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सहकारिता की जीत भाजपा की लोकप्रियता का परिणाम है:डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय

डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा ने सहकारी संघों के नए अध्यक्षों को विजय पर दी बधाई। भाजपा की इस विजयपर हर्ष व्यक्त करते हुए पाण्डेय ने कहा कि भाजपा ने 80 फीसदी से ज्यादा पदों पर काबिज होकर इतिहास रचा है। प्रदेश में कुल 1405 सहकारी संघों में सभापति और उपसभापति के लिए हुए चुनाव में लगभग 80 प्रतिशत से अधिक पदों पर भाजपा के सभापति और उपसभापति चुने गये है। सहकारिता चुनाव प्रभारी प्रदेश महामंत्री विद्यासागर सोनकर एवं उनकी टीम को कुशल चुनावी प्रबन्धन के लिए बधाई दी।
 डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने आगे कहा कि डेढ़ दशक के बाद पहली बार सहकारी समितियों में लोकतांत्रिक पद्धति से निष्पक्ष चुनाव सम्पादित हुए। भाजपा की इस जीत से विकास के नए आयाम स्थापित होंगे। उन्होने कहा कि मोदी सरकार एवं योगी सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प के साथ काम कर रही है। भाजपा कार्यकर्ताओं की विजय से सहकारी संघ इस संकल्प को पूरा करने में मुख्य भूमिका निभाएगें। पिछले कई वर्षो से सपा-बसपा सहकारिता आंदोलन को परिवारवाद व वंशवाद के कुचक्र में फंसा कर रखा था। जिसकी वजह से सहकारिता आंदोलन विकास की पैमाने पर खरा नहीं उतर रहा था। सपा-बसपा ने इसे भ्रष्टाचार का अड्डा बना रखा था। भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में भ्रष्टाचार समेत तमाम तरह के चक्रव्यूह तोड़कर विजय हासिल की है। भारतीय जनता पार्टी सहकारिता के माध्यम से उत्तर प्रदेश को भारत का नम्बर-1 प्रदेश बनाने की दिशा में काम करेगी। 
डा0 पाण्डेय ने कहा कि सहकारी संघ सपा के इशारे पर घालमेल के खेल में लिप्त होकर विकास कार्यो से कोसों दूर हो चुकी थी, लोकतांत्रिक पद्धति से प्रारम्भ हुई चुनावी प्रक्रिया से छटपटाती सपा के चेहरे पर उलझन छलक रही थी। लेकिन सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा के निष्पक्ष, लोकतांत्रिक चुनाव के संकल्प ने सपाई मंसूबों पर पानी फेर दिया और अस्सी फीसदी से अधिक पदों पर फहराते हुए भाजपाई परचम के नए इतिहास का सृजन किया।  भाजपा कार्यकर्ता सहकारी संघों के माध्यम से जनसेवा के सदकार्य में जुटें। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में सहकारिता के द्वितीय चरण के चुनाव में मिली भारी सफलता संगठन की रणनीतिक कुशलता तथा संगठन की लोकप्रियता का परिणाम है।
   

श्री खाटू श्याम ज्योत मण्डल का दो दिवसीय कार्यक्रम समापन समारोह



श्री खाटू श्याम ज्योत मण्डल(रजि0) लखनऊ जो प्रत्येक वर्ष होली से पूर्व यह भक्ति भाव पूर्ण कार्यक्रम तिलक नगर मे आयोजित कराती रही है इसी श्रंखला मे दो दिवसीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन तिलक नगर महाराजा अग्रसेन पार्क मे हुआ। इस कार्यक्रम मे स्थानीय भक्तो की बड़ी भीड़ उपस्थित थीं।
रविवार को कार्यक्रम के समापन पर शोभा यात्रा निकली गई। यह शोभा यात्रा स्थानीय भक्तों द्वारा महाराजा अग्रसेन पार्क से प्रारम्भ होकर रामनगर शास्त्रीनगर, रकाबगंजपाण्डेयगंज, रानीगंज, गनेशगंज, नाका हिण्डोला होते हुए चारबाग हनुमान मन्दिर पर समाप्त हुई। एकादशी पर राजस्थान के खाटू में विशाल मेला लगता है जिसमें कि देश व
विदेश से लाखों की संख्या में भक्त दर्शन के लिये आते है। लोगो को ऐसा विश्वास है कि इस सच्चे दरबार से कोई भी आज तक खाली नहीं लौटा है। खाटूश्याम ज्योत मण्डल के सभी सदस्य 21 फरवरी को मरूधर एक्सप्रेस द्वारा जयपुर जायेंगे, जहॉ वे 22@23 फरवरी को खाटू में बाबा को निशान चढ़ायेंगे।



लखनऊ की झलक


फरवरी 13 , 2018:  थाना खालाबाजार लखनऊ की पुलिस, चौकसी के तहत, बल के साथ मंगलवार सायंकाल गश्त लगाया, यह गश्ती दौरा करेहटा गांव मोतीझील रोड व ताल कटोरारोड पर किया गया। जगह-जगह तलाशी व दो पहिया वाहन आदि की मौके पर चेकिंग की गई। होटल, पान की दुकान, देशीशराब विक्रेता, अंग्रेजी शराब विक्रेता मांॅडलशॉप आदि की मौके पर तलाशी व चेकिंग की गई।
  

फूलपुर और गोरखपुर के उपचुनाव के लिए भाजपा ने रणनीति बनायी

लखनऊ 12 फरवरी 2018, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश पदाधिकारियों की पहली बैठक प्रदेश पार्टी मुख्यालय पर सम्पन्न हुई। प्रदेश अध्यक्ष डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने प्रदेश पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी तथा आगामी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की कार्ययोजना रखते हुए सभी को जुटने के निर्देश दिए।
बैठक के पश्चात प्रदेश अध्यक्ष डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि मोदी जी एवं अमित शाह जी की नीतियों का मूलमंत्र है कि समाजहित में आराम की गुंजाइश नहीं है। इसी को आत्मसात करते हुए नई टीम को दिन-रात  अथक परिश्रम का मूलमंत्र दिया गया। संगठनात्मक स्किल एवं तजुर्बे बाले लोगों को नई टीम में जगह दी गई है और आगे भी कार्यकर्ताओं का सदुपयोग किया जाएगा।
डा0 पाण्डेय ने बताया कि बैठक में सहकारिता चुनाव की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। आगामी दिनों में फूलपुर और गोरखपुर के उपचुनाव के लिए संगठनात्मक अभियानों की समीक्षा की गई। गत दिनों चला जनसहयोग केन्द्र फिर से प्रारम्भ किया जाएगा। प्रत्येक सोमवार व मंगलवार को कार्यकर्ता केन्द्रित जन सहयोग केन्द्र प्रारम्भ होगा। संगठनात्क प्रक्रिया में नीचे से आई हुई प्रदेश स्तरीय समस्याओं का समाधान होगा। 19 मार्च को योगी सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं व उपलब्धियों को बूथ स्तर तक ले जाएेंगे और जनता से संवाद कायम करेंगे।
डा0 पाण्डेय ने कहा कि लोककल्याणकारी राज्य के लिए सरकार बनती है। मा0 मोदी जी के नेतृत्व में चल रही लोककल्याणकारी सरकार की नीतियां एवं योजनाएं एवं उपलब्धियां जनता तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि शिवरात्रि के ठीक बाद फूलपुर व गोरखपुर उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों की घोषणा कर दी जायेगी। हमारी चुनाव की पूरी तैयारी है, जनता का आशीर्वाद हमारे साथ है, हम शानदार तरीके से दोनों सीटें जीतेंगे।  


  


पं. दीनदयाल उपाध्याय की 50वीं पुण्यतिथि पर व्याख्यान का आयोजन

लखनऊ 12 फरवरी 2018, डा सतीश चंद्र द्विवेदी, इटवा के विधायक एवं अर्थशास्त्र के प्रोफेसर, भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पं. दीनदयाल उपाध्याय की 50वीं पुण्यतिथि पर आयोजित व्याख्यांन के दौरान कहा देश  में सत्तर साल के बाद सरकार की आर्थिक नीतियां आम आदमी के लिए खुशियों की सौगात लेकर आयी है। केन्द्र की भाजपा सरकार और देश के उन्नीस राज्यों में चल रही भाजपा की सरकारों की आर्थिक योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति से आरंभ हो रही हैं। किसान युवा महिला और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के आधार पर देश की वित्तीय नीतियां तय हो रही है। पं. दीनदयाल जी ने अपने चिन्तन में आम मानव से जुड़ी जिन चिंताओं और समाधानों को समझाने का प्रयास आज से दशकों पहले किया था, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  और प्रदेश की आदित्य कर रही हैं। भारत और भारतीयता के संवाहक एवं संचारक के रूप दीन दयाल उपाध्याय के विचार किसी आदर्शलोक का दर्शन होने की बजाय व्यवहारिकता के धरातल पर बेहद मजबूती से टिकते नजर आते हैं। 
डा. द्विवेदी ने  आगे कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय द्वारा एकात्म मानववाद का विकल्प उस कालखंड में दिया गया जब देश में समाजवाद, साम्यवाद जैसी आयातित विचारधाराओं का बोलबाला था। भारत में भारतीयता को पुनर्जीवित करने वाली विचारधारा की बजाय समाजवाद एवं साम्यवाद जैसी आयातित विचारधाराओं का बोलबाला होना भारतीयता के लिए अनुकूल नहीं था। पंडित जी ने भारत की समस्या को भारत के सन्दर्भों में समझकर उसका भारतीयता के अनुकूल समाधान देने की दिशा में एक युगानुकुल प्रयास किया। पंडित जी मानते थे कि राष्ट्र के निर्माण और उसकी मजबूती में उसकी विरासत के मूल्यों का बड़ा योगदान होता है। देश के आम जन जीवन की बेहतरी, आम जन-जीवन की सुरक्षा, आम जनता को न्याय आदि के संबंध में एक समग्र चिन्तन अगर किसी एक विचारधारा में मिलता है तो वो एकात्म मानववाद का विराट दर्शन है। पंडित जी द्वारा प्रदिपादित इस विचार दर्शन में ‘एकात्म’ का आशय अविभाज्य अथवा एकीकृत अवधारणा से है। वहीं मानववाद से आशय यह है कि सबकुछ मानव मात्र के कल्याण हेतु संचालित हो।
उन्होंने कहा कि समय की जरूरत थी कि, पंडित दीन दयाल जी द्वारा देश के राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक विकास की दिशा में दिए गये विचार दर्शन को सरकार की नीतियों में प्रमुखता से शामिल किया जाय। जब पंडित जी स्व की बात कर रहे थे तो उनका स्पष्ट दृष्टिकोण राष्ट्र की बहुमुखी आत्मनिर्भरता को स्थापित करना था। तत्कालीन दौर बेशक तकनीक के दौर वाले आधुनिक भारत से बेहद अलग था, मगर उनके स्व की अवधारणा का अगर मूल्यांकन करें तो उनकी दृष्टि में एक सक्षम भारत का भावी था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम कर रही भारत सरकार उसीदृष्टि को अपनी नीतियों में प्रमुखता से लागू कर रही है। आत्मनिर्भरता से अन्त्योदय की राह निकालने की दृष्टि के साथ काम कर रही भाजपा-नीत केंद्र सरकार की तमाम योजनाओं में अंतिम कतार के व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प और प्रतिबद्धता साफ दिखती है।
अगर हम केंद्र सरकार के एक कार्यक्रम मेक इन इण्डिया को ही उदाहरण के तौर पर लें तो यह कार्यक्रम वैश्वीकरण के इस दौर में भारत को निर्माण एवं रोजगार के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होने वाला कार्यक्रम है। सरकार उज्व्ाला योजना हर गरीब आदमी के घर को विकास की राह पर लाने वाली योजना है। हर गांव में बिजली देने की बात करना सरकार द्वारा पंडित जी के विचारों को जाग्रत करना ही माना जा रहा है। वर्तमान में जब केंद्र में उसी दल की सरकार है जिसकी नींव की पहली ईंट रखने में दीन दयाल उपाध्याय जी का महती योगदान था तो उनके विचारों का सरकार की नीतियों में व्यापक प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है। स्टार्ट-अप, स्टैंड-अप जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकार ने अंतिम व्यक्ति को सबल, सक्षम और स्वालम्बी बनाने की दिशा में कार्य को आगे बढ़ाया है। 
व्याअख्यान माला के विशिष्ट अतिथि डा अभय मणि त्रिपाठी ने कहा कि, पंडित जी का स्पष्ट मानना था कि जो व्यक्ति आर्थिक रूप से स्वतंत्र नहीं होता है वह राजनीतिक रूप से भी स्वतंत्र नहीं होता है। आज सरकार आम जन को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और स्वालम्बी बनाने की दिशा में जिन प्रयासों पर सतत काम कर रही है, वो वाकई इन्हीं विचारों से ओत-प्रोत नजर आते हैं। चूँकि भारत की अर्थव्यवस्था के मूल में कृषि है लिहाजा पंडित दीन दयाल उपाध्याय कृषि सुधारों पर खास जोर देने की बात करते थे। वे कृषि में भारतीय कृषि के अनुरूप आधुनिकता का प्रवेश भी चाहते थे। वर्तमान केंद्र सरकार द्वारा कृषि सुधारों की दिशा में सॉयल हेल्थ कार्ड जैसी योजना को लाना यह प्रमाणित करता है कि सरकार कृषि सुधार को आधुनिक तकनीक के माध्यम से करने की दिशा में लगातार नवाचार कर रही है। पंडित जी ने सनातन भारतीय अर्थ चिंतन को एक युगानुकूल नाम दिया और उसे सहजता एवं सरलता के साथ लोगों को समझाने का प्रयास किया। 
व्याख्यानमाला की अध्यक्षता करते हुए पार्टी के प्रवक्ता डा चंद्र भूषण पांडेय ने कहा कि पुनर्जागरण के बाद भारत में तीन स्वदेशी राजनीतिक चिंतन का जो विकास हुआ है उसका आधार कही न कही भारत की पुरातन परम्परा को अवशेष हैं। इन तीनों में संस्कृति और धर्म का व्यापक स्थान है। उन तीन राजनीतिक आर्थिक चिंतन में गांधी, लोहिया और दीनदयाल का नाम आता है। इन तीनों चिंतन में भौतिक समृद्धि के साथ ही साथ आध्यात्मिक उन्नयन का भी समावेश है। यह तीनों चिंतन व्यक्ति को पूर्ण रूप से विकसित करने का चिंतन है। मैं तीनों ही चिंतन को समान मानता हूं लेकिन दीनदयाल जी का कालखंड बाद तक रहा और उनको अपने चिंतन को विकसित करने का थोड़ा समय भी ज्यादा मिला इसलिए इसे अन्य दो की अपेक्षा दीनदयाल जी को आधुनिक कहा जा सकता है। 
भाजपा के मुखपत्र कमल ज्योति द्वारा आयोजित तीन दिन के इस व्याख्यान माला का संचालन कमल ज्योति के प्रबंध संपादक राजकुमार ने किया। व्याख्यान माला में धर्मेन्द्र त्रिपाठी, शैलेन्द्र पांडेय, एडवोकेट परमिंदर सिंह, समीर तिवारी, इन्द्जीत आर्य,राजेश पांडेय, संजय गौड, श्रीकृष्ण दीक्षित, अर्पित पांडेय आशुतोष मिश्रा आदि मौजूद रहे।

  


जर्मनी मे पेंशनर दो वर्षो तक मृत पड़ा रहा;मृत्यु की किसी को भनक तक नही


जर्मनी:  एक एपार्टमेन्ट के घर मे जर्मन पेंशनर दो वर्षो तक मृत पड़ा रहा और इस मृत्यु की किसी को भनक तक नही लगी। यह दुःखद घटना दुईजबर्ग नगर की है।

 वास्तविकता मे क्या हुआ, इस व्यक्ति का न तो कोई मित्र था न ही कोई संबंधी ही जो इसके बारे मे पता लगा सकता। इस व्यक्ति के खाते से मकान का किराया दो वर्षो तक कटता रहा। इस पेशनभोगी की मृत्यु की किसी को खबर नही थी इसलिये यह खाते मे पेंशन प्राप्त करता रहा जिसका एक हिस्सा एपार्टमेन्ट के घर के किराये के  तौर पर कटता रहा।

मकान मालिक ने किराया बढ़ाने के लिये अपने इस किरायेदार को एक पत्र भेजा किन्तु उसे इसका कोई उत्तर नही प्राप्त हुआ। जब मकान मालिक इस व्यक्ति से किराये के सिलसिले मे मिलने गयाए तो किसी ने दरवाजा नही खोला। इससे मकान मालिक सतर्क हो गया और उसने आकष्मिक दरवाजा के लिये सहायता बुलाई।

 इन लोगो ने पेंशनर को एक कंकाल के रूप मे कम्बल के नीचे पाया। जांचकर्ताओं ने इस व्यक्ति की मृत्यु को मई 2015 के आसपास माना है।

मृतक एक अकेला जर्मन था जो इस घर मे रह रहा था, अन्य सभी बुल्गारिया के रहने वाले थे। अन्य किरायेदार 4 से 6 सप्ताह मे अपना आवास बदल देते थे इसी कारण इस व्यक्ति वहां अनुपस्थिति को किसी ने ध्यान नही दिया।

कुरुक्षेत्र गैंगरेप मामले के मुख्य आरोपी का शव भी बरामद ;दोनों हत्याओं का आरोपी कौन ?

हरियाणा, जींद गैंगरेप व हत्या मामले में नया मोड़ आ गया है. मिडिया के मुताबिक पुलिस को इस मामले के मुख्य आरोपित का शव मिला है. खबर के मुताबिक मंगलवार देर रात को कुरुक्षेत्र में आरोपित का शव सड़ी-गली हालत में मिला. उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने 15 जनवरी को मुहिम शुरू की थी.
न्यूज18 के मुताबिक कुरुक्षेत्र के एसएचओ दिलीप सिंह ने बताया कि शव तीन-चार दिन पुराना है. उन्होंने कहा, ‘हमें एक नहर के पास शव मिलने की जानकारी मिली थी. आरोपित के परिवार ने उसे पहचान लिया है. यह उसी लापता आरोपित का शव है. अभी पोस्टमॉर्टम होना बाकी है.’ मीडिया रिपोर्टों में आरोपित की उम्र 19 साल बताई जा रही है.
इस मामले मे इस मृतक को पुलिस 9 जनवरी से लापता एक दसवीं कक्षा की छात्रा की हत्या व गैंगरेप के मामले मे मुख्य आरोपित मानकर चलरही थी. 
 इस लड़की का शव जींद के बुड्ढाखेड़ा गांव के करीब रजवाहा से 15 वर्षीय पीड़िता का अर्धनग्न अवस्था में  12 जनवरी को बरामद किया गया था. शव के गले में लटके मिले लॉकेट के आधार पर जब इसकी सूचना आसपास के जिलों में भेजी गई तो पीड़िता की पहचान कुरुक्षेत्र की 10वीं की छात्रा के रूप में हुई. पीड़िता दलित समुदाय से थी. यह भी उल्लेखनीय है कि मृतका के पिता का कहना था कि पुलिस ने समय रहते कार्यवाही नही की जिससे उसकी पुत्री की यह स्थिति हुई।

पुलिस को  पता चला कि पीड़िता 9 जनवरी से ही लापता थी. पीड़िता के परिजनों ने झांसा थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी. पुलिस ने जींद से बरामद पीड़िता के शव का रोहतक में स्थित पी जी आई  हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम करवाया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो सामने आया, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है.
पोस्टमार्टम के मुताबिक, पीड़िता के साथ पहले गैंगरेप किया गया. उसके बाद उसके प्राइवेट पार्ट में नुकीली वस्तु डालकर उसे घोर यातना दी गई. पीड़िता की हत्या करने के बाद आरोपियों ने लड़की का शव एक नहर में फेंक दिया था. डॉक्टरों के मुताबिक पीड़िता के शरीर में कई जगह गंभीर 19 चोट के निशान मिले हैं. डॉ दत्तरवाल के मुताबिक इससे पीड़िता का लिवर भी फट गया था. इसके अलावा उसके चेहरे और मुंह के अंदर भी गंभीर चोटें पाई गई थीं. डॉ दत्तरवाल का कहना है कि यह वारदात तीन से चार लोगों द्वारा अंजाम दी गई है. इस बात की भी संभावना जताई गई है कि शायद पीड़िता को डुबोकर मारा गया हो.
इस  मामले की जाँच के लिए पुलिस की दो टीम बनायी  गयी है  देखना यह  है की पुलिस का पहला शक गलत निकला, किन्तु आगे  इस मामले में  दोनों हत्याओं के दोषियो तक पुलिस  कैसे पहुँचती है। 


फिलीपींस के टेमबिन तूफान से मरने वालो की संख्या १३६ हुई

फिलीपींस मिन्डानओ द्वीपके हिस्से मे टेमबिन तूफान
फिलीपींस के मिन्डानओ द्वीप के हिस्से मे टेमबिन तूफान इस शुक्रवार को सैलाब व बाढ़ लेकर आया यहां दो शहर तूबोड व पियागापा बुरी तरह तबाह हो गये कई घर बड़े पत्थरो के नीचे दब गये मरने वालो की संख्या 136 पहुच गई है।
80किलोमीटर प्रतिघंटे की हवा वाला टेमबिन मिन्डावाओ से गुजरा और यह दक्षिण की ओर बढ़ रहा है।
फिलीपींस एसी उष्णकटिबन्धीय आंधियो का हमेशा शिकार होता रहा है, किन्तु मिण्डानाओ प्रायः इससे बच जाता था।
टूबो पुलिस अधिकारी, जेरी परामी ने एएफपी को बताया कस्बे मे 19 लोगो की मृत्यु हो चुकी है। नदी के उफान से लगभग घर बह गये, गॉव का नामो निशान मिट गया।
रक्षक द्वारा दालामा गॉव मे फैले हुए कीचड़ से मृतकों की ्यरीर को खोजकर निकालने के प्रयास किये जा रहे है पीयगापो गॉव जो टूबो से 10 कीलोमीटर पूर्व मे है मे 10 लोग मारे गये है
मैने जीवन रक्षको को भेजा है किन्तु उन्हे शिलाखण्ड की बाधाओं  के कारण कोई सफालता नही मिल पा रही है, श्रीपद पकासुम ने बताया। सीबुको व सालुग कस्बे से अधिक  मौत की खबरें प्राप्त हो रहीं  है।

मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ का कार्य बहिष्कार; मुख्यद्वार पर एक दिवसीय धरना

कलेक्ट्रेट में धरने के दौरान कर्मचारी लखनऊ बृहस्पतिवार २१ दिसंबर २०१७ 
उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने आज लखनऊ कलेक्ट्रेट के परिसर के मुख्यद्वार पर एक दिवसीय धरना दिया। यह कार्यक्रम प्रान्तीय शाखा के आवाहन पर आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश शासन के एवं तहसील स्तर पर लम्बित मांगो के समर्थन मे करमचफर;कर्मचरियो ने  कार्य बहिष्कार कर धरने मे प्रतिभाग लिया।
 इस धरने के आयोजन के दौरान कलेक्ट्रेट संघ द्वारा एक ज्ञापन मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित करते हुए, "शासन के कर्मिक अनुभाग-1 द्वारा प्रदेश के समस्त विभागों के कर्मारियो व अधिकरियो की पदोन्नति के संबंध मे जारी दिशा निर्देश कि पदोन्नतियों द्वारा विभाग की रिक्तियो को एक माह के अवधि मे भर दिया जाय",  अनुपालन न किये जाने के विरोध मे दिया गया।
नरेन्द्र सिंह, संघ के अध्यक्ष, ने बताया 71पद मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, 13 पद वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व 126 पद प्रशासनिक अधिकारी के रिक्त चल रहे हैं उपरोक्त के साथ ही विभिन्न जनपदों मे वरिष्ठ सहायक प्रधान सहायक के पद रिक्त है किन्तु विभागीय चयन समिति अभीतक इन पदों की रिक्तियों का पदोन्नति करते हुए नही भर सकी हैं इससे कर्मचारियो मे घोर निरशा व असंतोष व्याप्त है। कर्मचारी इन पदोन्नतियों से वंचित व अपने अधिकार से उपेक्षित, कुंठित व आंदोलित हैं।
ज्ञापन के माध्यम से कलेक्ट्रेट संघ के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश  को अपनी मांगो पर शीघ्र विचार कर निर्णय लिये जाने की मांग की हैं। इस एक दिवसीय धरने को विभिन्न कर्मचारी नेताओं व राज्य कर्मचारी महासंघ उ0प्र0 के अध्यक्ष ने संबोधित किया।

अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद लखनऊ की बैठक का आयोजन

दिनाक 10 दिसम्बर 2017 दिन रविवार को ’अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद लखनऊ’ के तत्वाधान में जब्ती बाग हनुमान मंदिर राजाजीपुरम में एक मासिक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें हमारे संगठन के ’राष्ट्रीय महासचिव  पँ विनय मिश्र जी मुख्य अतिथि के रूप में आये’ ,गोष्ठी में समाज के विभिन्न वर्गों से लोग समिल्लित हुए कार्यक्रम में पँ रामचन्द्र तिवारी जी ,पँ जीवन तिवारी ,पँ सतीश तिवारी,पँ पवन तिवारी अखण्ड ,पँ साजन दीक्षित ,पँ राहुल शुक्ल ,पँ अनुराग पांडेय,पँ राम सागर शुक्ल ,पँ योगेश्वर तिवारी,पँ अखिलेश त्रिवेदी,पँ आशीष वाजपेयी,पँ रमापति दुबे जी,पँ दीपक कुमार पांडेय जी समेत अन्य लोगों भी सम्मिलित हुए, ’गोष्ठी का आज का विषय जनपद में कार्यकारिणी का विस्तार तथा ब्राह्मण उत्थान पर चर्चा रहा’ सर्वप्रथम भगवान परशुराम जी की प्रतिमा पर दीप प्रज्ववलित कर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कार्यक्रम की शुरुवात की गई ततपश्चत हमारे राष्ट्रीय महासचिव  विनय मिश्र  ने नव आगन्तुक सदस्यों समेत सभी बन्धुओ को संगठन के सात सूत्रीय संकल्प से अवगत कराया ब्राह्मण एकता के विषय पर सभी बन्धुओ ने अपने अपने विचार रखे तथा यह भी सुनिश्चित किया गया कि भविष्य कौन संगठन में किस प्रकार का दायित्व प्राप्त करने पर उसका निर्वहन कर सकता है अंत मे सभी पदाधिकारियों के नाम तथा उनके दायित्व को सुनिश्चित कर संगठन को वार्ड स्तर तक पहुँचॉने के लिए पुनः फिर एक बैठक का आयोजन करने का निश्चय कर बैठक को विराम दिया गया।