UPBIL/2018/70352

मोटरसाइकिल पर सवार रास्ते में जारहा व्यक्ति गड्ढे में गिरा;गंभीररूप से घायल


55  वर्षीय व्यक्ति  शुक्रवार की शाम को तालकटोरा रोड लखनऊ से गुजरते हुए  ब्रिज के लिए खम्भे खड़ा करने के लिए बनाई गयी खाई में जा  गिरा। 
अनुज श्रीवास्तव नमक व्यक्ति जब वह अपने घर की ओर मोटर साइकिल पर सवार होकर जा रहा था तभी रास्ते में सड़क पर  जगह -जगह पिलर खड़ा करने  लिए बनाये गए गड्ढे  में  जा गिरा, और उसे गंभीर चोटे आई। वहां पर मौजूद लोगो ने उसे बहार निकाला। 
यह ध्यान देने योग्य है कि लखनऊ तालकटोरा रोड पर फ्लाईओवर ब्रिज के निर्माण का कार्य तेजी से चल   रहा है।  इस कार्य  की  कार्यदायी संस्था  उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम है।  
पूछे जाने पर प्रत्यक्ष दर्शियों का कहना है की व्यक्ति नशे की  हालत में था ; उसका अपने दुपहिया वाहन  पर नियत्रण खो देने के कारण  उस गड्ढे में जा गिरा।  लोग उसे निकल कर नजदीक प्राइवेट अवतार हॉस्पिटल ले गए जहाँ  पर उसे प्राथमिक चिकित्सा सहायता  दी गयी। 
      

बीजेपी युवा कार्यकर्ता सम्मान समारोह का लखनऊ में आयोजन किया गया

बीजेपी युवा मोर्चा द्वारा बुधवार पूर्वाह्न युवा सम्मान समारोह लखनऊ के विशेश्वरैय्या हॉल में बड़े हर्सोल्लास के साथ मनाया गया।  इस समारोह के आयोजन में  बड़ी संख्या में नौजवनों की उपस्थिति रही।  कार्यक्रम का प्रारम्भ  मंच पर उपस्थित विधायक (नॉएडा ) पंकज सिंह, लखनऊ की मेयर ,संयुक्ता भाटिया , सुरेश चंद्र तिवारी ,पूर्व विधायक (कैंट ), मंत्री  मोहसिन रजा एवं टिंकू सोनकर  ने इस कार्यक्रम को  द्वीप प्रज्वलित कर प्रारम्भ कराया।  
फैज़ाबाद जिले की  युवा मोर्चा नेत्री  नेहा सिंह ने इन सभी लोगो का  तिलक किया एवं इस कार्यक्रम में  बड़ी संख्या में नौजवानो ने स्वर्गीय अटलबिहारी बाजपेई , पूर्व प्रधान मंत्री , स्वर्गीय पंडित दीन दयाल उपाध्याय, एवं  स्वर्गीय श्यामा प्रसाद मुख़र्जी  की तस्वीरो पर पुष्प अर्पित किये।  

कर्मचारियों द्वारा पुरानी पेंशन की माँग को लेकर दो दिवसीय हड़ताल

क्षितिजकांत; लखनऊ  
राज्य कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश  केंद्रीय संगठनो औद्योगिक फेडरशनो एवं कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल का आयोजन किया।  इस हड़ताल में सरकार की जनविरोधी , मज़दूरविरोधी नीतियों के खिलाफ  देश के  केंद्रीय संगठन ,बीमा, रक्षा, रेलवे एवं राज्य सरकार कर्मचारियों ने भाग लिया।  यह संयुक्तमंच का आंदोलन  पिछले कई वर्ष से  मेहनतकश जनता की मांगो को लेकर किया जा रहा है। यह आंदोलन 8 व् 9  जनवरी 2019 को जारी रहेगा।    
प्रमुख मांग
1 . न्यूनतम वेतन  कानून में संशोधन  करते हुए  इसे सबके लिए लागू किया जाय।  सबके लिए न्यूनतम वेतन रूपए 18000 प्रतिमाह  से काम न हो  एवं इसे मूलसूचकांक से जोड़ा जय 
स्थाई / बारह मास के कामो के लिए ठेकेदारी प्रथा बंद हो।  ठेका मज़दूरों को  उद्योग / संस्थानों में  उनके जैसा काम  करने वाले  नियमित मज़दूरों  के बराबर वेतन एवं  सभी भत्ते व् लाभ दिए जाय।  
सबके लिए पेंशन सुनिश्चित की जाय. ईपीएफओ द्वारा सभी को  एक हजार की जगह  काम से काम छह हजार पेंशन दी  जाय।  
4 केंद्र एवं राज्य सरकार  कर्मचारियों की पुराणी पेंशन नीति बहाल जाय।  राष्ट्रीय  वेतन नीति  बनाते हुए  केंद्रीय  व् राज्य कर्मचरियो  को एक सामान वेतन  भत्ते दिए  जाय।  आउटसोर्सिंग / संविदा  मजदूरों को नियमित किया जाय।  
 इस प्रकार से 12 सूत्रीय  मांग पर राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार ,बैंक, एलआईसी विभिन्न विभाग के  तमाम संगठनो के कर्मचारी धरना प्रदर्शन को लेकर हरताल पर देखे गए।    

उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा मित्रों की भर्ती का कट ऑफ घटाए : यू पी कांग्रेस


प्रदीप सिंह, प्रवक्ता उत्तर प्रदेश कांग्रेस, ने आज जारी अपने एक बयान में कहा है कि भाजपा सरकार ने अपनी पूर्व की नीति पर चलते हुए प्रदेश के युवाओं को फिर से धोखा दिया। 
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा की शिक्षक पदों पर पूर्व की हुई भर्ती में जहां कट-आफ 45 और 40 नम्बर था जिसे स्वयं मुख्यमंत्री ने घटाकर 35 से 30 नम्बर किया और जो मा0 उच्च न्यायालय में चुनौती के बाद पुनः 45 और 40 नम्बर के आधार पर परिणाम घोषित किया गया -- इस 68 हजार की भर्ती में मात्र 40 हजार अभ्यर्थी ही पास हो पाये थे !
इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में हिन्दुस्तान कान्क्लेव लखनऊ में बोलते हुए राज्य के मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ जी ने 01 सितम्बर 2018 को कहा कि राज्य सरकार के पास नौकरियों की भरमार है, किन्तु हमारे राज्य में युवा काबिल ही नहीं हैं; एवं अपने वक्तव्य की पुष्टि में उन्होने घोषित रिजल्ट का हवाला दिया।
 सिंह ने आगे कहा की आज मात्र तीन महीने बाद ही कल सम्पन्न हुए 69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा जिसमें 4 लाख 15 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए हैं मुख्यमंत्री जी ने अपने पूर्व के कट आफ को बढ़ाते हुए 65 और 60 नम्बर कर दिया एक आश्चर्य है। 
इससे सरकार के खुद के घोषित फैसले पर सवाल खड़ा होता है कि क्या इन तीन महीनों में हमारे प्रदेश के युवाओं में योग्यता की क्षमता 20 प्रतिशत ऊपर चली गयी या उस समय मुख्यमंत्री जी का यह कहना कि हमारे उ0प्र0 के युवाओं में प्रतिभा की कमी है प्रदेश के युवाओं का अपमान था?
प्रवक्ता प्रदीप सिंह ने जारी बयान में आगे कहा कि शिक्षा मित्रों के साथ नई कट आफ लिस्ट घोषित होने के बाद सबसे बड़ा धोखा यह है कि माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद शिक्षा मित्रों को लगातार दो भर्तियों में मौका देना था और यह भर्ती उनके आखिरी मौके के रूप में थी। 
राज्य सरकार द्वारा निश्चित था या है कि शिक्षा मित्रों को प्रतिवर्ष सेवा का ढाई अंक और अधिकतम 25 अंक भारांक के रूप में दिया जायेगा। अभीतक यह उम्मीद थी कि इस शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा देने वाले शिक्षा मित्रों को 25 अंकों का भारांक मिलने के बाद नियुक्ति मिलनी तय है, लेकिन कट आफ जारी होने के बाद अब ऐसा नहीं होगा। 
लिखित परीक्षा में सफल होने वाले परीक्षार्थी ही शिक्षक भर्ती के पात्र होंगे। सरकार का यह आदेश माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय की अवमानना है। इसके साथ ही साथ शिक्षा मित्रों के साथ अब तक का सबसे बड़ा धोखा है।
कांग्रेस पार्टी शिक्षा मित्रों के साथ पूरी हमदर्दी रखती है और हर लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी तथा सरकार से मांग करती है कि भर्ती का कट आफ पूर्व की भर्ती के अनुसार 45 और 40 प्रतिशत ही रखा जाये।
 

बीजेपी ने कहा, 'सपा भ्रष्ट' तो सपा ने कहा, 'बीजेपी ने 5 हज़ार करोड़ सिर्फ प्रचार में खर्च क़िये'


  बीजेपी शासन काल में प्रदेश के किसान की हालत बदतर: उत्तर प्रदेश कांग्रेस

भारतीय जनता पार्टी  की  ओर  से  आये  बयान  में कहा  है कि सीबीआइ जांच में पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान अवैध खनन के जरिए भ्रष्टाचार की परतें अब खुलने लगी हैं। शनिवार को सीबीआइ ने जिस तरह से सपा सरकार के दौरान प्रमुख पदों पर तैनात आइएएस अधिकारी समेत खनन विभाग के कर्मचारियों, ठेकेदारों के ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई से पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की कार्यप्रणाली भी कठघरे में आ गई है।
पार्टी प्रदेश मुख्यालय पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश प्रवक्ता डा0 चन्द्रमोहन ने कहा कि श्री अखिलेश यादव को खुद के ऊपर उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए। आखिर उन्होंने अपने कार्यकाल में अधिकारियों, नेताओं को अवैध खनन की छूट क्यों दे रखी थी
प्रदेश प्रवक्ता डा0 चन्द्रमोहन ने आगे कहा कि श्री यादव को आभास है कि उनके कार्यकाल के दौरान यूपी में भ्रष्टाचार के मामले भाजपा सरकार में जरूर खुलेंगे क्योंकि यह सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। 
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मसले पर सीधे तौर पर खुद को घिरता देख श्री अखिलेश यादव बसपा से बेमेल गठबंधन करने को बेताब हो गए। श्री यादव ने अपने पांच साल के कार्यकाल में शायद ही कोई कार्यक्रम या आयोजन रहा हो जिसमें उन्होंने बसपा के शासनकाल में फैले भ्रष्टाचार का जिक्र न किया हो। 
प्रदेश प्रवक्ता ने आगे कहा कि इस तरह से सपा और बसपा का गठबंधन भाजपा सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के खिलाफ भ्रष्टाचारियों का गठबंधन है।
 उधर  उत्तर प्रदेश  कांग्रेस ने  योगी सरकार पर आरोप लगाया कि प्रदेश के किसान किन हालातों से गुजर रहे हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आगरा का किसान प्रदीप शर्मा 19 हजार किलो आलू बेंचकर महज 490 रूपया पाता है और वह इस रकम को प्रधानमंत्री को भेज देता है।
किसान कर्ज में इतना डूबा हुआ है कि वह अपनी जमीन बेंचने तक मजबूर है और प्रशासन कोई मदद नहीं कर रहा है।
यहाँ यह ध्यान देने योग्य है कि योगी सरकार ने 15 अरब रूपये  की निधि किसानो के ऋण मोचन की व्यवस्था पिछले वर्ष 2018 के माह दिसम्बर  में की है जिसे इसी वित्तीय वर्ष में किसानो पर खर्च करना है किन्तु कैसे ? यह  अन्वेषण का विषय है.   
0प्र0 कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता प्रियंका गुप्ता ने आज जारी अपने बयान में आगे कहा कि गन्ना किसान योगी सरकार में दोहरी मार झेल रहे हैं, एक तरफ किसानों का गन्ना मूल्य के बकाये का भुगतान नहीं हो रहा है और मुख्यमंत्री जी ने 30 नवम्बर 2018 तक किसानों को गन्ना भुगतान किये जाने का वादा किया था और अभी तक नहीं हो पाया है, जिसकी वजह से किसान कृषि कार्य में उपयोग किये गये विद्युत के मूल्य का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं जिसकी वजह से किसानों के बकाये बिजली मूल्य को लेकर विद्युत विभाग उनके बिजली का कनेक्शन काट रहा है और मुकदमें दर्ज कर रिकवरी की नोटिसें भेज रहा है जिससे किसान त्राहि-त्राहि कर रहा हैं। 
 श्रीमती गुप्ता ने कहा कि जबसे प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है चाहे वह बुन्देखण्ड के किसान हों, पूर्वांचल के किसान हों या पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हों, सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते लगातार आन्दोलित और आक्रोशित हैं। सरकार जहां गन्ना किसानों को उनके बकाये मूल्य का भुगतान दिलाने में विफल साबित हुई है वहीं आलू किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल रहा है जिसके चलते किसान त्राहि-त्राहि कर रहे हैं।
 सीबीआई छापे के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने जारी अपने वक्तव्य में कहा है कि जैसे-जैसे लोकसभा के चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं भाजपा विपक्ष के नेताओं को बदनाम करने के अभियान में जुट गई है। वह साजिश और फरेब के सहारे लोगों को भ्रमित करना चाहती है। लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं, सबके बारे में सब जानते हैं। भाजपा भी समझ रही है कि इस चुनाव में उसका सफाया होना तय है। जनता ने भी तय कर लिया है कि भाजपा की वादाखिलाफी और धोखाधड़ी को देखते हुए इस बार उसकी खैर नहीं। 
       श्री यादव आज पार्टी मुख्यालय, लखनऊ में कार्यकर्ताओं को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा भाजपा हमारे गठबंधन की खबरों से बुरी तरह परेशान हैं। आखिर भाजपा ने भी तो 40 दलों से गठबंधन किया है। इसी तरह सीबीआई का भी हौआ खड़ा किया जा रहा है। लोकसभा चुनाव में सीबीआई और गठबंधन का क्या सम्बंध है? भाजपा को हटाना है तो सीबीआई क्या करेगी? भाजपा के पास सीबीआई है तो हमारे पास गठबंधन है। सीबीआई के हर सवाल का जवाब देने के लिए मैं तैयार हॅू। वोट सीबीआई तो डालती नहीं, वोट तो किसान, श्रमिक, गरीब, नौजवान, महिलायें, व्यापारी और छोटे कारोबारी डालते हैं। 
       श्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपाराज में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। मंहगाई और भ्रष्टाचार रूकने का नाम नहीं ले रहा है। महिलाओं, बच्चियांे का जीवन असुरक्षित है। व्यापारी वर्ग परेशान है। भाजपाराज में सबका उत्पीड़न हो रहा है। नौजवानों के सपने टूट गए हैं। विकास अवरूद्ध है। किसान कर्ज में डूबे हैं। कानून व्यवस्था ध्वस्त है। भाजपा ने पांच हजार करोड़ रूपए सिर्फ प्रचार पर खर्च कर दिए। जनता की गाढ़ी कमाई का यह निर्लज्ज दुरूपयोग भाजपा कर रही है।
  

राज्य सभा सदस्यों से मानव तस्करी विधेयक (2018 ) लागू करने की अपील


आज दिनाक 10/12/2018 ह्यूमन लिबर्टी नेटवर्क के तत्वाधान में  मानवाधिकार दिवस पर माननीय राज्य सभा सदस्यों से मानव तस्करी (रोकथाम,संरक्षण और पुनर्वास) विधेयक (2018 ) लागू करने की अपील हेतु हस्ताक्षर अभियान गाँधी प्रतिमा जी.पी.ओ. हजरतगंज क्षेत्र में चलाया गया. 
इस अभियान में लगभग 1500 लोगो ने हस्ताक्षर कर अपना सहयोग दियाह्यूमन लिबर्टी नेटवर्क उत्तर प्रदेश के स्टेट एडवोकेसी कोऑर्डिनेटर राजेंद्र कुमार ने बताया की राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्डस ब्यूरो के अनुसार 2014 में 5,466 मामलों की तुलना में 2015 में मानव तस्करी के कुल 6,877 दर्ज किये गए थे 2016 में मानव तस्करी के 8,132 मामले थे और यह स्पष्ट संकेत देता है कि भारत में मानव तस्करी की निरंतर व्रद्धि हुयी है। अतः हमारे देश में मानव तस्करी को रोकने के लिए इस विधेयक को लाना अत्यंत आवश्यक हैं।
 ह्यूमन लिबर्टी नेटवर्क दुय्रा ये अभियान दिसंबर से लखनऊआगरा इलाहाबादवाराणसी और आज़मगढ़ में चलाया जा रहा है और इस दौरान 30000 से अधिक लोगो ने अपने  हस्ताक्षर किये और इस बिल को पास कराने के लिए अपनी सहमति दी।  
 मानव तस्करी (रोकथाम, संरक्षण और पुनर्वास) विधेयक (2018 ) में बहुत सारी विशेषताए है – बिल का लक्ष्य मानव तस्करी की एक विस्तृत श्रंखला को कवर करना है जिसके शुरुआत में जबरदस्ती मजदूरी कराना भी  शामिल है , शादी के लिए बच्चे और महिलाओ की तस्करी। यह तस्करी के विभिन्न रूपों के लिए दंड भी देता हैं , इसमे 10 साल की कारावास से जीवन कल की कारावास तक का प्रावधान है, यह बिल इस दुष्कृत्य से बचाए गए पीडितो को भी राहत प्रदान करता है.  ,इस बिल में पहली बार पुनर्वास निधि प्रदान करने की व्यवस्था हैबिल में पीडितो की गोपनीयता रखने पर भी व्यवस्था है और ये बिल जिलाराज्य और राष्टीय स्तर पर एक संस्थागत तन्त्र प्रदान करता है।
 उपरोक्त अभियान में स्वयं सेवीस्थानीय नागरिकस्वयं सेवी संगठनविद्यार्थीमीडियादैनिक यात्री , चाइल्ड लाइन, बढ़ते कदम के सदस्यों , सरकारी अधिकारी एवं अन्य लोगों ने भाग लिया



अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर जागरूकता रैली का आयोजन


10 दिसंबर 2018 लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर मानव अधिकार को लेकर संवाद एवं जागरूकता रैली का आयोजन तेलीबाग लखनऊ में किया गया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए फोरम के सचिव अमित ने मानव अधिकार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे संविधान में गरिमा की सुरक्षा का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, मजदूरों के अधिकार, भूमि का अधिकार, वस्त्र का अधिकार, भोजन एवं दवा के अधिकार और पुलिस उत्पीड़न से बचाव की जानकारी देते हुए सभी को मुफ्त विधिक सहायता के बारे विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित समुदाय को यह भी बताया कि हर मानव को भोजन की जितनी आवश्यकता, आवास एवं कृषि के लिए पर्याप्त भूमि तथा शिक्षा का अधिकार भी मानवीय अधिकारों में शामिल है। इसके साथ हीं मनुष्य को जरूरत के अनुसार दवा की आपूर्ति भी मूल अधिकार है। कोई भी मनुष्य यदि किसी तरह की मजदूरी कर रहे हैं और सही समय पर पर्याप्त मजदूरी नहीं मिलती है तो यह  भी उत्पीड़न के दायरे में आता है। 
 एचआरएमएफ के सदस्य एडवोकेट बिरेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि मानव अधिकारों को पहचान देने, मानवाधिकारों को अस्तित्व में लाने तथा मानवाधिकारों के लिए जारी हर लड़ाई को ताकत देने के लिए हर साल 10 दिसंबर को अंतरराष्‍ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है। 
उन्‍होंने कहा कि दुनियाभर में मानवता के खिलाफ हो रहे जुल्मों-सितम को रोकने तथा उसके खिलाफ संघर्ष को नई परवाज देने में इस दिवस की महत्वपूर्ण भूमिका है।
 अमलतास संस्था के सचिव अजय शर्मा ने कहा कि आज पूरे विश्व में मानवाधिकारों का हनन हो रहा है। इसका प्रमुख कारण मानव अधिकारों के प्रति अनभिज्ञ होना है। सरकार को चाहिए कि मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता अभियान चलाएं।
 सामाजिक कार्यकर्ता डा. अवधेश कुमार ने कहा कि वर्तमान में दलित और वंचित तबकों के ऊपर हो रहे सुनियोजित हमले इन समाजों के अधिकारों का सीधे सीधे अधिग्रहण करना है।
उन्होंने कहा कि आज यह जरूरी है कि यह सभी तबके एकजुट होकर अपने हकों के लिए संघर्ष करें।
फोरम के यूथ विंग की अध्यक्ष सिमरन ने महिलाओं को सशक्त करने को महिला शिक्षा की यथार्थ रूप में गुणवत्ता और अधिकारों की जानकारी दी। 
साथ साथ सिमरन ने सभी को महिला मानव अधिकारों की सुरक्षा करने की शपथ दिलाई। 
 फोरम के लखनऊ मंडल अध्यक्ष मुन्ना प्रजापति ने कहा कि संसार का कोई भी धर्म किसी बेगुनाह इंसान को मारने की इजाजत नहीं देता है लेकिन कुछ लोग आज अपना स्वार्थ साधने के लिए धर्म का सहारा लेकर खुलेआम लोगों के अधिकारों का कत्ल कर रहे हैं और इंसान से उसके जीने का अधिकार छीन रहे है।
संवाद में सर्वेश कुमार, मेहदी, रीना, नितिन गुप्ता, सोनी गौतम सहित अन्य साथियों ने अपनी बात रखी।
 फोरम के सदस्य संजय भारती और रामेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में कार्यक्रम स्थल तेलीबाग लेबर मंडी से तेलीबाग बाजार तक एक जागरूकता रैली निकाली गई जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया जो पूरे तेलीबाग बाजार में मानव अधिकारों का संदेश दिया।

एक ऐसा नेता जिसका विश्वास आज भी हिन्दू समाज में कायम है -- कोई दूसरा विकल्प बीजेपी नहीं पा सकी

अयोध्या आंदोलन ने बीजेपी के कई नेताओं को देश की राजनीति में एक पहचान दी, लेकिन राम मंदिर के लिए सबसे बड़ी कुर्बानी पार्टी नेता कल्याण सिंह ने दी. बीजेपी के इकलौते नेता थे, जिन्होंने  6 दिसंबर 1992 में अयोध्या में बाबरी विध्वंस के बाद अपनी सत्ता को बलि चढ़ा दिया था. राम मंदिर के लिए सत्ता ही नहीं गंवाई, बल्कि इस मामले में सजा पाने वाले वे एकमात्र शख्स हैं.इससे एक ओर इस पार्टी में इनकी विश्वसनीय  हिन्दू  शाख आम लोगो के बीच बानी, दूसरी ओर  इनके कद को पार्टी के लोग, हजम नहीं कर पा रहे थे. इन्होने हिन्दू एवं के बीच वह मुकाम कर लिया था या आज भी है -- को बनाने का किसी को मौका ही नहीं मिला।    
बता दें कि कल्याण सिंह का जन्म 5 जनवरी 1932 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुआ था. बीजेपी के कद्दावर नेताओं में शुमार होने वाले कल्याण सिंह मौजूदा समय में राजस्थान के राज्यपाल हैं. एक दौर में वे राम मंदिर आंदोलन के सबसे बड़े चेहरों में से एक थे. उनकी पहचान हिंदुत्ववादी और प्रखर वक्ता की थी.
30 अक्टूबर, 1990 को जब मुलायम सिंह यादव यूपी के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने कारसेवकों पर गोली चलवा दी थी. प्रशासन कारसेवकों के साथ सख्त रवैया अपना रहा था. ऐसे में बीजेपी ने उनका मुकाबला करने के लिए कल्याण सिंह को आगे किया. कल्याण सिंह बीजेपी में अटल बिहारी बाजपेयी के बाद दूसरे ऐसे नेता थे जिनके भाषणों को सुनने के लिए लोग बेताब रहते थे. कल्याण सिंह उग्र तेवर में बोलते थे, उनकी यही अदा लोगों को पसंद आती.
कल्याण सिंह ने एक साल में बीजेपी को उस मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया कि पार्टी ने 1991 में अपने दम पर यूपी में सरकार बना ली. कल्याण सिंह यूपी में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बने. सीबीआई में दायर आरोप पत्र के मुताबिक मुख्यमंत्री बनने के ठीक बाद कल्याण सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ अयोध्या का दौरा किया और राम मंदिर का निर्माण करने के लिए शपथ ली.
कल्याण सिंह सरकार के एक साल भी नहीं गुजरे थे कि 6 दिसंबर, 1992 को अयोध्या में कारसेवकों ने विवादित ढांचा गिरा दिया. जबकि उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में शपथ पत्र देकर कहा था कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में, वह मस्जिद को कोई नुकसान नहीं होने देंगे. इसके बावजूद 6 दिसंबर 1992 को वही प्रशासन जो मुलायम के दौर में कारसेवकों के साथ सख्ती बरता थामूकदर्शक बन तमाशा देख रहा था.
सरेआम बाबरी मस्जिद विध्वंस कर दी गई. इसके लिए कल्याण सिंह को जिम्मेदार माना गया. कल्याण सिंह ने इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए 6 दिसंबर, 1992 को ही मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया. लेकिन दूसरे दिन केंद्र सरकार ने यूपी की बीजेपी सरकार को बर्खास्त कर दिया.
कल्याण सिंह ने उस समय कहा था कि ये सरकार राम मंदिर के नाम पर बनी थी और उसका मकसद पूरा हुआ. ऐसे में सरकार राममंदिर के नाम पर कुर्बान. अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराए जाने और उसकी रक्षा न करने के लिए कल्याण सिंह को एक दिन की सजा मिली.
बाबरी मस्जिद ध्वंस की जांच के लिए बने लिब्राहन आयोग ने तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी नरसिम्हा राव को क्लीन चिट दी, लेकिन योजनाबद्ध, सत्ता का दुरुपयोग, समर्थन के लिए युवाओं को आकर्षित करने, और आरएसएस का राज्य सरकार में सीधे दखल के लिए मुख्यमंत्री कल्याण और उनकी सरकार की आलोचना की. कल्याण सिंह सहित कई नेताओं के खिलाफ सीबीआई ने मुकदमा भी दर्ज किया है.
बता दें कि 26 साल पहले अयोध्या में जो भी हुआ वो खुल्लम-खुल्ला हुआ. हजारों की तादाद में मौजूद कारसेवकों के हाथों हुआ. घटना के दौरान मंच पर मौजूद मुरली मनोहर जोशी, अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, विष्णु हरि डालमिया, विनय कटियार, उमा भारती, साध्वी ऋतम्भरा और लालकृष्ण आडवाणी के सामने हुआ. इनसे मस्जिद को बचाने का रोकने का जिम्मा कल्याण सिंह पर था.
बीजेपी की आज जो भी सियासत हैं वह राम मंदिर आंदोलन की देन है. इसके लिए लालकृष्ण आडवाणी के साथ-साथ कल्याण सिंह की अहम भूमिका रही है. इसी अयोध्या की देन है कि आज नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं. लालकृष्ण आडवाणी ने जब सोमनाथ से अयोध्या के लिए रथयात्रा निकाली थी तो नरेंद्र मोदी उनके सारथी थे. इसके बाद 2002 में गोधरा में ट्रेन की जो बोगी जलाई गई उसमें मरने वाले भी वो कारसेवक थे, जो अयोध्या से लौट रहे थे. इसके बाद गुजरात में दंगा हुआ और नरेंद्र मोदी का उभार हुआ.
तो क्या  अब उत्तर प्रदेश एक कल्याण सिंह जैसे किसी नेता  को भविष्य की  बीजेपी में पैदा कर पाएगी यहाँ तो यह भी  धारणा है की कोई भी व्यक्ति जन्म लेता है तो वहां  की उत्पन्न स्थिति उसे पैदा करती  है. किन्तु यहाँ जरूरी नहीं है कि  ऐसा नेता अब बीजेपी में ही आएगा ; परिस्थितयां  उसे किसी अन्य पार्टी में भी उत्पन्न  कर सकती है। फ़िलहाल  मुद्दे  जनता की आस्था अथवा मांग से जुड़े होंगे, एवं इसको  लेकर  आंदोलित  जनता की कार्यवाही, किसी ऐसे नेता को उत्पन्न करेगी ; किसे? भविष्य बताएगा!