नाम से आयोजित करता आ रहा है इस वर्ष अभिव्यक्त-2019 का तीसरे दिन सांस्कृतिक समारोह दिनॅाक 14 फरवरी 2019 को प्रातः 1030 बजे प्रारम्भ होगा। पुरस्कार वितरण सत्र दिन में 03 बजे शुरू होगा। जिसकी मुख्य अतिथि मान0 प्रो0 रीता बहुगणा जोशीए महिला तथा बाल कल्याण एवं पर्यटन मंत्री उ0प्र0 है। 
आयोजित अन्तरमहाविद्यालयीय बौद्धिक तथा सांस्कृतिक प्रतियोगिता अभिव्यक्ति-ंउचय 2019 के दूसरे दिन तत्क्षणवाक् नुक्कड़ नाटक स्लोगन मेंहदी निबन्ध एकल गान तथा समूह गान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
नुक्कड़ नाटक में विभिन्न महाविद्यालयों की 08 टीमों ने ज्वलंत सामाजिक मुद्दों की सजीव प्रस्तुति की। गुरूनानक गर्ल्स डिग्री कालेज ने अन्धविश्वास और बेरोजगारी तथा डी ए वी पी जी कालेज ने ट्रान्सजेन्डर व बच्चे और अभिभावक-ंउचय जेनरेशन गैपके मुद्दे पर अपने अभिनय को प्रस्तुत किया।
जेएनपीजी कालेज के दल ने मानव तस्करी विषय को सजीव प्रस्तुत किया। कृष्णा देवी गर्ल्स कालेज की टीम ने मित्रता एवं आतंकवाद विषय पर अपनी प्रस्तुती दी। एपीसेन कालेज की टीम ने बेटी बचाओ-ंउचयबेटी प-सजयाओ तथा बीएसएनवी कालेज की टीम ने युवा भारत समर्थ भारत विषय की मनमोहक प्रस्तुती दी।
वाह्य निर्णायक नाटककार ऋषि श्रीवास्तव के अनुसार विद्यार्थियों ने जैसे सवाल उठाए उनमें बहुत खास सवाल आज की सच्चाई से जुड़े हैं।
लड़कियों को घर से निकलने पर पग-ंउचयपग पर विभेदीकरण का सामना करना पड़ रहा है। लड़कियों की स्वतंत्रता का समर्थन करने वाले आज हिंसा का शिकार हो रहे हैं। नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में गुरूनानक कालेज ने प्रथम डी ए वी पी जी कालेज ने द्वितीय तथा एपीसेन कालेज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
आर्थिक आधार पर आरक्षण की प्रासंगिकता पर आयोजित निबन्ध प्रतियोगिता में 18 प्रतिभागियों ने भागीदारी की। विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने व्यापकता के अनुरूप आर्थिक राजनीतिक तथा सामाजिक पहलुओं को रेखांकित करते हुये अपने विचार लिपिबद्ध किये। निबंध प्रतियोगिता में लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग की अनामिका सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
डी ए वी पी जी कालेज के राकेश सोनकर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा करामत हुसैन गर्ल्स पीजी कालेज की पुष्पलता सोनकर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
 आलस्य पर प्रहार करते हुए चुटकले और मुहावरे भी बने। वर्तमान परिवेश में मेंहदी कला के साथ-ंउचयसाथ
रोजगार कौशल के रूप में भी स्थापित होती जा रही है। 16 छात्राओं ने प्रतियोगिता में प्रकृति चित्रण थीम पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान गुरूनानक कालेज की मोहिनी कन्नौजिया ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान डी ए वी पी जी कालेज की वैशाली ने प्राप्त किया। तृतीय स्थान मुमताज कालेज की सादिया उमम को प्राप्त हुआ। तत्क्षणवाक् प्रतियोगिता में डी ए वी पी जी कालेज की कृति सरन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। संस्कृत पाठशाला कालेज की प्राची
अग्रवाल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इग्नू के वरूण मिश्रा को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
महिला सशक्तीकरण तथा पर्यावरण संरक्षण विषय पर स्लोगन प्रतियोगिता में डी ए वी पी जीकालेज के मो खालिद ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। हिमांशु पाल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा जेएनपीजी कालेज के अर्पित गौतम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
एकलगान प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के 15 प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति दी। डी ए वी पी जी कालेज के निशान्त शर्मा ने ऐसा देश है मेरा गाने पर प्रस्तुति देकर प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। एपीसेन कालेज की कु ज्योति ने पिया बावरी गाना गाकर द्वितीय पुरस्कार तथा एपीसेन कालेज की ही कु दिव्या ने पिया मोरा मिलेया की प्रस्तुति पर तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया।
समूहगान प्रतियोगिता में महाविद्यालयों की 6 टीमों ने भाग लिया। एपीसेन कालेज ने छाप तिलक मोहे लीने...... सुफियाना कलाम प्रस्तुत किया।
जेएनपीजी कालेज ने तेरी रहमतों का दरिया कव्वाली प्रस्तुत की। डी ए वी पी जी कालेज के छात्र-ंउचयछात्राओं ने तारे जम़ी पर की मोहक प्रस्तुति दी। कृष्णा देवी गर्ल्स कालेज ने देशप्रेम का गीत प्रस्तुत किया वहीं बीएसएनवी ने दमादम मस्त कलन्दर की
शानदार प्रस्तुति दी।





क्या कांग्रेस अब मान चुकी है कि आगामी लोकसभा चुनाव दो राष्ट्रीय पार्टियों का रण है?


पी भटट; पोलिटिकल अन्वेषक  
प्रियंका गांधी के कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश का पार्टी प्रभारी बनने के बाद से भाजपा की तरफ से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आई हैं. ज्यादातर प्रतिक्रियाओं में भाजपा नेताओं ने प्रियंका गांधी को खारिज ही किया है. उनका कहना है कि मीडिया प्रियंका गांधी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है जबकि जमीनी स्तर पर उनको लेकर लोगों में उत्साह का कोई माहौल नहीं है.
जमीनी स्तर पर उत्साह की बात को कहाँ तक सही माना जायेगा यह तो भविष्य गर्त में छुपा हैकिन्तु यह भी छुपा है की प्रियंका के महासचिव बनने से पूर्व एवं पश्चात भाजपा को कितना नुकसान हो रहा था कितना फायदा होगा एक विचारणीय विषय है. 
सपा बसपा के गठबंधन के बाद एवं प्रियंका के महासचिव बनने तक के दौरान भाजपा एवं सपा बसपा के बीच कैसा राजनीतिक माहौल था पर भी  नजर डालना होगा।
यदि देखा जाय तो सभी पार्टियों के नेता भाजपा के हिन्दू खेल की हवा का रुख बदलने में कहीं कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते है जातिगत समीकरण देखा जाय तो सपा-बसपा गठबंधन वोट के मामले में अधिक मजबूत दिखता है किन्तु यह क्षेत्रीय पार्टी है इनका संक्रमण उत्तर प्रदेश तक सीमित है और इस गठबंधन के वोट की चिंता भाजपा एवं कांग्रेस को रही थी किन्तु मामला यह है किसे ज्यादाकिसे कम. 
कांग्रेस उत्तर प्रदेश में प्रियंका बाद वोट के लिए सभी दलों को दोहरा चोट दे सकती है -- कम से कम इसका प्रभाव किस राजनितिक दल को झेलना है भविष्य तय करेगाअब भाजपा को अपनी जमीनी विकास की गाथाजो उनके कार्यकर्ताओं एवं सरकरी दस्तावेजों की सच्चाई पर निर्भर हैउसी के भरोसे ग्रामीण वोट को ले सकेगी।       
अब देखा जाए तो 1989 के बाद से कांग्रेस का सूर्य यू पी में धीरे-धीरे अस्त  होता रहातो जो भी अंजाम उप्र में कांग्रेस का होगा उसके लिए कांग्रेस को नुकसान का कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ता,पर सपा-बसपा एवं बीजेपी को नुकसान होता है तो भारतीय राजनीति  पर इसका क्या असर होगा अंदाजा लगाया जा सकता है.               
लेकिन भाजपा के पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलावा राष्ट्रीय नेताओं से अनौपचारिक बातचीत से पता चलता है कि भाजपा नेता आधिकारिक तौर पर चाहे जो भी बोल रहे हों लेकिन अंदरखाने दूसरी ही स्थिति है. प्रियंका गांधी को लेकर पहले भी भाजपा में एक भय का माहौल रहा है. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को यह पहले भी लगता था कि अगर प्रियंका राजनीति में सक्रिय होती हैं तो वे भाजपा को नुकसान पहुंचा सकती हैं. पार्टी में यह माहौल खास तौर पर उस दौर में था जब नरेंद्र मोदी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व में नहीं थे और गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर काम कर रहे थे.
हैरानी की बात यह है कि अब भी केंद्र में सत्ताधारी भाजपा में यही माहौल है. प्रियंका गांधी से भाजपा नेताओं को कई तरह का भय सता रहा है. पार्टी के एक वरिष्ठ नेता कहते हैं, ‘भाजपा के कई बड़े नेताओं को यह लगता है कि प्रियंका गांधी की राजनीतिक सक्रियता से राज्यों में पहले से मजबूत क्षेत्रीय दलों को कम नुकसान होगा. क्योंकि ये क्षेत्रीय दल वहां के स्थानीय मुद्दों पर वहां के अपने क्षत्रपों के नेतृत्व में काम कर रहे हैं. लेकिन जहां तक राष्ट्रीय पार्टी का सवाल है तो प्रियंका गांधी कई राज्यों में भाजपा को नुकसान पहुंचा सकती है.’ वे आगे जोड़ते हैं, ‘हालांकि इसके लिए प्रियंका को नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के मुकाबले एक ऐसा राजनीतिक विमर्श पैदा करना होगा जो राहुल गांधी की राजनीतिक शैली से आगे जाता हो. अगर वे यह करने में कामयाब हो जाती हैं तो भाजपा को उनकी सक्रियता काफी नुकसान पहुंचा सकती है.
भाजपा में लंबे समय से विभिन्न सांगठनिक जिम्मेदारियों को निभा रहे एक नेता कहते हैं, ‘नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व वाली भाजपा ने कांग्रेस पर आक्रमण की ज्यादा सीधी और आक्रामक शैली को अपनाया. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को मौन मोहन’ कहासोनिया गांधी को इटैलियन बहू’ और राहुल गांधी को पप्पू’ कहा. प्रियंका गांधी राजनीति में सक्रिय नहीं होंइसलिए उनके पति राॅबर्ट वाड्रा पर भी भाजपा ने आक्रामक हमले किए. लेकिन प्रियंका गांधी के खिलाफ इस स्तर का कोई हमला नहीं किया जा सकता.
इसकी वजह पूछे जाने पर वे बताते हैं, ‘रायबरेली में जब सोनिया गांधी पहला चुनाव लड़ रही थीं तो प्रियंका गांधी ने एक भावनात्मक अपील से जिस तरह से अरुण नेहरू का चौथे स्थान पर रहना सुनिश्चित कर दिया थावह कोई भुला नहीं सकता. अगर मोदी या अमित शाह में से किसी के स्तर पर प्रियंका गांधी के खिलाफ कोई हल्की बात की जाती है तो इसकी काफी संभावना है कि प्रियंका गांधी इसे एक ऐसा भावुक मुद्दा बना दें जिस पर आम लोगा उनके साथ हो जाएं और भाजपा के खिलाफ.
भाजपा में प्रियंका गांधी को लेकर यह डर भी है कि अब राॅबर्ट वाड्रा का मुद्दा वैसे नहीं उठाया जा सकता जैसे पहले उठाया जा रहा था. क्योंकि अब अगर भाजपा यह मुद्दा उठाती है तो प्रियंका गांधी इसके जवाब में यह कह सकती है कि पांच साल से केंद्र में और हरियाणा में भाजपा की सरकार है तो फिर वाड्रा के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गईवे यह भी कह सकती हैं कि उनके पति के जरिए उन्हें निशाना बनाया जा सकता है.
कई लोगों को यह भी लगता है कि जिस तरह से पीड़ित’ कार्ड खेलकर सियासी लाभ लेने में नरेंद्र मोदी माहिर हैंउसी तरह की कोशिश प्रियंका गांधी की ओर से भी हो सकती है. नरेंद्र मोदी अक्सर यह कहते हैं कि वे गरीब के बेटे हैं, 2002 के दंगों को मुद्दा बनाकर अकारण ही उन पर सियासी हमले किए गए और कांग्रेस के लोग गरीब और आम परिवार से होने की वजह से उन्हें निशाना बनाते हैं. नरेंद्र मोदी को इन चीजों का फायदा उठाने में सुविधा तब अधिक हो जाती है जब मणिशंकर अय्यर जैसे नेता कभी यह कह देते हैं कि वे कांग्रेस अधिवेशन में आकर चाय बेच सकते हैं या फिर यह कि मोदी बहुत ही नीच’ किस्म के आदमी हैं.
अगर प्रियंका गांधी इस सियासी रास्ते पर गईं तो उनके पास भी खुद को पीड़ित’ साबित करने के लिए काफी मसले हैं. वे कह सकती हैं कि उनके पिता ने देश के लिए कुर्बानी दी. उनकी मां ने भारत आने के बाद लगातार देश के लिए काम किया फिर भी उन्हें इटैलियन कहकर उन पर लगातार सियासी हमले हुए. उनके भाई को राष्ट्रीय पप्पू’ घोषित कर दिया गया. उनके पति पर भ्रष्टाचार के बेबुनियाद आरोप लगे और अब तो उनके बच्चों को भी निशाना बनाया जा रहा है. अगर प्रियंका ने नरेंद्र मोदी की तरह पीड़ित’ कार्ड खेला तो इसकी काफी अधिक संभावना है कि वे भारी पड़ जाएंगी.
भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं और पूर्वी उत्तर प्रदेश के नेताओं को प्रियंका गांधी से इस बात का डर भी लग रहा है कि वे कहीं वाराणसी से लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उम्मीदवार न बन जाएं. उन्हें लग रहा है कि प्रियंका गांधी के उम्मीदवार बनने पर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी अपना उम्मीदवार नहीं उतारेंगे और बनारस की सीट पहले जितनी आसान नहीं रहेगी. प्रियंका गांधी के मोदी के खिलाफ मैदान में उतरने का असर सिर्फ वाराणसी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी सियासी विमर्श पर पड़ेगा.

किसानों को इस मंहगाई के समय 17 रूपये प्रतिदिन नाकाफी है:राजबब्बर


क्षितिजकान्त;लखनऊ  
राजबब्बरसांसद, उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में जनपद आगराफिरोजाबाद एवं फतेहपुर सीकरी से विभिन्न राजनीतिक दलों को छोड़कर आये सैंकड़ों नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कराने के एक कार्यक्रम के दौरान सम्बोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से आम आदमी के साथ खड़ी रहने वाली और उनके हितों के लिए कार्य करने वाली पार्टी रही हैयही कारण है कि देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद जब सारे लेागों ने यथास्थिति मानकर खामोशी ओढ़ ली तब कांग्रेस अध्यक्ष श्री राहुल गांधी जी निरन्तर जनता के मुद्दों पर किसानोंयुवाओंछात्रोंव्यापारियों आदि के लिए संघर्ष करते रहे। 
उन्होंने आगे कहा जिन राज्यों में हमारी कामयाबी में कांग्रेस की सरकार सत्ता में आयी, हमने तत्काल किसानों की कर्जमाफी सरकार बनते ही किया। 
राजस्थान में देश की अनूठी योजना जिसमें हर उस युवा को जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं या रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं उन्हें 3500 रूपये मानदेय देने की शुरूआत की गयी है।
छत्तीसगढ़ में किसान कर्जमाफी तथा 2500 रूपये प्रति कुंतल धान खरीद शुरूआत के बाद वहां के किसानों द्वारा श्री राहुल गांधी जी का आभार सम्मान किया गया। श्री गांधी ने केन्द्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर देश के हर जरूरतमंद को न्यूनतम आय गारंटी योजना के तहत मानदेय सुनिश्चित करने की बात कही है। 
राजबब्बर ने कल केन्द्रीय बजट की घोषणा जिसमें किसानों को दो-दो हजार रूपये तीन किश्त में हजार रूपये प्रतिवर्ष की धनराशि दिये जाने को भारत के किसानों का अपमान बताया है उन्होने कहा कि आज के इस मंहगाई के समय 17 रूपये प्रतिदिन लगभग सौ रूपये प्रतिमाह जो कि बहुत ही नाकाफी है.  
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अगर सरकार की नीयत साफ होती तो सबसे पहले किसानों के ऊपर लदे लागत के बोझ को कम करती। जैसे ट्रैक्टर सहित सभी कृषि यंत्रों एवं कीटनाशक दवाओं को जी.एस.टी. से मुक्त करनाडी.ए.पी.पोटाश एवं यूरिया के दामों में हुई भारी बढ़ोत्तरी को कम करना और किसानों द्वारा उत्पादित सभी फसलों की सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाना सुनिश्चित करना आदि शामिल हैलेकिन सरकार ने लागत कम करने और कर्ज माफ करने के बजाय भीख देने का फैसला किया। यह हमारे अन्नदाता का अपमान नहीं तो और क्या हैहमारे अन्नदाता को उसका अधिकार चाहिए भीख नहीं। 
इसी प्रकार मध्यम वर्ग को रियायत के नाम पर जो टैक्स में छूट दी गयी वह भी नाकाफी है। जुमलों से शुरू हुई सरकार जुमलों पर आकर समाप्त हो रही है क्योंकि यह सारी घोषणाएं आने वाली सरकार को पूरा करना है। अच्छा होता जो यह घोषणाएं उन्होने की हैं उसे पिछले बजट सत्र 2018  में घोषित करते तो शायद कुछ लाभ भी मिलता। 
पांच साल तो जनता पीड़ा में और मंहगाई की मार से परेशान रहीबेरोजगार युवा रोजगार के लिए और किसान अपने अधिकार के लिए संघर्ष करता रहा। 
अब मोदी सरकार जाते-जाते लोकलुभावन घोषणाएं करके जनता को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है लेकिन कल ही किसानों ने पीएमओ पर विरोध मार्च करके अपनी नाराजगी जताई है। 


किसान और आम आदमी हितैषी बजट :भाजपा


लखनऊ 02 फरवरी 2019 जनता की भलाई के बजाए अपनी और अपनों की जेबें भरने पर ज्यादा ध्यान देने वाले विपक्षी नेता नरेंद्र मोदी सरकार के बजट को देख कर बौखला गए है। उटपटांग बक रहें है। किसान और आम आदमी हितैषी बजट देश के ग्रामीण व शहरी विकास का मास्टर स्ट्रोक है। बजट का सबसे महत्वपूर्ण बिन्दु बिना किसी नये कर प्रावधान के किसानों, मजदूरो, महिलाओं और वेतनभागी लोगों को राहत दी गयी है। भाजपा के प्रवक्ता मनीष शुक्ला शनिवार को पत्रकारों से बात कर रहें थे।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि बजट में 2 हेक्टेयर जमीन वाले किसान को 6 हजार रुपये सालाना देने की घोषणा के बारे में विपक्षी नेताओं ने सपने में नही सोचा था। यह 6 हजार बाकी सुविधाओं के अलावा है। विपक्षी नेता राजनीति में आने के साथ ही मै और मेरा परिवारके विकास के बारे में सोचते है। 
श्री शुक्ल ने कहा कि केन्द्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार गरीबों के बारे में सोचती और करती है। यही वजह है कि न यूरिया की किल्लत है, न बिजली की। सरकार गेंहू, धान आदि उपज के मूल्य कम न हो किसानों को पूरा लाभ मिले इसके लिए लगातार काम कर रही है। खेती किसानी से जुड़ी दूसरी छूटों व सुविधाओं को शत प्रतिशत किसानों तक पहुंचाने का काम हो रहा है। अब छोटे किसान को हर महीने 500 रुपये मिलेगा। जिससे 12 करोड़ किसान परिवारों को होगा फायदा। यह 1 दिसंबर 2018 से दिया जाएगा। किसानों को साल में 2-2 हजार रुपये की तीन किश्तें मिलेगी।
 
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि गरीबों के हितैषी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने मजदूरों के भले और विकास के बारे में सोचा है। इसीलिए मजदूरों को भी पेंशन देगी। इस योजना में 60 साल के मजदूरों को कम से कम 3000 रुपये का पेंशन मिलेगा। सरकार के इस योजना से करीब 10 करोड़ मजदूरों को फायदा मिलेगा। 
श्री मनीष शुक्ला ने कहा कि वेतनभोगी जानते है कि 5 लाख तक की आय को टैक्स से मुक्त करना कितनी बड़ी राहत है। मोटेतौर पर देखा जाए तो 8 लाख की सालाना आय वाले बचत निवेश करने वालों को भी टैक्स नही देना पड़ेगा। गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों के 5 लाख रूपये तक के इलाज मुफ्त किये जा रहें है।

श्री शुक्ला ने कहा कि नोटबंदी के बाद बड़ी संख्या में अमीरों ने टैक्स भरा। गरीबों का हक मारने वाली 3 लाख 38 हजार फर्जी कंपनियां पकड़ी गई। मोदी सरकार गरीबों के भले के लिए काम कर रही है जबकि भ्रष्टनेता अपनी लूट की रकम बचाने के लिए परेशान है। और मोदी सरकार पर तरह-तरह के गलत आरोप लगा रहें है।

कांग्रेस का दावा की 2019 में सरकार बनने पर गरीबी, भुखमरी का अंत होगा


संवादाता (आगरा) 0प्रकांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष, राजबब्बरने आज आगरा में आयोजित एक  प्रेसवार्ता में कहा कि विगत एक वर्ष से कांग्रेस पार्टी उच्चस्तरीय मंथन चल रहा था  कि भारत को दो हिन्दुस्तान से छुटकारा कैसे मिले? इस मंथन को कई अर्थशास्त्रीविश्वविद्यालयों के प्रोफेसरकई अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता अपना योगदान दे रहे थे।
परिणामतः एक कार्यक्रम की रूपरेखा पार्टी स्तर पर तैयार की गयी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी जी ने कल छत्तीसगढ़ में एक जनसभा के सम्बोधन के दौरान जनता के सामने घोषणा की है। 
ऱाहुल ने क्या कहा? 
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अब इस देश में दो हिन्दुस्तान नहीं रहेगा मतलब कि हिन्दुस्तान में न कोई भूखा रहेगान कोई गरीब होगा। 
2019 के आम चुनाव में अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो कांग्रेस की सरकार देश के गरीबों को गारंटी के साथ न्यूनतम आमदनी देने जा रही है, ‘‘न्यूनतम इनकम गारन्टी’’
हिन्दुस्तान में हर गरीब व्यक्ति को मिनिमम इनकम (जीविकोपार्जन आय) देने का काम कांग्रेस पार्टी की सरकार करेगी और यह काम आज तक दुनिया की किसी सरकार ने नहीं किया है।
यह काम दुनिया में सबसे पहले हिन्दुस्तान की 2019 में कांग्रेस वाली सरकार करने जा रही है. 
बब्बर ने कहा की देश का किसाननौजवान इसलिए श्री राहुल गांधी जी पर विश्वास कर रहा है कि श्री राहुल गांधी जी ने मध्य प्रदेशछत्तीसगढ़राजस्थान की जनसभाओं में किसानों से वादा किया था कि उनका कर्जा माफ होगा,
इसमें से कांग्रेस शासित सरकारों ने कुछ दिनों में और कुछ ने कुछ घण्टों में किसानों का कर्जा माफ कर दिया।  
श्री राजबब्बर जी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा गारंटी के बावजूद भारत में भुखमरी से मौतंे हुई हैं। लोग देश के इतने गरीब हैं कि उन तक बेघर होने से कागजी प्रमाण के आभाव में उन्हें रहत नहीं मिल पा रही है.    
किसान आज भी कर्जदार है। कई बार देश का अन्नदाता मौत को गले लगाने पर मजबूर होता है। इसीलिए ‘‘न्यूनतम इनकम गारंटी’’ देश के सभी नागरिकों के लिए बुनियादी मानक की गारंटी देता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ‘‘न्यूनतम इनकम गारंटी’’ हर गरीब व्यक्ति की गरीबी और भूख को मिटाने में मदद करेगा। 
2019 के चुनाव में कांग्रेस अपने घोषणापत्र में ‘‘न्यूनतम इनकम गारंटी’’ को शामिल करेगी। उन्होने आगे कहा कि कांग्रेस की यूपीए सरकार ने अपनी नीतियों से अपने पिछले कार्यकाल में 14 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला। यूपीए सरकार जब वर्ष 2004 में सत्ता में आयी तो गरीबी का अनुपात 37.2 प्रतिशत था, 2012 में 21.9 प्रतिशत हो गया। यूपीए की सरकार में कुपोषण और भुखमरी से होने वाली मौतों में भारी गिरावट आयी थी। 
उन्होने कहा कि मोदी जी की सरकार ने गरीबी और भुखमरी को बद से बदतर किया जबकि यूपीए की सरकार ठीक इसके विपरीत देश के गरीबों को बेहतर जीवन दिया। हमने देश को मनरेगा दियारोजगार की गारंटी दीभोजन का अधिकार दिया और अब न्यूनतम इनकम की गारंटी यह सुनिश्चित करेगी कि हर परिवार जो गरीबी की रेखा के नीचे हो चाहे वह शहरी हो या ग्रामीण उन्हें अपने जीवन स्तर को बढ़ाने के लिए न्यूनतम स्तर की आय की गारंटी मदद करेगी।
इससे तुरन्त अत्यधिक गरीबी और भुखमरी का अन्त होगा इसमें पात्रता की सीमा निर्धारित की जायेगी। हमारा प्रयास हमेशा रहा है भारत के नागरिकों को सशक्त बनाने और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो, ‘‘न्यूनतम इनकम गारंटी’’ योजना मील का पत्थर साबित होगायह एक ऐसा प्रयास है जो देश के नागरिकों को और अधिक सशक्त और कुशल बना देगा। 


मोटरसाइकिल पर सवार रास्ते में जारहा व्यक्ति गड्ढे में गिरा;गंभीररूप से घायल


55  वर्षीय व्यक्ति  शुक्रवार की शाम को तालकटोरा रोड लखनऊ से गुजरते हुए  ब्रिज के लिए खम्भे खड़ा करने के लिए बनाई गयी खाई में जा  गिरा। 
अनुज श्रीवास्तव नमक व्यक्ति जब वह अपने घर की ओर मोटर साइकिल पर सवार होकर जा रहा था तभी रास्ते में सड़क पर  जगह -जगह पिलर खड़ा करने  लिए बनाये गए गड्ढे  में  जा गिरा, और उसे गंभीर चोटे आई। वहां पर मौजूद लोगो ने उसे बहार निकाला। 
यह ध्यान देने योग्य है कि लखनऊ तालकटोरा रोड पर फ्लाईओवर ब्रिज के निर्माण का कार्य तेजी से चल   रहा है।  इस कार्य  की  कार्यदायी संस्था  उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम है।  
पूछे जाने पर प्रत्यक्ष दर्शियों का कहना है की व्यक्ति नशे की  हालत में था ; उसका अपने दुपहिया वाहन  पर नियत्रण खो देने के कारण  उस गड्ढे में जा गिरा।  लोग उसे निकल कर नजदीक प्राइवेट अवतार हॉस्पिटल ले गए जहाँ  पर उसे प्राथमिक चिकित्सा सहायता  दी गयी।