UPBIL04881

तीन युवक के साथ आमने सामने मुठभेड़ बिल्कुलफर्जी का दावा; सभी घर से उठाए गये थे

उत्तर प्रदेश की लखनऊ पुलिस ने आज तीन युवक के साथ आमने सामने मुठभेड़ दिखाया जिसमें एक युवक शिवकरन उर्फ करन यादव के भागने पर पुलिस ने फायरिंग किया जिससे करन के पैर में गोली लग गई और दो आरोपी पकडे गयें।

 ह्यूमन राईट मानिटरिंग फोरम के अनुसार, उनके सदस्यों ने घटनास्थल का दौरा किया और आस पास के लोगों से बातचीत किया प्रत्यक्षदर्शीयों ने मुठभेड़  बताया कि पुलिस ने गाड़ी मे युवकों को भरकर लायी थी और उन्हें गाडी से धकेल कर गोली मारी थी। गांव वालों ने यह भी बताया कि जो गाडी बरामद हुई है उस गाड़ी को उन्ही का आदमी चलाकर लाया था जो  मुठभेड़ के बाद पुलिस वालों के साथ सादे वर्दी में खडे थे।
घटनास्थल के बाद फोरम के अमित और संजय मुठभेड़ में घायल युवक शिवकरन यादव के घर रैंथा रोड ग्राम फरुखाबाद थाना मडियांव जनपद लखनऊ गयें। वहां पर घयल युवक के पिता मुरली यादव ने बताया की उनके बेटे को कल दिन में पुलिस घर पर ढूढने आयी थी तब लड़का घर से हट गया जिसके कारण वह लोग नहीं ले जा पाये।

उन्होंने बताया कि आज तड़के भोर में लगभग 2 से 3 के बीच तीन गाडियों से लगभग 15/16 पुलिस वाले घर का चाहरदीवारी फादकर गेट खोले फिर सभी पुलिस वाले घर के अन्दर आ गये और उनके लड़के को जबरन ले जाने लगे तब घर वालो ने लड़के को छुडाने के लिए पुलिस वालो से छीनाझपटी हो गई जिसमें पुलिस वालो का बैच बिल्ला वहीं गिर गया जिस पर पुलिस वाले भड़क गये और शुभकरण के उपर रिवाल्वर तानकर घर वालो से बोले की हमें इसे ले जाने दो नहीं तो यही पर गोली मार देगें पुलिस की धमकी से परिवार वाले डरकर पीछे हट गये। 
परिवार के पीछे हटने पर पुलिस वाले शुभकरण और उसकी नई अपाचे गाडी उठाकर ले जाने लगें। पुलिस शुभकरण को लेकर  भागने के चक्कर में पुलिस की 100 न. की सफेद रंग की इनोवा शुभकरण के घर की दिवार पर जोरदार टक्कर लगने से इनोवा की बम्फर और साइड सीसा टूटकर वहीं गिर गया और  दिवाल टेडी हो गयीं लेकिन पुलिस रुकी नहीं भाग निकली।
शुभकरण के परिवार ने 3 बजे के लगभग 100 न पर फोन किया तो वहां से मडियांव थाने पर जाने को कहा गया। पीड़ित परिवार थाने पर गये वहां बैठे मुंशी ने बताया कि यहां पर शुभकरण को नही लाया गया है
आप लोग पुलिस अधीक्षक के पास जाइये तब वहां से पीड़ित परिवार 4 बजे एसएसपी लखनऊ के यहां पहुंचे और वहां बैठे अवधेश कुमार से सारी बाते बताया तो उन्होंने मडियांव थाने पर फोन कर पूछा तो वहां सै बताया गया कि थाने पर किसी को भी नहीं लाया गया है।
एसएसपी आवास पर तैनात अवधेश कुमार ने इस परिवार से कहा की सुबह होने दिजिए हम लडके का पता कर रहे है ।
एसएसपी आवास पर काफी देर बैठने के बाद पीड़ित परिवार ने अपने परिचित वकील को फोन किया और राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, लखनऊ एसएसपी, को पत्र लिखकर जीपीओ डाकघर से स्पीड पोस्ट कर दिया। सुबह आठ बजे के करीब एक नम्बर से उन्हें फोन आया कि उनके लडके को पुलिस मुठभेड़ मे गोली लग गई है, लेकिन वह लोग डर के मारे लडके को देखने ट्रामा अस्पताल में नहीं गये कही पुलिस उन्हें भी पकड़ ना ले। परिजनों ने शुभकरन के साथ पुलिस मुठभेड़ को बिल्कुलफर्जी बताया और जांच की मांग किया।

फोरम के साथी संजय और अमित उक्त फर्जी मुठभेड़ में पकड़े गये दूसरे युवक संजय शुक्ला पुत्र रामआसरे शुक्ला निवासी कुंडरी, रकाबगंज थाना वजीरगंज लखनऊ के घर गये वहां पर घर वाले पुलिस की डर के मारे कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हो रहें थे काफी देर प्रयास के बाद बस इतना बताया कि उनके लडके को पुलिस दो दिन पहले घर उठा कर ले गयीं थी पैसे देने की वजह से उसकी जान बच पायी है उन्होंने बताया की पुलिस ने किसी को कुछ भी बताने के लिए मना किया है।
फोरम के अनुसार, उक्त फर्जी मुठभेड़ मे पकडे गयें तीसरे युवक बिरेन्द्र के घर पर गयें लेकिन वहां पर कोई नहीं मिला । आस पास के लोगों ने बताया कि बिरेन्द्र का परिवार पुलिस की डर की वजह से घर से कहीं दूर चले गयें है।
बिरेन्द्र के बारे में पूछने पर बताया की दो तीन दिन पहले पुलिस घर से उठा कर ले गयीं है। जिसको आज लखनऊ मे मुठभेड़ मे पकडऩे की बात सामने आ रही है जो बिल्कुल गलत है।
ह्यूमन राईट मॉनिटरिंग फोरम ने मुठभेड़ में घायल शुभकरन से मिलने गया, लेकिन पुलिस ने नहीं मिलाने दिया.


रतौली में अवैध खनन पट्टे से 544 परिवार हो जायेंगे बर्बाद, निरस्त हो पट्टा


सीतापुर जिले के रतौली गाँव में अवैध खनन पट्टे के विरोध में राष्ट्रीय किसान मंच और उत्तर प्रदेश मनरेगा मजदूर संगठन की ओर से उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।  जिसमें राष्ट्रीय किसान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष  पं. शेखर दीक्षित ने अवैध खनन पट्टे को लेकर ग्रामीणों की आवाज को बुलंद किया। 
पं. शेखर दीक्षित ने कहा कि जिस तरह से रतौली गाँव में लहरपुर एसडीएम और पूर्व  डीएम की संलिप्तता में खनन पट्टे के नाम पर पूरे गाँव का नामोनिशान मिटाने की कोशिश की जा रही हैवह बहुत निंदनीय है। अवैध खनन पट्टे के बाद रतौली गाँव में रहने वाले करीब 544 परिवार बर्बाद हो जाएंगे और उनके पास कुछ नहीं बचेगा। 
पं. शेखर दीक्षित ने कहा कि उत्तर प्रदेश  बीजेपी  ने  सत्ता में आने से पहले ग्रामीणों,मजदूरों और किसानों के विकास की कसमें खायी थी लेकिन जब बीजेपी सत्ता में आ गयी, उसके बाद पार्टी के नुमाइंदों और अफसरों की मिलीभगत से किसानों,मजदूरों का शोषण किया जा रहा है।
पं. शेखर दीक्षित ने कहा कि एक तरफ सरकार की ओर से किसानों,मजदूरों और गाँवों के विकास से जुड़ा एक भी वादा नहीं पूरा किया गया, वही दूसरी तरफ उनके नुमाइंदों की ओर से किसानों की जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है। ये स्थिति पूरे प्रदेश में है,जहाँ पर इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।
पं. शेखर दीक्षित ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की संलिप्तता के चलते रतौली गाँव को नदी से 3 किलोमीटर दिखाया गया है, जबकि हकीकत यह है कि गाँव नदी से केवल 300 मीटर की दूरी पर है। ऐसे में अवैध खनन पट्टा करके 544 परिवारों की जिंदगी बर्बाद की जा रही है।
उत्तर प्रदेश मनरेगा मजदूर संगठन के अध्यक्ष डॉ. बृजबिहारी ने कहा कि  कि हर साल रतौली में बाढ़ विभीषिका अपना कहर बरपाती है। बावजूद इसके यहाँ पर खनन पट्टा आवंटित कर दिया गया। इससे रतौली गाँव का हमेशा के लिए नामोनिशान मिट जाएगा। 
 डॉ. बृजबिहारी ने कहा कि एक तरफ योगी सरकार कृषि योग्य भूमि और जंगलों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की बात करती है तो दूसरी ओर अधिकारियों की ओर से पूरे गाँव को ही अवैध पट्टे के रूप में आवंटित कर दिया जाता है।
पं. शेखर दीक्षित ने कहा कि योगी सरकार को तुरंत अवैध पट्टे को निरस्त कर देना चाहिए और इस पट्टे को फर्जी तरह से आवंटित कराने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाई करनी चाहिए। अगर योगी सरकार की ओर से ऐसा किया गया तो राष्ट्रीय किसान मंच की ओर से ग्रामीणों के जीवन बचाने के लिए जल्द ही विधानसभा का घेराव किया जाएगा। 


दवा करे या न करे ; स्वास्थ परीक्षण अवश्य कराये


शरीर की कुछ नियमित जांचें यानी प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप कितना जरूरी है. इसके बाद ये स्वभाविक प्रश्न आते हैं कि हमें आमतौर पर कौन-कौन सी जांचें करवानी चाहिए और कितने अंतराल पर करवाते रहना चाहिए.
प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप में कौन-सी जांचें करवाएं, इसकी कोई लिस्ट नहीं है. यह आपकी उम्र पर निर्भर करता है. कम उम्र की जांचें अलग होती हैं, वहीं उम्र बढ़ने के साथ-साथ इनमें और कुछ जांचें जुड़ती चली जाती हैं. यदि आपकी रिस्क प्रोफाइलखराब है यानी कि पारिवारिक-सामाजिक पृष्ठभूमि के चलते आपको कुछ बीमारियां होने का खतरा ज्यादा है तो इन जांचों का दायरा और पैटर्न भी बदल जाता है. हाई रिस्क प्रोफाइलवाले लोगों का मामला तो और अलग होता है, हालांकि इनके बारे में हम फिर कभी चर्चा करेंगे.
उम्र के हिसाब से जांचें इसलिये अलग हो जाती हैं, क्योंकि हर उम्र के शख्स को अलग-अलग बीमारियों की आशंका होती है. उन्हीं आशंकाओं के हिसाब से जांचें भी तय करनी पड़ती हैं. आगे हम उम्र के हिसाब से इन जांचों का जिक्र करने जा रहे हैं.
18 वर्ष के आसपास के लोगों की प्रिवेंटिव जांचें :
जब आप जवानी में कदम रख चुके हों, देश की सरकार चुनने के लिए समझदार मान लिये गये हों तो आप इस कदर समझदार हो ही जाते हैं कि यदि कोई आपको अपना हेल्थ चेकअप करवाने के लिए कहे तो आप उसका मखौल तक उड़ाने को तत्पर हो जाएं. तब आप चिढ़ते हुए कह सकते हैं, ‘तुमने क्या हमें बुड्ढा मान लिया है!
लेकिन यही उम्र है जब नियमित प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप की शुरुआत हो जानी चाहिए. इस उम्र में इन बातों का ख्याल रखा जाना चाहिए -
(1) अठारह साल की उम्र के बाद हमें एक नियमित अंतराल पर अपने डॉक्टर से सलाह तथा फिजिकल चेकअप कराते रहना चाहिए. फिजिकल चेकअप का मतलब? इसका मतलब है, बीपी (रक्तचाप), वजन, हाइट और अपना पूरा क्लीनिकल चेकअप.
(2) इस चेकअप के दौरान डॉक्टर आपसे अपने खान-पान, नशे की तलब, व्यायाम की आदत और सेक्स हेबिट्स पर भी पूछेगा. न पूछे तो आप खुद बता दें. इन सब बातों पर भी डॉक्टर की एक्सपर्ट सलाह अत्यंत आवश्यक है.
इस चेकअप में खुद पहल करते हुए सिगरेट, तंबाकू, दारू आदि की अपनी आदतों पर भी निसंकोच डॉक्टरी सलाह लें. यही उम्र है जब हम इन नशों के आदी होने की राह पर कदम रख रहे होते हैं. डॉक्टर को अपनी इस तरह की आदतों के विषय में खुलकर सबकुछ बतायें.
(3) यही उम्र मानसिक उलझनों की भी उम्र होती है. अपने डॉक्टर से अपने तनावों और डिप्रेशन आदि के बारे में भी सारी बातें शेयर करें क्योंकि इस कच्ची उम्र में मौत का एक महत्वपूर्ण कारण आत्महत्या भी है. इस जवान उम्र में मौत के कुछ अन्य कारण हैं- तेज तथा गैर जिम्मेदार ड्राइविंग से एक्सीडेंट में मौत, हिंसात्मक व्यवहार में फंसकर हत्या, कुछ कम उम्र वाले कैंसर.
(4) इसी चेकअप में डॉक्टर से व्यायाम तथा जिम आदि के बारे में भी डिस्कस करें.
(5) डॉक्टर से यह भी पूछें कि आपको किसी तरह के कोई टीके तो नहीं लगने हैं? इस उम्र में टिटेनस और डिफ्थीरिया का टीका फिर से लगाया जाता है. आगे हर दस साल में इसे वापस भी लगवाना होता है.
(6) चूंकि डॉक्टर को इस उम्र वाले व्यक्ति को एचआईवी तथा अन्य सेक्स संबंधी बीमारियों के बारे में आगाह भी करना होता है, इसलिए अगर वह आपसे सेक्स को लेकर सवाल करे तो बुरा न मानें.
25 से 45 वर्ष की आयु वालों की प्रिवेंटिव जांचें :
यह उम्र ऐसी होती है जो हमें भ्रम में रख सकती है कि शरीर में सब ठीक चल रहा है. जबकि वास्तविकता इससे अलग है. इसी उम्र में बीपी, हार्ट अटैक, खराब कोलेस्ट्रॉल और स्तन कैंसर आदि की बीमारियां धीरे-धीरे शरीर में घर कर रही होती हैं और आपको खबर ही नहीं होती. इसीलिए इस उम्र में ऐसे प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप की बड़ी आवश्यकता है.
इस उम्र में करवाई जाने वाली प्रिवेंटिव जांचें इस प्रकार हैं :
(1) अपना लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्रोल), ब्लड ग्लूकोज, किडनी फंक्शन इत्यादि ब्लड टेस्ट जरूर कराएं.
(2) आपके दिल की रिस्क प्रोफाइल कैसी है? इसके बारे में डॉक्टर से पता करें. वह जो भी जांचें इस सिलसिले में बताए, करा लें. इन जांचों में आवश्यकतानुसार ईसीजी, ईकोकार्डियोग्राफी और टीईई जांच करवाई जा सकती हैं.
(3) इस उम्र में ही स्त्रियों को स्तन कैंसर होने का खतरा होता है. डॉक्टर से इसकी जांच की पूरी जानकारी लें. वह आपको खुद आपके द्वारा अपने स्तनों की नियमित जांच कैसे करना, यह सिखाएगा. वह न बताये तो खुद उससे यह बात पूछ लीजिए. चालीस वर्ष की उम्र पर एक बार अपनी मैमोग्राफी की जांच जरूर करा लें.
(4) औरतों को इस उम्र में (सेक्स की शुरुआत के साथ ही) अपनी पैप स्मियर की जांच किसी अच्छे गायनेकोलॉजिस्ट से हर एक-दो साल पर कराते रहना चाहिए. यह एक छोटी सी बेहद सस्ती और डॉक्टर की ओपीडी में ही हो सकने वाली जांच है, जिससे बच्चेदानी का सर्वाइकल कैंसर एकदम शुरुआत में ही पकड़ा जा सकता है. इस अवस्था में पकड़ लें तो इस कैंसर को पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है.
(5) हर उम्र में अपनी, तंबाकू-एल्कोहल की आदतों के बारे में डॉक्टर से जरूर डिस्कस कर लें. वह विस्तार से इन आदतों की जानकारी लेकर आपको इस संबंध में उचित सलाह देगा. ये बातें बताने में कोई संकोच बिलकुल न करें. डॉक्टर से शर्माना या सकुचाना कभी-कभी आगे जाकर खतरनाक भी सिद्ध हो सकता है.
(6) यदि हिपेटाइटिस की वैक्सीन पहले कभी न लगवाई हो तो उसका कोर्स भी पूरा कर लें. डिफ्थीरिया और टिटेनस के टीके का हर दस साल बाद का बूस्टर टीका भी समयानुसार लगवा लें.
45 से 64 वर्ष की आयु की प्रिवेंटिव जांचें :
यह वो आयु होती है जब हम अचानक ही मानो नींद से जागते हैं. अब हमें अपने स्वास्थ्य को लेकर शायद पहली बार एक डर महसूस होता है. साथ के किसी हमउम्र की बीमारी का पता चलता है या किसी नजदीकी की अचानक मृत्यु हो जाती है और आप घबराकर लंबी नींद से उठ जाते हैं.
मेरे पास ज्यादातर इसी उम्र के लोग अपने जीवन में पहली बार प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप के लिए आते हैं. इस उम्र के डर कुछ हद तक सही भी हो सकते हैं. इसीलिए कुछ चेकअप जरूर करा लें -
(1) अपने कार्डियो रिस्क की पूरी जांच-पड़ताल करवा लें. इन जांचों की चर्चा हम इसी स्तंभ में पहले भी कई बार कर चुके हैं. धूम्रपान, तंबाकू, आलसी जीवन, हाई कोलेस्ट्रॉल की पड़ताल के बाद ईकोकार्डियोग्राफी, ईसीजी इत्यादि की जरूरत अनुसार जो भी जांचें डॉक्टर उचित समझेगा, वे सब डॉक्टर द्वारा आपको बताई जायेंगी. सारी जांचें करायें.
यदि आपके परिवार में किसी नजदीकी रक्त संबंधी को पचास साल की उम्र से पहले ही हार्ट अटैक हुआ हो तो डॉक्टर को इसके बारे में जरूर बताएं. तब आपकी दिल की जांचों का दायरा बढ़ भी सकता है.
(2) पचास वर्ष से ऊपर होने पर अब हर साल ही इन्फ्लूएंजा वैक्सीन लगवाने की सलाह दी जाती है. आजकल, जिस तरह से फ्लू तथा वायरल इन्फेक्शन लगभग पूरे साल चलते हैं, और बिगड़ने पर इनका कोई इलाज नहीं है - बेहतर रहेगा कि पहले ही यह इन्फ्लूएंजा वैक्सीन लगवा ली जाए.
साठ से ऊपर उम्र हो जाये तो एक टीका न्यूमोकोकस वैक्सीन का भी लगवा लें. यह वैक्सीन बस एक ही बार लगती है और बुढ़ापे में जानलेवा निमोनिया से बचाव करती है. जब चेकअप के लिए जाएं तो डॉक्टर से इन वैक्सीन को लगवाने का आग्रह जरूर करें.
(3) साठ से ऊपर हैं तो अपनी हड्डियों की मजबूती की जांच भी करा लें. औरतें तो जरूर करा लें क्योंकि रजोनिवृत्ति (मीनोपॉज) के बाद उनकी हड्डियों में कमजोरी (आस्टियोपोरोसिस) के चांस बहुत बढ़ जाते हैं. बोन डेंसिटी की यह जांच और इसके मुताबिक कुछ दवाओं को लेने से आप बुढ़ापे में छोटी-सी चोट से ही हड्डी टूटने की आशंका से बचेंगे.
(4) पचास वर्ष के बाद बड़ी आंत के कैंसर होने की आशंका भी बढ़ जाती है. सो अपने मल (विष्ठा) में ऑकल्ट ब्लड (रक्त) की सालाना जांच कराते रहें. इसी सिलसिले में यह सलाह भी दी जाती है कि हर पांच साल में अपनी सिग्मॉयडोस्कोपी और हर दस साल में अपनी कोलोनोस्कोपी जांच भी करा लें.
यदि परिवार के किसी रक्त संबंधी को पहले बड़ी आंत का कैंसर हो चुका हो तब तो और भी पहले की उम्र में ही ये जांचें शुरू करनी होंगी.
(5) पचास वर्ष की उम्र के बाद की स्त्रियों को हर दो साल में अपनी मैमोग्राफी की जांच द्वारा स्तन कैंसर की आशंका को दूर करने की सलाह भी दी गई है. स्तन की सेल्फ पेलपेशन द्वारा स्वयं जांच भी हर माह करते रहें.
(6) इनके अलावा अपनी नियमित बुनियादी रक्त जांचें भी हर दो साल में करवाते रहें (ब्लड शुगर, रीना फंक्शन टेस्ट, लिपिड प्रोफाइल आदि)
और पैंसठ साल के बाद?
उपरोक्त वे सब जांचें तो फिर आगे जीवन पर्यंत हमें करवानी ही हैं जो पैंतालीस से चौसठ के बीच की उम्र में तजबीज की गई हैं .इनके अलावा ये सब भी करायें :
(1) यदि आप धूम्रपान के आदी पुरुष रहे हैं तो अब एक बार पेट की सोनोग्राफी जरूर करवा लें. इस सोनोग्राफी में विशेष रूप से यह दिखवा लें कि कहीं पेट की मुख्य रक्त नलिका (एब्डोमिनल एओटा) में कहीं खतरनाक फैलाव (एन्यूरिज्म) तो विकसित नहीं हो रहा.
(2) यदि कुछ जरूरी टीके पहले न लगवाये हों तो कम से कम अब तो लगवा लें.
(3) अपनी आंखों और श्रवण शक्ति की मेडिकल जांच भी जरूर करा लें. इस उम्र में बहुत सी दुर्घटनायें आंखों की कमजोरी और ऐन मौके पर चेतावनी की आवाज न सुन पाने के कारण भी होती हैं.


प्रेस संवाददाता समिति के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का सम्मान समारोह


अभी हाल ही में सम्पन्न हुए उ0प्र0 मान्यता प्राप्त प्रेस संवाददाता समिति के निर्वाचन में निर्वाचित अध्यक्ष सहित सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं निर्वाचन आयोग के पदाधिकारियों का सम्मान समारोह उ0प्र0 कंाग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन हाजी सिराज मेंहदी द्वारा अपने आवास बांदी हाउस न्यू हैदराबाद में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उ0प्र0 शासन के प्रमुख सचिव श्री नवनीत सहगल एवं पूर्व सांसद श्री प्रमोद तिवारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। सम्मान समारोह में अंग वस्त्र एवं पुष्प गुच्छ प्रदान कर सम्मानित किया गया।
0प्र0 कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन हाजी सिराज मेंहदी ने बताया कि इस मौके पर उ0प्र0 मान्यता प्राप्त प्रेस संवाददाता समिति के अध्यक्ष श्री हेमन्त तिवारी, उपाध्यक्ष श्री अजय श्रीवास्तव, सचिव श्री शिवशरन सिंह, संयुक्त सचिव तमन्ना फरीदी सहित दया विष्ट, अनिल यादव, अंकित श्रीवास्तव, अनिल सैनी आदि सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर हाजी सिराज मेंहदी ने शासन के प्रमुख सचिव श्री नवनीत सहगल को को भी सम्मानित किया गया। तदुपरान्त श्री नवनीत सहगल एवं श्री मेंहदी द्वारा सभी सम्मानित होने वाले पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया।
श्री मेंहदी ने बताया कि इस मौके पर समिति के होने वाले निर्वाचन के चुनाव आयोग के पदाधिकारी श्री ज्ञानेन्द्र शर्मा, श्री किशोर निगम एवं श्री विजय शंकर पंकज को भी सम्मानित किया गया तथा राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त शायरों को भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा वरिष्ठ पत्रकार श्री राज कुमार सिंह, श्री सुरेश बहादुर सिंह, श्री हिसाम सिद्दीकी, श्री मसूद हसन सहित वरिष्ठ पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया। मुम्बई के वरिष्ठ पत्रकार श्री राजकिशोर तिवारी विशेष रूप से सम्मान समारेाह में शामिल होने के लिए मुम्बई से आये।
सम्मान समारोह में अन्य प्रमुख लोगों में श्री वीरेन्द्र मदान, श्री जीशान हैदर, श्री शबाब नकवी, मो0 काजिम, मो0 नासिर, पप्पू सोनकर, मो0 नदीम, श्री नदीम अशरफ जायसी, श्री नईम सिद्दीकी, पूर्व डीजीपी श्री रिजवान साहब सहित ख्यातिप्राप्त शायर मौजूद रहे।
इस अवसर देश विदेश के प्रसिद्ध शायरों द्वारा कविताएं एवं कलाम पेश किया गया। जिसका संचालन प्रसिद्ध शायद नैयर जलालपुरी ने किया। प्रसिद्ध शायर एवं कवि श्रीमती नसीम निकहत, श्री चरन सिंह बशर, श्री वाहिद अली वाहिद, श्री नायाब हल्लौरी ने अपने कलाम पेश किये। 
सम्मान समारोह के अन्त में आये हुए सभी अतिथियों को हाजी सिराज मेंहदी द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।