UPBIL/2018/70352

राज्य सभा सदस्यों से मानव तस्करी विधेयक (2018 ) लागू करने की अपील


आज दिनाक 10/12/2018 ह्यूमन लिबर्टी नेटवर्क के तत्वाधान में  मानवाधिकार दिवस पर माननीय राज्य सभा सदस्यों से मानव तस्करी (रोकथाम,संरक्षण और पुनर्वास) विधेयक (2018 ) लागू करने की अपील हेतु हस्ताक्षर अभियान गाँधी प्रतिमा जी.पी.ओ. हजरतगंज क्षेत्र में चलाया गया. 
इस अभियान में लगभग 1500 लोगो ने हस्ताक्षर कर अपना सहयोग दियाह्यूमन लिबर्टी नेटवर्क उत्तर प्रदेश के स्टेट एडवोकेसी कोऑर्डिनेटर राजेंद्र कुमार ने बताया की राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्डस ब्यूरो के अनुसार 2014 में 5,466 मामलों की तुलना में 2015 में मानव तस्करी के कुल 6,877 दर्ज किये गए थे 2016 में मानव तस्करी के 8,132 मामले थे और यह स्पष्ट संकेत देता है कि भारत में मानव तस्करी की निरंतर व्रद्धि हुयी है। अतः हमारे देश में मानव तस्करी को रोकने के लिए इस विधेयक को लाना अत्यंत आवश्यक हैं।
 ह्यूमन लिबर्टी नेटवर्क दुय्रा ये अभियान दिसंबर से लखनऊआगरा इलाहाबादवाराणसी और आज़मगढ़ में चलाया जा रहा है और इस दौरान 30000 से अधिक लोगो ने अपने  हस्ताक्षर किये और इस बिल को पास कराने के लिए अपनी सहमति दी।  
 मानव तस्करी (रोकथाम, संरक्षण और पुनर्वास) विधेयक (2018 ) में बहुत सारी विशेषताए है – बिल का लक्ष्य मानव तस्करी की एक विस्तृत श्रंखला को कवर करना है जिसके शुरुआत में जबरदस्ती मजदूरी कराना भी  शामिल है , शादी के लिए बच्चे और महिलाओ की तस्करी। यह तस्करी के विभिन्न रूपों के लिए दंड भी देता हैं , इसमे 10 साल की कारावास से जीवन कल की कारावास तक का प्रावधान है, यह बिल इस दुष्कृत्य से बचाए गए पीडितो को भी राहत प्रदान करता है.  ,इस बिल में पहली बार पुनर्वास निधि प्रदान करने की व्यवस्था हैबिल में पीडितो की गोपनीयता रखने पर भी व्यवस्था है और ये बिल जिलाराज्य और राष्टीय स्तर पर एक संस्थागत तन्त्र प्रदान करता है।
 उपरोक्त अभियान में स्वयं सेवीस्थानीय नागरिकस्वयं सेवी संगठनविद्यार्थीमीडियादैनिक यात्री , चाइल्ड लाइन, बढ़ते कदम के सदस्यों , सरकारी अधिकारी एवं अन्य लोगों ने भाग लिया



अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर जागरूकता रैली का आयोजन


10 दिसंबर 2018 लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर मानव अधिकार को लेकर संवाद एवं जागरूकता रैली का आयोजन तेलीबाग लखनऊ में किया गया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए फोरम के सचिव अमित ने मानव अधिकार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे संविधान में गरिमा की सुरक्षा का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, मजदूरों के अधिकार, भूमि का अधिकार, वस्त्र का अधिकार, भोजन एवं दवा के अधिकार और पुलिस उत्पीड़न से बचाव की जानकारी देते हुए सभी को मुफ्त विधिक सहायता के बारे विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित समुदाय को यह भी बताया कि हर मानव को भोजन की जितनी आवश्यकता, आवास एवं कृषि के लिए पर्याप्त भूमि तथा शिक्षा का अधिकार भी मानवीय अधिकारों में शामिल है। इसके साथ हीं मनुष्य को जरूरत के अनुसार दवा की आपूर्ति भी मूल अधिकार है। कोई भी मनुष्य यदि किसी तरह की मजदूरी कर रहे हैं और सही समय पर पर्याप्त मजदूरी नहीं मिलती है तो यह  भी उत्पीड़न के दायरे में आता है। 
 एचआरएमएफ के सदस्य एडवोकेट बिरेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि मानव अधिकारों को पहचान देने, मानवाधिकारों को अस्तित्व में लाने तथा मानवाधिकारों के लिए जारी हर लड़ाई को ताकत देने के लिए हर साल 10 दिसंबर को अंतरराष्‍ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है। 
उन्‍होंने कहा कि दुनियाभर में मानवता के खिलाफ हो रहे जुल्मों-सितम को रोकने तथा उसके खिलाफ संघर्ष को नई परवाज देने में इस दिवस की महत्वपूर्ण भूमिका है।
 अमलतास संस्था के सचिव अजय शर्मा ने कहा कि आज पूरे विश्व में मानवाधिकारों का हनन हो रहा है। इसका प्रमुख कारण मानव अधिकारों के प्रति अनभिज्ञ होना है। सरकार को चाहिए कि मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता अभियान चलाएं।
 सामाजिक कार्यकर्ता डा. अवधेश कुमार ने कहा कि वर्तमान में दलित और वंचित तबकों के ऊपर हो रहे सुनियोजित हमले इन समाजों के अधिकारों का सीधे सीधे अधिग्रहण करना है।
उन्होंने कहा कि आज यह जरूरी है कि यह सभी तबके एकजुट होकर अपने हकों के लिए संघर्ष करें।
फोरम के यूथ विंग की अध्यक्ष सिमरन ने महिलाओं को सशक्त करने को महिला शिक्षा की यथार्थ रूप में गुणवत्ता और अधिकारों की जानकारी दी। 
साथ साथ सिमरन ने सभी को महिला मानव अधिकारों की सुरक्षा करने की शपथ दिलाई। 
 फोरम के लखनऊ मंडल अध्यक्ष मुन्ना प्रजापति ने कहा कि संसार का कोई भी धर्म किसी बेगुनाह इंसान को मारने की इजाजत नहीं देता है लेकिन कुछ लोग आज अपना स्वार्थ साधने के लिए धर्म का सहारा लेकर खुलेआम लोगों के अधिकारों का कत्ल कर रहे हैं और इंसान से उसके जीने का अधिकार छीन रहे है।
संवाद में सर्वेश कुमार, मेहदी, रीना, नितिन गुप्ता, सोनी गौतम सहित अन्य साथियों ने अपनी बात रखी।
 फोरम के सदस्य संजय भारती और रामेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में कार्यक्रम स्थल तेलीबाग लेबर मंडी से तेलीबाग बाजार तक एक जागरूकता रैली निकाली गई जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया जो पूरे तेलीबाग बाजार में मानव अधिकारों का संदेश दिया।

एक ऐसा नेता जिसका विश्वास आज भी हिन्दू समाज में कायम है -- कोई दूसरा विकल्प बीजेपी नहीं पा सकी

अयोध्या आंदोलन ने बीजेपी के कई नेताओं को देश की राजनीति में एक पहचान दी, लेकिन राम मंदिर के लिए सबसे बड़ी कुर्बानी पार्टी नेता कल्याण सिंह ने दी. बीजेपी के इकलौते नेता थे, जिन्होंने  6 दिसंबर 1992 में अयोध्या में बाबरी विध्वंस के बाद अपनी सत्ता को बलि चढ़ा दिया था. राम मंदिर के लिए सत्ता ही नहीं गंवाई, बल्कि इस मामले में सजा पाने वाले वे एकमात्र शख्स हैं.इससे एक ओर इस पार्टी में इनकी विश्वसनीय  हिन्दू  शाख आम लोगो के बीच बानी, दूसरी ओर  इनके कद को पार्टी के लोग, हजम नहीं कर पा रहे थे. इन्होने हिन्दू एवं के बीच वह मुकाम कर लिया था या आज भी है -- को बनाने का किसी को मौका ही नहीं मिला।    
बता दें कि कल्याण सिंह का जन्म 5 जनवरी 1932 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुआ था. बीजेपी के कद्दावर नेताओं में शुमार होने वाले कल्याण सिंह मौजूदा समय में राजस्थान के राज्यपाल हैं. एक दौर में वे राम मंदिर आंदोलन के सबसे बड़े चेहरों में से एक थे. उनकी पहचान हिंदुत्ववादी और प्रखर वक्ता की थी.
30 अक्टूबर, 1990 को जब मुलायम सिंह यादव यूपी के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने कारसेवकों पर गोली चलवा दी थी. प्रशासन कारसेवकों के साथ सख्त रवैया अपना रहा था. ऐसे में बीजेपी ने उनका मुकाबला करने के लिए कल्याण सिंह को आगे किया. कल्याण सिंह बीजेपी में अटल बिहारी बाजपेयी के बाद दूसरे ऐसे नेता थे जिनके भाषणों को सुनने के लिए लोग बेताब रहते थे. कल्याण सिंह उग्र तेवर में बोलते थे, उनकी यही अदा लोगों को पसंद आती.
कल्याण सिंह ने एक साल में बीजेपी को उस मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया कि पार्टी ने 1991 में अपने दम पर यूपी में सरकार बना ली. कल्याण सिंह यूपी में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बने. सीबीआई में दायर आरोप पत्र के मुताबिक मुख्यमंत्री बनने के ठीक बाद कल्याण सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ अयोध्या का दौरा किया और राम मंदिर का निर्माण करने के लिए शपथ ली.
कल्याण सिंह सरकार के एक साल भी नहीं गुजरे थे कि 6 दिसंबर, 1992 को अयोध्या में कारसेवकों ने विवादित ढांचा गिरा दिया. जबकि उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में शपथ पत्र देकर कहा था कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में, वह मस्जिद को कोई नुकसान नहीं होने देंगे. इसके बावजूद 6 दिसंबर 1992 को वही प्रशासन जो मुलायम के दौर में कारसेवकों के साथ सख्ती बरता थामूकदर्शक बन तमाशा देख रहा था.
सरेआम बाबरी मस्जिद विध्वंस कर दी गई. इसके लिए कल्याण सिंह को जिम्मेदार माना गया. कल्याण सिंह ने इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए 6 दिसंबर, 1992 को ही मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया. लेकिन दूसरे दिन केंद्र सरकार ने यूपी की बीजेपी सरकार को बर्खास्त कर दिया.
कल्याण सिंह ने उस समय कहा था कि ये सरकार राम मंदिर के नाम पर बनी थी और उसका मकसद पूरा हुआ. ऐसे में सरकार राममंदिर के नाम पर कुर्बान. अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराए जाने और उसकी रक्षा न करने के लिए कल्याण सिंह को एक दिन की सजा मिली.
बाबरी मस्जिद ध्वंस की जांच के लिए बने लिब्राहन आयोग ने तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी नरसिम्हा राव को क्लीन चिट दी, लेकिन योजनाबद्ध, सत्ता का दुरुपयोग, समर्थन के लिए युवाओं को आकर्षित करने, और आरएसएस का राज्य सरकार में सीधे दखल के लिए मुख्यमंत्री कल्याण और उनकी सरकार की आलोचना की. कल्याण सिंह सहित कई नेताओं के खिलाफ सीबीआई ने मुकदमा भी दर्ज किया है.
बता दें कि 26 साल पहले अयोध्या में जो भी हुआ वो खुल्लम-खुल्ला हुआ. हजारों की तादाद में मौजूद कारसेवकों के हाथों हुआ. घटना के दौरान मंच पर मौजूद मुरली मनोहर जोशी, अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, विष्णु हरि डालमिया, विनय कटियार, उमा भारती, साध्वी ऋतम्भरा और लालकृष्ण आडवाणी के सामने हुआ. इनसे मस्जिद को बचाने का रोकने का जिम्मा कल्याण सिंह पर था.
बीजेपी की आज जो भी सियासत हैं वह राम मंदिर आंदोलन की देन है. इसके लिए लालकृष्ण आडवाणी के साथ-साथ कल्याण सिंह की अहम भूमिका रही है. इसी अयोध्या की देन है कि आज नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं. लालकृष्ण आडवाणी ने जब सोमनाथ से अयोध्या के लिए रथयात्रा निकाली थी तो नरेंद्र मोदी उनके सारथी थे. इसके बाद 2002 में गोधरा में ट्रेन की जो बोगी जलाई गई उसमें मरने वाले भी वो कारसेवक थे, जो अयोध्या से लौट रहे थे. इसके बाद गुजरात में दंगा हुआ और नरेंद्र मोदी का उभार हुआ.
तो क्या  अब उत्तर प्रदेश एक कल्याण सिंह जैसे किसी नेता  को भविष्य की  बीजेपी में पैदा कर पाएगी यहाँ तो यह भी  धारणा है की कोई भी व्यक्ति जन्म लेता है तो वहां  की उत्पन्न स्थिति उसे पैदा करती  है. किन्तु यहाँ जरूरी नहीं है कि  ऐसा नेता अब बीजेपी में ही आएगा ; परिस्थितयां  उसे किसी अन्य पार्टी में भी उत्पन्न  कर सकती है। फ़िलहाल  मुद्दे  जनता की आस्था अथवा मांग से जुड़े होंगे, एवं इसको  लेकर  आंदोलित  जनता की कार्यवाही, किसी ऐसे नेता को उत्पन्न करेगी ; किसे? भविष्य बताएगा!      


अफ़सोस हम न होंगे नाटक का लखनऊ में मंचन


अफ़सोस हम ना होंगे के लेखक रणवीर सिंह ने अपनी इस कहानी में दाम्पत्य जीवन में वहम को लेकर कुछ इस अंदाज़ में दर्शाया है जो जीवन का सत्य है की अगर किसी व्यक्ति के मन में अपनी बिमारी को लेकर शक पैदा हो जाये और उसे ये महसूस होने लगे की उसकी मत्यु करीब है तो उसके जीवन में उथल पुथल मच जाती है और वो अपने जीवन में होते उथल पुथल को ज़िन्दगी और मौत के बीच अपने दाम्पत्य जीवन में परिवार के प्रति अपनी ज़िम्मेदारियों को निभाने का प्रयास करते कहना और दुसरो को इसका एहसास न होने देना अपने कर्त्तव्य का निर्वाह करते रहना बताना मक़सद है इस कहानी दाम्पत्य जीवन के सुखद सम्बन्धो में जब वहम की दरार पड़ जाये तो व्यंग और हास्य के सेतु से उसके मधुर फूल कगारों को फिर से पंहुचा जा सकता है इस कहानी के नायक और नायिका के बीच कुछ ऐसा ही देखने को मिला है 
निर्देशकीय उवाच  
निर्देशक मै मोहम्मद फुज़ैल से आप सभी भलिभांति परिचित हैं मेरे द्वारा निर्देशित नाटक समय समय पर मंचन किये जाते रहे है मुझे आगे बढ़ने में आप सभी का आपार स्नेह वा सहयोग रहा है आप लोगो के स्नेह ने ही एक बार फिर इस नाटक अफ़सोस हम ना होंगे का निर्देशन करने के लिए प्रेरित किया है आशा है की एक बार फिर इस हास्य नाटक के द्वारा मनोरंजन पूर्ण रूप से सफल रहा  इस नाटक के माध्यम से दाम्पत्य जीवन में होने वाली किसी भी व्यक्ति के मन शक की विपरीत परिस्थितियों का दर्शन कराया गया है और इसी परिस्थितियों को हास्य रूप से पिरोकर आप लोगो के मनोरंजन की भरपूर चेष्टा की है आपके सहयोग एवं आशीर्वाद का आशा के साथ 

आजादी की लड़ाई की कांग्रेस और आज की कांग्रेस ने जमीन आसमान का फर्क है:डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष


लखनऊ 04 दिसम्बर 2018, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा भाजपा से देश को खतरा बताये जाने पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल के नेतृत्व वाली कांग्रेस में पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान जाकर आतंकी घटनाओं को अंजाम देने वालों से गलबहिया करते है और जब वापस भारत लौटते है तो राहुल जी का अपना कैप्टन बताते है। उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई मंे शामिल रही कांग्रेस और आज की कांग्रेस ने जमीन आसमान का फर्क है।
सोनिया-राहुल की कांग्रेस वोट बैंक के लालच में किसी का भी साथ ले सकती है। परिवारवाद में फंसी कांग्रेस एक प्राइवेट लिमिटेेड कम्पनी बन गयी है जो न देश का भला करेगी न जनता का।
डा0 पाण्डेय ने राजस्थान चुनाव में भाजपा की शानदान विजय का दावा करते हुए कहा कि राज्य की भाजपा सरकार के कार्यकाल में राजस्थान ने विकास के नये आयामों पर पहुंचा है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आज राजस्थान विधानसभा के चुनावों में प्रचार के दौरान जोधपुर में विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। 
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा0 महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने कहा कि देश की सत्ता में सर्वाधिक समय तक कांग्रेस पार्टी ने शासन किया और पीढ़ी दर पीढ़ी अमेठी संसदीय क्षेत्र से राहुल गांधी उनकी माँ सोनिया गांधी और पिता स्वर्गीय राजीव गांधी सांसद रहे लेकिन अमेठी का विकास नहीं हो सका। वही राहुल गांधी आज चुनाव प्रचार में घूम-घूम कर विकास की बाते कर रहे है।
उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राहुल गांधी बिना तथ्यों के झूठ बोलकर चुनाव जीतना चाहते है।
डा0 पाण्डेय ने कहा कि भाजपा अपने कुशल नेतृत्व माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लगातार जीत के कीर्तिमान स्थापित कर रही है।
वही कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में हार के कीर्तिमान स्थापित कर रही है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और सोनिया गांधी चाहे जितने जतन कर रहे देश की जनता कभी भी राहुल गांधी को अपना नेता नहीं स्वीकार कर सकती है।
प्र्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा0 पाण्डेय ने राजस्थान की जनता से अपील की कि देश के विकास में और पूरे विश्व में भारत को एक सशक्त राष्ट्र के रूप में पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के हाथों को मजबूत करने के लिए राजस्थान में भी भाजपा को फिर से विजयी बनाये। ताकि जो विकास का पहिया तेजी से घूम रहा है उसकी रफ्तार लगातार कायम रहे।

बुलन्दशहर में आक्रोशित भीड़ द्वारा पुलिस इंस्पेक्टर एवं युवक की हत्या का कांग्रेस द्वारा राज्य की राजधानी में विरोध


सुचित बाजपेई; लखनऊ  
उत्तर प्रदेश की आदित्यनाथ योगी सरकार का शासन-प्रशासन पर कोई प्रभाव या नियंत्रण नहीं बन पा रहा है; परिणामस्वरूप पूरी व्यवस्था जंगलराज में परिवर्तित होती जा रही है ऐसे में न तो आम आदमी का जीवन सुरक्षित रह गया है और न ही सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वालों का जीवन ही  सुरक्षित है।

 0प्रकांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता बृजेन्द्र कुमार सिंह ने आज जारी बयान में कहा कि कल बुलन्दशहर के चिगरावटी में जिस प्रकार आक्रोशित भीड़ ने सुनियोजित तरीके से कर्तव्यनिष्ठ जांबाज पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह और एक प्रतिभाशाली युवक सुमित कुमार की हत्या कर दीइस बात का प्रमाण है कि भारतीय जनता पार्टी और उसके संगठन जिस अराजक समाज की स्थापना करना चाहते थे वह अपनी चरम पर है।
इसका सबसे जीता जागता सबूत प्रशासन द्वारा प्राथमिक जांच में ही सामने आया जब इस जघन्य घटना को अंजाम देने वाले सारे के सारे लोग विश्व हिन्दू परिषदबजरंग दलभाजपा युवा मोर्चा जैसे संगठनों से जुड़े हुए लोग निकले जो अलग-अलग स्तर पर उक्त संगठनों के महत्वपूर्ण पदस्थ लोग हैं।
यह इस बात का प्रमाण है कि भाजपा और संघ एवं उसके अनुषांगिक संगठन हमारे सहिष्णु उत्तर प्रदेश को अराजकता की प्रयोगशाला बनाना चाहते हैंजो किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार नहीं है। 
 इसी प्रकार लखनऊ में श्री प्रत्युषमणि त्रिपाठी की हत्या भी प्रशासन की अक्षमता का नतीजा है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इतनी बड़ी घटना घटने के बाद कल से आज तक हमारे माननीय मुख्यमंत्री जी एक भी निन्दा शब्द नहीं बोल सके और वह अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में ही व्यस्त रहे। 
प्रवक्ता ने आगे कहा कि जब भी कोई सरकार भीड़ तन्त्र को प्रश्रय देती है तो अराजक समाजअराजक राज्य में परिवर्तित हो जाता है। राज्य के मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ जी एक मठाधीश रहे हैं जो इससे ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं। राज्य प्रशासन चलाना एक अलग प्रकार की जिम्मेदारी है जो पिछले 19 महीनों में एक बार भी प्रकट नहीं हुई। 
जिसका परिणाम होता है कि जब भी हमारे प्रदेश का कोई युवा सरकार से रोजगार के सम्बन्ध में अपनी मांगों को लेकर बात करने आता है तो उसके ऊपर लाठीचार्ज होता है और वाटर कैनन छोड़ा जाता है। 
उसी प्रकार कोई कर्मचारी या अधिकारी अपनी बात कहना चाहता है तो जनप्रतिनिधियों या जिम्मेदार लोगों द्वारा उसे प्रताड़ित किया जाता है ऐसे में हमारे प्रदेश का हर समाज अपने आपको पीड़ित, असहाय व ठगा हुआ महसूस कर रहा है और ऐसे नकार सरकार से निजात पाने के लिए छटपटा रहा है। 
कांग्रेस पार्टी ऐसे अक्षम और निरंकुश मुख्यमंत्री से त्यागपत्र की मांग करती है जो न तो अपने भोलीभाली निरीह जनता का और न ही अपने कर्तव्यनिष्ठ पुलिस के जवानों की हिफाजत करने में समक्ष हैं।
उन्होंने आगे कहा ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। 
बुलन्दशहर में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह एवं सुमित कुमार की हत्या तथा लखनऊ में भाजपा कार्यकर्ता प्रत्युषमणि त्रिपाठी की हत्या की घटना को लेकर आज जीपीओ पर कांग्रेसजनों ने हाथों में कैंडिल लेकर मृतक आत्मा के प्रति संवेदना व्यक्त किया। 

कांग्रेस

राष्ट्रपिता बापू के देश की साझी विरासत को कायम रखना हमारी जिम्मेदारी :तारिक़ अनवर,कांग्रेस

लखनऊ के सहकारिता भवन में इस बृहस्पतिवार को आयोजित आल इंडिया कौमी तंजीम उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में कौमी एकता कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए तारिक़ अनवर, पूर्व केंद्रीय एग्रीकल्चरल मंत्री,  ने कहा कि देश की तरक्की के लिए राष्ट्रीय एकता सबसे बड़ा पहलू  है।  इसे  अपनाकर ही हम एक ख़ूबसूरत हिंदुस्तान  निर्माण कर सकते है जो आज की सबसे बड़ी जरुरत  है।  इस काम के लिए आज की युवा पीढ़ी को सबसे आगे आना होगा , उन्हें प्यार मुहब्बत को अपना हथियार बना कर  अच्छी बातों को आम लोगो तक पहुंचना  होगा।
राष्ट्रपिता महात्मागाँधी  की 150 वी  जयंती को पूरे देश में राष्ट्रीय एकता  के रूप में मनाने  का एलान कर चुके   तारिक़ अनवर ने कहा  की आज बापू की सत्य अहिंसा  व शांति  वाली विचारधारा  की ही जरूरत है।  आज मजहबी उन्माद पैदा करके बेगुनाहो का खून बहाया जा रहा है।  मुल्क की साझी विरासत पर हमला हो रहा है।  जिस देश से मुहब्बत का  पैगाम सारी  दुनिया को  जाता है।  आज उस देश की गंगा जमुनी तहजीब को ख़त्म करने पर उतारू लोग देशभक्त नहीं देश  के दुश्मन है।  उन्होंने कहा की  राष्ट्रपिता बापू  ने देश की साझी विरासत को कायम रखने की बात कही तो उन्हें शहीद कर दिया गया , लेकिन उनके विचार  राष्ट्रीय एकता  को हमेशा मजबूती देंगे।  उन्होंने कौमी तंजीम के लोगो को  मशाल जलाकर देश को रोशन करने का आह्वान किया। 
संयोजक कौमी तंजीम के प्रदेश अध्यक्ष  फजले मसूद पूर्व विधयक ने अपनी सदारती  तक़रीर में कहा कि  साम्प्रदायिक शक्तिया, घृणा की राजनीति  कर के, अमन चैन ख़त्म कर देना चाहती है।  यहाँ तक कि गोडसे की विचारधारा  का महिमामंडन किया जा रहा है।  ऐसे में कौमी तंजीम के लोग बापू के विचारो को जन-जन तक पहुँचाने का काम करेंगे।
मनकामेश्वर मंदिर महन्त, दिव्या गिरि , इस कार्यक्रम में उपस्थित थी।  उन्होंने अपनी एकता की बात  रखने के लिए एक कहानी को सुना कर बताया ; उन्होंने कहा : एक घर में रात्रि में चोर घुस आये ,उन्होंने उस घर की सारी  सामग्री चोरी  कर ली, उस घर का एक छोटा बच्चा सारा मंजर देख रहा था। सुबह घर के लोग बड़े परेशान  थे की घर का सारा सामान चोरी हो गया।  बच्चे ने  डर  कर घर वालो को रात्रि का  सारा किस्सा सुनाया , तो घर वालों ने पूछा तुमने उस समय क्यों नहीं चिल्लाया
 पूर्व एग्रीकल्चरल  मंत्री  से प्रेसमैन टाइम्स के संवादाता ने कार्यक्रम के अंत में पूछा , वर्तमान एनडीए सरकार    ने एग्रीकल्चरल सेक्टर में रुपये 211694 करोड़  कार्यकाल 2014-19  के दौरान खर्च कररही है; जबकि यूपीए 2009-2014 कार्यकाल के दौरान  एग्रीकल्चरल सेक्टर में रुपये 121082 करोड़  बजट खर्च हुआ , दोगुने बजट के बावजूद  इस सेक्टर में इतना स्ट्रेस क्यों है
तारिक अनवर ने जवाब में कहा: यह तो  सरकार  ही  बताएगी; सही प्लानिंग  नहीं है; सही ढंग से योजना नहीं  बनायीं गयी; कहीं न कहीं उसके कार्यान्वन में  गलती है और  यह बात तो सभी लोग महसूस कर रहे हैं यह सरकार घोषणा में पीछे नहीं रहती  हैइसका प्रचारतंत्र बहुत मजबूत है, लेकिन जब  जमीन पर उसको पहुंचाने की बात होती है, तो वहां यह विफल हो जाती है -- फेल हो जाती है!  चाहे एग्रीकल्चर  या  किसी भी विभाग  में ले आप मोदी जी की सरकार कामयाब नहीं है.  

      




     ।